जौनपुर: राष्ट्रीय अध्यापक पुरस्कार 2026 के लिए आवेदन शुरू, जानें नियम
जौनपुर के शिक्षकों के लिए बड़ा मौका: ‘राष्ट्रीय अध्यापक पुरस्कार 2026’ के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू, यहाँ जानें पात्रता और अंतिम तिथि”
जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : वरुण यादव की रिपोर्ट
शिक्षा के क्षेत्र में अपना उत्कृष्ट और अनुकरणीय योगदान देने वाले शिक्षकों के लिए एक बेहद अच्छी खबर है।
भारत सरकार द्वारा दिए जाने वाले प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रीय अध्यापक पुरस्कार 2026’ (National Teachers Award 2026) के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
‘The Politics Again’ की रिपोर्ट के अनुसार, जौनपुर के जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) ने शिक्षा निदेशक माध्यमिक (उ.प्र.) और स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग (नई दिल्ली) के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में एक आधिकारिक विज्ञप्ति (संख्या-07) जारी की है।
इसमें जनपद के सभी पात्र शिक्षकों और प्रधानाचार्यों से समय रहते आवेदन करने की अपील की गई है।
कौन कर सकता है आवेदन? (पात्रता की शर्तें)
इस राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए केवल वही शिक्षक पात्र होंगे, जो निम्नलिखित शर्तें पूरी करते हैं:
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राज्य सरकार, संघ शासित प्रदेश प्रशासन या स्थानीय निकायों द्वारा संचालित विद्यालयों के शिक्षक।
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सरकारी सहायता प्राप्त (Aided) विद्यालयों के शिक्षक।
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राज्य बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्ववित्त पोषित (Self-Financed) प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में नियमित रूप से कार्यरत शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक/प्रधानाचार्य।
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अनिवार्य शर्त: आवेदक शिक्षक या प्रधानाचार्य की सेवा के कम से कम 10 वर्ष पूर्ण हो चुके हों।
आवेदन कैसे करें?
जिला विद्यालय निरीक्षक ने अवगत कराया है कि इस पुरस्कार के लिए शिक्षक ‘स्वतः नामांकन’ (Self-Nomination) कर सकते हैं।
पात्र शिक्षकों को अपना आवेदन भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल nationalawardstoteachers.education.gov.in पर जाकर ऑनलाइन माध्यम से करना होगा।
नोट कर लें ये महत्वपूर्ण तिथियां
शिक्षकों को अंतिम समय की तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए तय समय-सीमा के भीतर ही फॉर्म भरने की सलाह दी गई है:
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ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की तिथि: 15 जून 2026 से 10 जुलाई 2026 तक
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आवेदन पत्र (फॉर्म) फाइनल सबमिट करने की अंतिम तिथि: 13 जुलाई 2026
शिक्षा विभाग ने जौनपुर जिले के सभी योग्य शिक्षकों से अधिक से अधिक संख्या में आवेदन करने का आह्वान किया है, ताकि उनके उत्कृष्ट कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके और जनपद का नाम रोशन हो।











