“बिहार के मोकामा में चुनाव प्रचार के दौरान जन सुराज पार्टी समर्थक दुलारचंद यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। समर्थकों ने आरोप लगाया कि गोली मारने के बाद उन पर गाड़ी चढ़ाई गई”
पटना 31 / 10 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट
बिहार विधान सभा चुनाव की सबसे हॉट सीट मोकामा विधानसभा की है। वहां से बाहुबली अनंत सिंह और बाहुबली सूरजभान सिंह दोनों एक दूसरे के आमने-सामने हैं। ये अलग बात है कि इस बार चुनावी मैदान में बाहुबली अनंत सिंह खुद हैं जबकि उधर से सूरजभान की पत्नी उम्मीदवार हैं।
इस बात की आशंका थी कि इन दोनों की तनातनी के बीच कुछ न कुछ बवाल जरुर होगा, लेकिन इस बीच आज जन सुराज प्रत्याशी के समर्थक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अब इस पर अनंत सिंह का बयान भी सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि मैंने कुछ नहीं करवाया है, यह सूरजभान का खेला है।
घटना घोसवरी इलाके में हुई, जहां जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी और JDU के उम्मीदवार अनंत सिंह के काफिले आमने-सामने आए थे। दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं के बीच विवाद के बाद फायरिंग हुई, जिसमें दुलारचंद को गोली लगी और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
जन सुराज कार्यकर्ताओं का आरोप है कि गोली मारने के बाद उनके ऊपर गाड़ी भी चढ़ाई गई। इस घटना के बाद इलाके में जबरदस्त तनाव है और भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई है। मोकामा में 6 नवंबर को मतदान होना है।
पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा ने बताया, ‘पुलिस को सूचना मिली कि मोकामा टाल इलाके में चुनाव प्रचार के दौरान एक उम्मीदवार के समर्थक की मौत हो गई।
घटना के सही कारण का अभी पता नहीं चल पाया है, क्योंकि शव पुलिस को नहीं सौंपा गया है। उसकी मौत गोली लगने से हुई या दुर्घटनावश हुई, इसका पता शव मिलने के बाद ही चल पाएगा।’
‘हमारे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला’
जन सुराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने एक बयान में कहा, ‘यह घटना ‘जंगलराज’ का डर दिखाकर वोट मांगने वालों के इशारे पर हुई है। यह हमारे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है।
हम मोकामा विधानसभा चुनाव के अपने उम्मीदवार प्रियदर्शी पीयूष के काफिले पर हुए हमले और उनके एक समर्थक की हत्या की कड़ी निंदा करते हैं। चुनाव प्रचार के दौरान हमला करना, प्रभुत्व दिखाने के लिए गोलियां चलाना और समर्थकों पर वाहन चढ़ाकर उनकी हत्या करना जघन्य अपराध है।’
अनंत सिंह ने लगाया सूरजभान पर आरोप
घटना के संबंध में बाहुबली अनंत सिंह की दलील है कि हमलोग टाल पर वोट मांग रहे थे। इस दौरान हमने देखा कि रास्ते में लगभग 100-150 गाड़ियां (जन सुराज) खड़ी हैं। मुझे देखकर वे लोग मुर्दाबाद-मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे, लेकिन हमलोगों ने इसपर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
हमलोग लगभग 40 गाड़ियों से आगे बढ़ते गये। इसी बाच जब हमारी लगभग 10 गाड़ियां गुजारनी शेष थी, तभी हमारे समर्थकों के साथ उन लोगों ने मारपीट करना शुरू कर दिया। हमारी गाड़ियों में तोड़-फोड़ करने लगे।
उन्होंने कहा कि सबसे पहले दुलारचंद ने ही हाथ चलाया, जिसके बाद यह घटना हुई है। अनंत सिंह ने सूरजभान सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह चाहता ही था कि किसी तरह का झगड़ा हो जाय।
ताकि चुनावी माहौल खराब हो सके। अनंत सिंह ने बताया कि दुलारचंद को सूरजभान ने अपना शागिर्द बनाकर अपने पास रखा था। वह दिनभर सूरजभान की गाड़ी चलाता था।
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