भारतीय नौसेना का स्वदेशी रूप से निर्मित सर्वे पोत आईएनएस इक्षक सेशेल्स के 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में हिस्सा लेने और समुद्री कूटनीति को मजबूत करने के लिए पोर्ट विक्टोरिया पहुंच गया है।
हिंद महासागर में भारत की बढ़ती धमक: सेशेल्स पहुंचा भारतीय नौसेना का स्वदेशी सर्वे पोत ‘आईएनएस इक्षक’, 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में होगा शामिल”
विक्टोरिया (सेशेल्स)/नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन
हिंद महासागर क्षेत्र (Indian Ocean Region) में अपनी सामरिक और कूटनीतिक उपस्थिति को और मजबूत करते हुए भारतीय नौसेना ने एक और बड़ा कदम उठाया है।
भारतीय नौसेना का पूरी तरह से स्वदेशी रूप से निर्मित अत्याधुनिक सर्वे पोत (SVL) ‘आईएनएस इक्षक’ (INS Ikshak), दक्षिण-पश्चिम हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी अहम परिचालन तैनाती के तहत शुक्रवार, 26 जून 2026 को सेशेल्स की राजधानी ‘पोर्ट विक्टोरिया’ पहुंच गया है।
भारतीय युद्धपोत की यह यात्रा इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि यह सेशेल्स के 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोह (स्वर्ण जयंती) के ऐतिहासिक अवसर पर हो रही है।
यह भारत और सेशेल्स के बीच दशकों पुरानी अटूट समुद्री साझेदारी और दीर्घकालिक मित्रता का एक सशक्त प्रमाण है।
पोर्ट विक्टोरिया बंदरगाह पर रुकने के दौरान, आईएनएस इक्षक और उसके क्रू मेंबर्स कई अहम कूटनीतिक और पेशेवर गतिविधियों में हिस्सा लेंगे:
राष्ट्रीय दिवस में भागीदारी: भारतीय नौसेना की टुकड़ी सेशेल्स के 50वें राष्ट्रीय दिवस के भव्य समारोह में पूरे गर्व के साथ भाग लेगी।
सैन्य और पेशेवर वार्ता: समुद्री सहयोग और सैन्य अंतर-संचालनीयता (Interoperability) को और अधिक बढ़ाने के उद्देश्य से भारतीय अधिकारी ‘सेशेल्स रक्षा बलों’ (SDF) के साथ उच्च स्तरीय पेशेवर वार्ता करेंगे।
सामुदायिक सहायता: एक सच्चे मित्र की तरह, यह जहाज सेशेल्स में चिकित्सा शिविरों (Medical Camps) का आयोजन करेगा और आवश्यक आपूर्ति का वितरण सहित कई महत्वपूर्ण सामुदायिक सहायता पहलों को अंजाम देगा।
इस कूटनीतिक यात्रा के हिस्से के रूप में, आईएनएस इक्षक को सेशेल्स के आम आगंतुकों और स्थानीय नागरिकों के लिए भी खोला जाएगा।
इससे वहां के लोगों को भारतीय नौसेना की असीम क्षमताओं और क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा व सहयोग को बढ़ावा देने की भारत की प्रतिबद्धता को करीब से अनुभव करने का शानदार अवसर मिलेगा।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, आईएनएस इक्षक की यह सामरिक तैनाती प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सागर’ (SAGAR – Security and Growth for All in the Region) विजन के बिल्कुल अनुरूप है।
सागर परिकल्पना का मुख्य उद्देश्य पूरे क्षेत्र में सभी मित्र देशों की सुरक्षा और विकास सुनिश्चित करना है।
यह यात्रा मित्र देशों के साथ समुद्री साझेदारी को मजबूत करने और पूरे हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता को आगे बढ़ाने के लिए भारत की मजबूत प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है।
चीन की बढ़ती समुद्री गतिविधियों के बीच भारत की यह ‘नेवल डिप्लोमेसी’ (Naval Diplomacy) बेहद अहम मानी जा रही है।
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