जौनपुर: गलत इलाज से 2 मौतें, शिवम क्लिनिक-किरण अस्पताल सील
जौनपुर में झोलाछाप और लापरवाह अस्पतालों पर DM का हंटर: गलत इलाज से 5 साल के बच्चे और गर्भवती महिला की मौत, ‘शिवम क्लिनिक’ व ‘किरण अस्पताल’ सील”
जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : वरुण यादव की रिपोर्ट
जिले में लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे झोलाछाप डॉक्टरों और लापरवाह निजी अस्पतालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है।
सोशल मीडिया के माध्यम से संज्ञान में आई शिकायतों और जिलाधिकारी महोदय के सख्त निर्देशों के बाद, प्रशासन ने शनिवार, 27 जून 2026 को बड़ी कार्रवाई करते हुए दो बड़े मेडिकल प्रतिष्ठानों को सील कर दिया है।
पहला मामला: गलत इंजेक्शन से 5 साल के मासूम की मौत, ‘शिवम क्लिनिक’ सील
जिला प्रशासन के अनुसार, सोशल मीडिया के जरिए एक बेहद गंभीर मामला सामने आया था, जिसमें आरोप था कि एक 5 वर्षीय मासूम बच्चे की कथित रूप से गलत इंजेक्शन लगाए जाने के कारण दर्दनाक मृत्यु हो गई।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल जांच और कार्रवाई के आदेश दिए। इसके बाद, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी और डिप्टी मुख्य चिकित्साधिकारी (डिप्टी सीएमओ) की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर आरोपी ‘शिवम क्लिनिक’ को तुरंत प्रभाव से सील कर दिया है।
दूसरा मामला: गर्भवती महिला की मौत, खुटहन का ‘किरण अस्पताल’ भी सील
प्रशासन का दूसरा बड़ा एक्शन तहसील शाहगंज के खुटहन थाना क्षेत्र स्थित खुटहन बाजार में ‘किरण अस्पताल’ पर हुआ।
उल्लेखनीय है कि 24 जून 2026 को इसी अस्पताल में इलाज के दौरान एक 29 वर्षीय गर्भवती महिला की तबीयत अचानक बेहद गंभीर हो गई थी।
स्थिति बिगड़ने पर घबराए परिजन उसे बेहतर इलाज के लिए जौनपुर स्थित एक अन्य निजी अस्पताल में ले गए, जहां इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया।
इस घोर लापरवाही पर कड़ा एक्शन लेते हुए आज (27 जून) किरण अस्पताल पर भी प्रशासन ने ताला जड़ दिया है।
अधिकारियों की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
इन दोनों प्रतिष्ठानों पर हुई कार्रवाई के दौरान स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन की टीम मुस्तैद रही। मौके पर डिप्टी सीएमओ, एमओआईसी (MOIC) खुटहन तथा थाना प्रभारी खुटहन सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रशासन की सख्त चेतावनी: ‘जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं’
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उक्त दोनों प्रकरणों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा सघन जांच और आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन ने जिले के सभी अस्पताल संचालकों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या झोलाछाप डॉक्टरों की संलिप्तता पाए जाने पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त विधिक कदम उठाए जाएंगे ताकि भविष्य में कोई भी मरीजों की जान के साथ खेलने की हिम्मत न कर सके।











