UP Police forces deployed during the 8-hour-long standoff and encounter at Shambhupur village in Azamgarh

आजमगढ़ हत्याकांड का खौफनाक अंत: एनकाउंटर में आरोपी ढेर

आजमगढ़ तिहरे हत्याकांड का खौफनाक अंत: 8 घंटे चले पुलिस एनकाउंटर में आरोपी पिता ढेर, अपने ही 10 साल के बेटे को भी मारी गोली, कुल 5 मौतें

आजमगढ़: दीपू हिन्दू की रिपोर्ट : द पॉलिटिक्स अगेन 

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के शंभूपुर गांव में पूजा-पाठ के विवाद में शुरू हुए खूनी खेल का बेहद खौफनाक अंत हुआ है।

पत्नी और दो पंडितों की हत्या कर कमरे में कैद हुए आरोपी अरविंद सिंह को पुलिस ने मुठभेड़ (Encounter) में मार गिराया है।

हालांकि, इस पुलिसिया कार्रवाई से ठीक पहले सनकी हो चुके आरोपी ने अपने ही 10 साल के मासूम बेटे की भी गोली मारकर हत्या कर दी। इस पूरे घटनाक्रम में कुल 5 लोगों की जान गई है।

8 घंटे चला बंधक ड्रामा और खौफनाक रात

अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार देर शाम आरोपी अरविंद सिंह ने दिवंगत भाई सुनील सिंह की आत्मा की शांति के लिए हो रही पूजा का विरोध करते हुए अपनी पत्नी बबिता सिंह (40), पंडित महेंद्र पाठक (42) और अखिलेश मिश्रा (55) की हत्या कर दी थी।

पुलिस अधीक्षक (SP) अनिल कुमार ने बताया कि इस तिहरे हत्याकांड के बाद आरोपी अपने तीन बच्चों के साथ एक कमरे में बंद हो गया और राइफल तानकर बैठ गया।

पुलिस ने करीब 8 घंटे तक घर की घेराबंदी कर उसे सरेंडर करने और बच्चों को छोड़ने के लिए मनाने का प्रयास किया।

बातचीत के लिए परिवार के अन्य सदस्यों की भी मदद ली गई, लेकिन अरविंद लगातार पुलिस और परिवार को जान से मारने की धमकियां देता रहा।

बेटे को मारी गोली, पुलिस पर की अंधाधुंध फायरिंग

देर रात बातचीत के दौरान ही कमरे के अंदर से अचानक गोली चलने की आवाज आई। सनकी अरविंद ने अपने ही 10 वर्षीय बेटे को गोली मार दी थी।

यह सुनते ही पुलिस की टीमें दरवाजा तोड़कर फौरन कमरे में दाखिल हुईं। पुलिस को अंदर आता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

पुलिस ने चेतावनी देते हुए हवा में गोलियां चलाईं और उसे आत्मसमर्पण करने को कहा, लेकिन वह नहीं माना।

अंततः पुलिस ने आत्मरक्षा और कमरे में मौजूद अन्य बच्चों की जान बचाने के लिए जवाबी फायरिंग की, जिसमें अरविंद गंभीर रूप से घायल हो गया।

अस्पताल में पिता-पुत्र की मौत, दो बच्चे सुरक्षित

घायल अरविंद और उसके 10 वर्षीय बेटे को तत्काल प्रभाव से अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

कमरे के अंदर मौजूद दो अन्य बच्चों (जिसमें एक बच्ची शामिल है) को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।

पुलिस ने पांचों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात है।