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भारतीय वायुसेना आज मनाएगी 93वां स्थापना दिवस

“भारतीय वायुसेना बुधवार को अपना 93वां स्थापना दिवस मना रही है। इस बार समारोह दो हिस्सों में होगा। इस बार हिंडन एयरबेस (गाजियाबाद) पर परेड और संबोधन, जबकि फ्लाई पास्ट 9 नवंबर को गुवाहाटी में होगा”

गाज़ियाबाद 08 / 10 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

वायुसेना बुधवार को अपना 93 वां स्थापना दिवस मनाने जा रही है। इस दौरान ऑपरेशन सिंदूर के योद्धाओं पर देश की नजर रहेगी। इस दौरान मुख्य आयोजन गाजियाबाद के हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर होगा। यह पहला अवसर है, जब वायुसेना इस आयोजन को दो हिस्सों में कर रही है।

हिंडन एयरबेस पर वायुसैनिकों की परेड और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह का उद्बोधन होगा। जबकि लड़ाकू विमानों और हेलिकॉप्टरों के हवाई करतब का प्रदर्शन 9 नवंबर को गुवाहाटी में किया जाएगा।

हिंडन पर इस बार मिग-21 भी खड़ा नजर आएगा। छह दशक की सेवा के बाद यह विमान पिछले ही दिनों वायुसेना से रिटायर हुआ है। हालांकि, इस दौरान राफेल और सुखोई-30 जैसे मारक एयरक्राफ्ट भी लोगों के मुख्य आकर्षण का विषय होंगे, जिन्होंने पाकिस्तान को मजा चखाने में अहम भूमिका निभाई।

हर बार वायुसेना दिवस पर आसमान में अलग-अलग फॉर्मेशन में उड़ान भरते लड़ाकू विमानों और हेलिकॉप्टरों की गर्जना सुनाई देती थी, जिसे देख दर्शकों का भी खूब मनोरंजन होता था।

इस बार समारोह का मुख्य आकर्षण वायुसेना के वो योद्धा होंगे, जिन्होंने मई में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी वायुसेना के छक्के छुड़ाने में अहम भूमिका निभाई।

वायुसेना के इन जांबाजों ने दुश्मन के रनवे और लड़ाकू विमान तबाह कर दिए। नतीजतन पाकिस्तान युद्ध की शुरुआत में ही रक्षात्मक हो गया। वायुसेना प्रमुख इन सभी एयर वॉरियर्स को सम्मानित करेंगे।

इस साल वायुसेना दिवस पर हिंडन में फ्लाई पास्ट न होने की वजह राजधानी क्षेत्र का बढ़ता एयर ट्रैफिक है। फ्लाई पास्ट आयोजित करने की सूरत में अभ्यास के लिए भी कुछ दिन एयर ट्रैफिक बाधित करना पड़ता। इसके अलावा सघन आबादी क्षेत्र होने के कारण यहां बर्ड हिट का अंदेशा हमेशा बना रहता है।

इसीलिए फ्लाई पास्ट को गुवाहाटी शिफ्ट किया गया है। गुवाहाटी का मौसम भी इन दिनों फ्लाई पास्ट के अनुकूल नहीं है, लिहाजा इसके लिए 9 नवंबर का दिन चुना गया है।

साल 2021 तक वायुसेना दिवस का मुख्य समारोह हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर ही होता था, लेकिन इसके बाद यह चंडीगढ़, प्रयागराज और चैन्नई में रखा गया। दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह थी कि सैन्य बलों को अपने मुख्य समारोह अलग-अलग शहरों में आयोजित करने चाहिए, ताकि देश के सभी हिस्सों से आम लोग इनसे जुड़ पाएं। 

Santosh SETH

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