इंदौर हादसे से जागी दिल्ली सरकार: दिल्ली जल बोर्ड को मंत्री के कड़े निर्देश

“मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई सामूहिक मौतों के बाद दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में पेयजल सुरक्षा को लेकर कमर कस ली है”

नई दिल्ली 07 / 01 / 2026 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

दिल्ली के जल मंत्री परवेश साहिब सिंह ने दिल्ली जल बोर्ड (DJB) को हाई अलर्ट पर रहने और पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने का निर्देश दिया है।

इंदौर जैसी घटना रोकने के लिए मास्टर प्लान

बता दें कि इस महीने की शुरुआत में इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में सीवर मिश्रित दूषित पानी पीने से 16 लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग अब भी अस्पताल में जीवन और मौत की जंग लड़ रहे हैं।

इस हृदयविदारक घटना का संज्ञान लेते हुए दिल्ली के जल मंत्री ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली में ऐसी किसी भी लापरवाही की गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी।

सीवर लाइनों के पास पाइपलाइनों पर ‘स्पेशल फोकस’

अधिकारियों के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक में जल मंत्री ने विशेष रूप से उन इलाकों की पहचान करने को कहा है जहाँ पेयजल की पाइपलाइनें और सीवर लाइनें एक-दूसरे के बेहद करीब या समानांतर गुजरती हैं।

  • नियमित निरीक्षण: मंत्री ने आदेश दिया है कि इन संवेदनशील क्षेत्रों में पाइपलाइनों का निरीक्षण तेज किया जाए ताकि किसी भी लीकेज या डैमेज को तुरंत पकड़ा जा सके।

  • 24/7 निगरानी: उच्च घनत्व वाले इलाकों (High-Density Areas) और जेजे क्लस्टर (JJ Clusters) में चौबीसों घंटे रखरखाव और निगरानी के लिए समर्पित टीमें तैनात की जाएंगी।

शिकायतों पर ‘क्विक रिस्पांस’ तंत्र

दिल्ली सरकार ने दिल्ली जल बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को निर्देश जारी किए हैं कि पानी की गुणवत्ता से जुड़ी जन शिकायतों को अब ‘अर्जेंट’ श्रेणी में रखा जाए।

  • भौतिक सत्यापन: यदि किसी क्षेत्र से पानी के रंग, स्वाद या दुर्गंध में बदलाव की शिकायत आती है, तो डीजेबी अधिकारियों को मौके पर जाकर तुरंत सैंपलिंग करनी होगी।

  • तत्काल सुधारात्मक कदम: जांच रिपोर्ट का इंतजार किए बिना, प्राथमिक तौर पर आपूर्ति रोककर वैकल्पिक व्यवस्था (जैसे वाटर टैंकर) और मरम्मत कार्य शुरू करना होगा।

जन स्वास्थ्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता

बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया कि दिल्ली के नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जल मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि पाइपलाइनों में सीवर का पानी मिलने या संदूषण के मामले में किसी भी स्तर पर हुई लापरवाही के लिए संबंधित अधिकारी सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे।

Santosh SETH

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