गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में बताया कि 15,189 किलोमीटर नई सड़कों और 9,497 टेलीकॉम टावरों के निर्माण के साथ ही पूरा देश वामपंथी उग्रवाद से मुक्त हो गया है।
ऐतिहासिक उपलब्धि: वामपंथी उग्रवाद से पूरी तरह मुक्त हुआ देश, राज्यसभा में गृह मंत्रालय ने पेश किए विकास के शानदार आंकड़े”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
दशकों तक वामपंथी उग्रवाद (Left Wing Extremism – LWE) यानी नक्सलवाद का दंश झेलने वाले इलाकों की तस्वीर अब पूरी तरह बदल चुकी है।
केंद्र सरकार की दृढ़ नीतियों और विकास कार्यों के परिणामस्वरूप आज संपूर्ण देश वामपंथी उग्रवाद से मुक्त हो गया है।
यह अहम जानकारी गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 में लागू की गई ‘राष्ट्रीय नीति और कार्य योजना’ के तहत सुरक्षा उपायों और स्थानीय समुदायों के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए अपनाई गई बहुआयामी रणनीति ने इन क्षेत्रों में व्यापक सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन ला दिया है।
गृह राज्य मंत्री ने सदन को बताया कि एलडब्ल्यूई (LWE) प्रभावित जिलों के विकास को बढ़ावा देने के लिए ‘विशेष केंद्रीय सहायता (SCA) योजना’ के तहत राज्यों को भारी वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।
सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की कमियों को दूर करने के लिए साल 2017 में इस योजना की शुरुआत से लेकर अब तक राज्यों को लगभग 4,282.96 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।
वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए सरकार ने सड़क, शिक्षा, संचार और बैंकिंग सेक्टर में कई विशेष पहल की हैं:
सड़कों का जाल: इन दुर्गम क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए रोड रिक्वायरमेंट प्लान (RRP) और RCPLWEA के तहत अब तक 15,189 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण किया गया है।
टेलीकॉम कनेक्टिविटी: संचार सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए इन इलाकों में 9,497 नए मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं।
शिक्षा और कौशल विकास: युवाओं को मुख्यधारा के रोजगार से जोड़ने के लिए 47 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) और 49 कौशल विकास केंद्र (SDC) खोले गए हैं।
वहीं, आदिवासी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए 179 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) शुरू किए गए हैं।
बैंकिंग और वित्तीय समावेशन: लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए डाक विभाग द्वारा 6,025 बैंकिंग सुविधायुक्त डाकघर स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा सर्वाधिक प्रभावित जिलों में 1,804 नई बैंक शाखाएं और 1,321 एटीएम लगाए गए हैं।
लगातार सुरक्षा अभियानों और विकास की इन ठोस उपलब्धियों के कारण आज उन क्षेत्रों में भी अनुकूल वातावरण बन गया है, जो कभी उग्रवादियों का गढ़ माने जाते थे।
गृह मंत्रालय का यह बयान देश की आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर एक बहुत बड़ी जीत माना जा रहा है।
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