भारतीय जीवन दर्शन में नर सेवा को ही नारायण सेवा कहा गया है – राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल

“राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि भारतीय जीवन दर्शन में नर सेवा को ही नारायण सेवा कहा गया है। उन्होंने कहा कि टोंगलेन चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक भिक्षु जामयांग ने अपनी टीम के साथ झुग्गी झोपड़ी के बच्चों और उनके परिवारों के उत्थान के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित करके समूचे समाज को एक नई प्रेरणा दी है”

गगल 20 / 11 / 2024 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि यदि कोई दृढ़ निश्चय कर ले तो वह बड़े से बडा काम कर सकता है। बुधवार को सराह में टोंगलेन चैरिटेबल ट्रस्ट के 20वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य पर आयोजित वार्षिक समारोह में बतौर मुख्यातिथि राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि टोंगलेन चैरिटेबल ट्रस्ट ने झुग्गी झोपड़ी के निवासियों के जीवन में स्थायी बदलाव लाने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को हथियार बनाया।

कभी धर्मशाला की सडक़ों पर कूड़ा बीनने और भीख मांगने वाले बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त कर आज डाक्टर, इंजीनियर, पत्रकार, होटल मैनेजर एवं अन्य व्यवसायों में अपनी जगह बना रहे हैं। यह किसी चमत्कार से कम नहीं है।

बचपन में मक्लोडगंज में अपनी मां के साथ भीख मांगने वाली बेटी पिंकी अब एमबीबीएस पास करके डाक्टर बन चुकी है। मैं पिंकी और ऐसे ही अन्य बच्चों को बधाई तथा आशीर्वाद देता हूं।

इस अवसर पर टोंगलेन स्कूल के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम और चैरिटेबल ट्रस्ट की 20 वर्ष की यात्रा का चित्रण नाटक के माध्यम से किया गया। इस अवसर पर टोंगलेन यूके की न्यासी मिस ब्रिजेट सहित विभिन्न पदाधिकारी उपस्थित थे।

इन्हें किया सम्मानित

राज्यपाल ने टोंगलेन चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से समाज सेवा के लिए एडवोकेट रणजीत सिंह राणा, विजय लांबा और अनिता शर्मा को सम्मानित भी किया।

नशे पर प्रहार

राज्यपाल ने कहा कि टोंगलेन चैरिटेबल ट्रस्ट ने नशे की बुराई के खिलाफ सकारात्मक अभियान भी छेड़ा हुआ है। इसका प्रभाव यह हुआ कि बच्चों ने तो नशे को हाथ नहीं लगाया और उनके जो अभिभावक नशा करते थे उन्होंने भी उसे त्याग दिया।