केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी भारत की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार का शुभारंभ करते हुए
भारत की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार लॉन्च: तेल आयात घटेगा, किसानों को होगी 12,400 करोड़ की अतिरिक्त बंपर कमाई”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
‘आत्मनिर्भर भारत’ और स्वच्छ ऊर्जा के विज़न को एक नई गति देते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी ने आज नई दिल्ली में भारत के पहले फ्लेक्स-फ्यूल यात्री वाहन (Flex-Fuel Passenger Vehicle) का शानदार शुभारंभ किया।
मारुति सुजुकी द्वारा निर्मित इस कार के लॉन्च अवसर पर केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी भी मौजूद रहे।
‘The Politics Again’ की इस विशेष रिपोर्ट में जानिए कि कैसे E20 से लेकर E100 (इथेनॉल-पेट्रोल मिश्रण) तक पर दौड़ने वाले ये वाहन देश की अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और किसानों की तकदीर बदलने वाले हैं।
किसानों के लिए ‘गेमचेंजर’ साबित होगी फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक
श्री हरदीप सिंह पुरी ने इस लॉन्च को देश के ऊर्जा बदलाव में एक ‘नया अध्याय’ करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भारत में बिकने वाले सभी नए दोपहिया और चार पहिया वाहनों में से 50 प्रतिशत फ्लेक्स-फ्यूल मानकों को अपना लेते हैं, तो इससे 311.8 करोड़ लीटर इथेनॉल की अतिरिक्त मांग पैदा होगी।
इसका सीधा और सबसे बड़ा फायदा अन्नदाताओं को मिलेगा, जिनकी आय में लगभग 12,403 करोड़ रुपये का भारी इजाफा होगा।
इसके साथ ही, पर्यावरण को सुरक्षित करते हुए 66.4 लाख मीट्रिक टन कार्बन डायऑक्साइड (CO2) उत्सर्जन में भी कमी आएगी।
वैश्विक संकट के बीच भारत का शानदार ऊर्जा प्रबंधन
दुनियाभर में चल रहे भू-राजनीतिक संकटों का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने के बावजूद भारत में ईंधन की कीमतों में सबसे कम वृद्धि हुई है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने कच्चे तेल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखी है।
आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती भी की थी।
इथेनॉल मिश्रण: 20% का लक्ष्य 5 साल पहले ही हासिल
भारत का इथेनॉल मिश्रण (Ethanol Blending) कार्यक्रम वैश्विक पटल पर एक बड़ी सफलता बनकर उभरा है:
तेज वृद्धि: 2013-14 में इथेनॉल का मिश्रण 1.5% से भी कम था, जो 2025-26 में बढ़कर 20% हो गया है। यह लक्ष्य निर्धारित समय से 5 वर्ष पहले ही हासिल कर लिया गया।
उत्पादन में उछाल: 2014 में इथेनॉल की खरीद लगभग 38 करोड़ लीटर थी, जो आज 1,040 करोड़ लीटर को पार कर गई है।
क्षमता विस्तार: देश की इथेनॉल उत्पादन क्षमता 2014 के 421 करोड़ लीटर से लगभग पांच गुना बढ़कर 2026 में 2,000 करोड़ लीटर हो गई है।
अब भारत टूटे हुए चावल, कृषि अपशिष्ट, बांस और समुद्री शैवाल जैसे स्रोतों से भी इथेनॉल बना रहा है, जिससे कच्चे तेल के भारी-भरकम आयात बिल में कमी आई है और विदेशी मुद्रा बची है।
E85 फ्यूल स्टेशन का देशव्यापी रोडमैप
नीति आयोग ने इथेनॉल आधारित फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों (FFV) को आधिकारिक तौर पर ‘शून्य-उत्सर्जन वाहन’ (Zero-Emission Vehicle) का दर्जा दिया है। E85 जैसे उच्च इथेनॉल मिश्रण से प्रदूषण लगभग नगण्य होता है।
सरकार ने इसके लिए एक मजबूत देशव्यापी रोडमैप भी तैयार किया है:
शुरुआती चरण: दिल्ली-एनसीआर और मुंबई-पुणे-नागपुर कॉरिडोर में 50-100 फ्लेक्स-फ्यूल (E85) रिटेल आउटलेट खोले जाएंगे।
विस्तार: दिसंबर 2026 तक इन आउटलेट्स की संख्या 500 और 2027 के अंत तक प्रमुख शहरों में लगभग 5,000 तक पहुंचाई जाएगी।
रियायतें: सरकार इसे बढ़ावा देने के लिए मूल्य निर्धारण में सहायता और सड़क कर (Road Tax) में छूट जैसे उपायों पर भी काम कर रही है।
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