UN में भारत ने पाकिस्तान को धोया, अफगानिस्तान पर हवाई हमलों की कड़ी निंदा | The Politics Again
“UN में भारत ने उधेड़ी पाकिस्तान की बखिया: अफगानिस्तान पर हवाई हमलों की कड़ी निंदा, ‘पाखंड’ को किया बेनकाब “
संयुक्त राष्ट्र/नई दिल्ली (The Politics Again): संतोष सेठ की रिपोर्ट
संयुक्त राष्ट्र (UN) में भारत ने एक बार फिर आतंकवाद और क्षेत्रीय अस्थिरता के मुद्दे पर पाकिस्तान को वैश्विक मंच पर बेनकाब कर दिया है।
भारत ने अफगानिस्तान की सीमा के भीतर पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और संप्रभुता का खुला उल्लंघन करार दिया है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पार्वथनेनी हरीश ने यूएन महासचिव की हालिया रिपोर्ट का समर्थन करते हुए सीमा पार सशस्त्र हिंसा और उसमें मारे जा रहे निर्दोष नागरिकों की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
185 नागरिकों की मौत, भारत ने ‘पाखंड’ पर किया प्रहार
भारत ने पवित्र रमजान के महीने में किए गए इन हमलों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। पार्वथनेनी हरीश ने कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि एक तरफ इस्लामी एकजुटता की बात करना और दूसरी तरफ रमजान के पवित्र महीने में निर्दोष लोगों पर बम बरसाना पूरी तरह से ‘पाखंड’ है।
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UNAMA की रिपोर्ट का हवाला: भारत ने संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (UNAMA) के 6 मार्च 2026 तक के आंकड़ों का जिक्र करते हुए बताया कि इन हमलों में अब तक 185 निर्दोष लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें लगभग 55 प्रतिशत महिलाएं और बच्चे हैं।
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विस्थापन का संकट: इन हमलों के कारण एक लाख से अधिक अफगान नागरिक विस्थापित होने को मजबूर हो गए हैं, जो एक गंभीर मानवीय संकट है।
आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ और वैश्विक सहयोग की अपील
भारत ने मंच से स्पष्ट किया कि आतंकवाद पूरी मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है। भारतीय प्रतिनिधि ने आईएसआईएल (ISIL), अल-कायदा (Al-Qaeda) और उनके सहयोगियों के साथ-साथ विशेष रूप से पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों— लश्कर-ए-तैयबा (LeT), जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) का नाम लेते हुए इन पर नकेल कसने की मांग की।
भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि सीमा पार आतंकवाद फैलाने वाले इन संगठनों और इनके आकाओं के खिलाफ एकजुट होकर समन्वित कार्रवाई की जाए।
अफगान क्रिकेट टीम के जज्बे को भारत का सलाम
कूटनीतिक सख्ती के बीच भारत ने युद्धग्रस्त अफगानिस्तान के युवाओं और वहां की क्रिकेट टीम के हौसले की जमकर तारीफ की।
पार्वथनेनी हरीश ने कहा, “अफगानिस्तान की क्रिकेट टीम जहां भी खेलती है, लोगों का दिल जीत लेती है। हालिया विश्व कप में उनका जोश सराहनीय रहा।”
भारत ने गर्व के साथ कहा कि वह अफगानिस्तान के क्रिकेट सफर का भागीदार है और यह टीम उन अफगान नागरिकों के चेहरों पर मुस्कान ला रही है, जो लंबे समय से कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं।
नागरिकों की सुरक्षा ही सबसे बड़ी प्राथमिकता
भारत ने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा कि किसी भी संघर्ष में सबसे पहली प्राथमिकता आम नागरिकों की सुरक्षा होनी चाहिए।
अफगानिस्तान में स्थिरता और शांति सिर्फ उस क्षेत्र के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।












