A visual representation of Indian manufactured electronics and smartphones being exported to the US and Chinese markets

भारत का आर्थिक चमत्कार: चीन को इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात का बढ़ा बाजार

उल्टी बहने लगी गंगा: चीन को इलेक्ट्रॉनिक्स बेच रहा भारत, अमेरिका के स्मार्टफोन बाजार में ड्रैगन को पछाड़ने की तैयारी”

नई दिल्ली: संतोष सेठ की रिपोर्ट : द पॉलिटिक्स अगेन 

वैश्विक व्यापार के मोर्चे पर भारत ने एक ऐसा ऐतिहासिक उलटफेर कर दिया है, जिसने रूस, चीन, अमेरिका और यूरोप के आर्थिक जानकारों को भी चौंका दिया है।

कूटनीतिक हलकों में चर्चा है कि भारत की इस अभूतपूर्व आर्थिक और मैन्युफैक्चरिंग सफलता को पचा पाना कई ताकतों के लिए मुश्किल हो रहा है,

जिसके चलते आने वाले दिनों में भारत के खिलाफ एक बड़ी ‘इंफॉर्मेशन वॉर’ (Information War) देखने को मिल सकती है।

भारत ने अब तक के इतिहास में पहली बार चीन को उसी के घरेलू बाजार में विनिर्मित वस्तुएं (Manufactured Goods) बेचकर और वैश्विक बाजार में सऊदी अरब व यूएई से भी ज्यादा पेट्रोलियम उत्पाद निर्यात कर चमत्कार कर दिया है।

चीन के ही बाजार में भारत की बड़ी सेंधमारी

एक समय था जब चीन पूरी दुनिया को इलेक्ट्रॉनिक्स सामान बेचता था, लेकिन अब उल्टी गंगा बहने लगी है। अब चीन खुद भारत में बने कंपोनेंट्स खरीद रहा है।

  • इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में उछाल: पिछले वित्त वर्ष में चीन को भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स का निर्यात तीन गुना बढ़कर 3.18 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।

  • इस साल भी इसमें 15% से ज्यादा की वृद्धि जारी है। भारत से चीन जाने वाले सामानों में स्मार्टफोन, प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB), डिस्प्ले, मॉड्यूल और टेलीकॉम उपकरण प्रमुख हैं।

  • इंजीनियरिंग सामान: इलेक्ट्रॉनिक्स के अलावा, चीन को भेजे जाने वाले ऑटो कंपोनेंट्स, मशीनरी पार्ट्स और हैंड टूल्स जैसे इंजीनियरिंग सामानों में भी 21% की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई है।

ब्रिक्स (BRICS) देशों में भारतीय निर्यात का डंका

भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर अब दुनिया भर में अपनी धाक जमा रहा है। इस साल अप्रैल से अगस्त के दौरान ब्रिक्स (BRICS) देशों—चीन, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील और रूस—को भारत का एक्सपोर्ट 34% बढ़कर 19.9 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है।

इसमें अकेले चीन को होने वाले एक्सपोर्ट में 39% और दक्षिण अफ्रीका के एक्सपोर्ट में 58% का भारी इजाफा हुआ है।

चीन के एकाधिकार को भारत की सीधी चुनौती

इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में भारत ने अमेरिका में तहलका मचा दिया है, जिसमें सबसे बड़ी भूमिका ‘मेड इन इंडिया’ स्मार्टफोन्स ने निभाई है:

  • वर्ष 2015 में भारत ने अमेरिका को मात्र 6 बिलियन डॉलर के इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद बेचे थे, जो 2025 में छलांग लगाकर 38 बिलियन डॉलर तक पहुंच गए हैं। इन 38 बिलियन में से 25 बिलियन डॉलर की हिस्सेदारी केवल स्मार्टफोन्स की है।

  • आंकड़ों का उलटफेर: 2024 में अमेरिका ने चीन से 11 करोड़ स्मार्टफोन खरीदे थे, जबकि भारत से यह आंकड़ा मात्र 0.5 करोड़ (50 लाख) था।

  • लेकिन, 2025 में (जनवरी से मई तक के आंकड़ों के अनुसार) चीन ने अमेरिका को 2.94 करोड़ स्मार्टफोन्स बेचे, जबकि इसी छोटी अवधि में भारत ने 2.13 करोड़ स्मार्टफोन्स अमेरिका को बेच दिए हैं।

यह आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि अमेरिकी बाजार में भारत बहुत तेजी से चीन को पछाड़ने की ओर अग्रसर है।

इसी ऐतिहासिक कड़ी में, तेल शोधन और पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात बाजार में भी भारत ने बड़ा खेल करते हुए खाड़ी देशों के एकाधिकार को कड़ी चुनौती दी है।