“हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में पिछले दिनों 90-90 विधानसभा सीटों के लिए मतदान हुआ था। जम्मू कश्मीर में तीन फेज में वोटिंग हुई थी। वहीं हरियाणा में सिर्फ एक फेज यानी 5 अक्टूबर को मतदान हुआ था। आज दोनों राज्यों के चुनाव नतीजों का ऐलान होगा”
नई दिल्ली 08 / 10 / 2024 संतोष सेठ की रिपोर्ट
हरियाणा और जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनावों की मतगणना आज सुबह 8 बजे से शुरू होगी। सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती होगी, उसके 30 मिनट बाद ईवीएम की गिनती शुरु होगी।
चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव के नतीजे चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध कराए हैं। केंद्रशासित प्रदेश जम्मू कश्मीर और हरियाणा में मतगणना प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पूरी प्रक्रिया को सीसीटीवी कैमरों में कैद किया जाएगा। देर शाम तक सभी नतीजे घोषित हो इसकी पूरी तैयारी की गई है।
हरियाणा में 93 मतगणना केंद्र बनाए गए
हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए 22 जिलों के 90 विधानसभा क्षेत्रों के लिए 93 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं। बादशाहपुर, गुरुग्राम और पटौदी विधानसभा क्षेत्रों के लिए दो-दो मतगणना केंद्र बनाए गए हैं, जबकि शेष 87 विधानसभा क्षेत्रों के लिए एक-एक मतगणना केंद्र बनाया गया है, जहां मतगणना होगी।
मतगणना प्रक्रिया की निगरानी के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 90 मतगणना पर्यवेक्षक भी नियुक्त किए गए हैं। 93 मतगणना केंद्रों पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की कुल 30 कंपनियां तैनात की गई हैं।
जम्मू कश्मीर में 28 मतगणना केंद्र बनाए गए
केंद्रशासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में 90 विधानसभा सीटों के चुनाव नतीजों के लिए 28 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं। 90 मतदान अधिकारी और उनकी सहायता के लिए 119 सहायक मतदान अधिकारी लगाए गए हैं।
मतगणना एक हजार चालीस मेजों पर होगी, इसमें ईवीएम में मिले वोटों की गिनती की जाएगी। इसके अलावा मतगणना पर्यवेक्षक पूरी प्रक्रिया पर कड़ी निगाह रखेंगे।
मतगणना केंद्र के सौ मीटर के दायरे में किसी तरह भी गतिविधि की इजाजत नहीं होगी। वहां विशेष जांच चौकियां भी स्थापित की गई हैं।
मतपेटियों को कड़ी निगरानी में मतगणना केंद्रों पर लाने के लिए पूरी प्रक्रिया की विडियो रिकार्डिंग कराई गई थी। पूरी प्रक्रिया में आयोग ने विशेष एहतियात बरता है।
हरियाणा में भाजपा की हैट्रिक या कांग्रेस की दस साल बाद वापसी
हरियाणा में मुख्य मुकाबला दस साल से सत्ता पर काबिज भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के बीच है। हालांकि, इनेलो बसपा के साथ तो जेजेपी-आजाद समाज पार्टी के साथ मैदान में उतरी थी।
चुनाव प्रचार में कांग्रेस ने जाट-दलित को अपने पक्ष में ध्रुवीकरण करने के लिए ताकत झोंकी, इसके उलट भाजपा की रणनीति की जद में ओबीसी और अगड़ा वर्ग रहे। जेजेपी और इनेलो दोनों ने जाट- दलित वोट पर दांव लगाया।
देखना है कि भाजपा जीत की हैट्रिक लगाएगी या कांग्रेस दस साल बाद सत्ता में वापसी करेगी। वहीं, इनेलो का दावा है कि किसी भी दल को बहुमत नहीं मिलेगा और सरकार बनाने में उसकी अहम भूमिका रहेगी।
एग्जिट पोल में हरियाणा में कांग्रेस की सरकार
मतदान के बाद अधिकतर एग्जिट पोल्स में हरियाणा में कांग्रेस की सरकार बनने और जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर त्रिशंकु जनादेश का अनुमान लगाया गया है।
जम्मू-कश्मीर में दस साल बाद तीन चरणों में चुनाव कराए गए थे। दोनों राज्यों में मतगणना स्थल पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
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