‘होरी मच्छ न छुई पानी’ बाबरी मस्जिद की आधारशिला पर भड़की बीजेपी
“पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर द्वारा कथित तौर पर बाबरी मस्जिद की आधारशिला रखे जाने के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है”
मुर्शिदाबाद/कोलकाता, 06 / 12 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इसे वोट बैंक की राजनीति के तहत मुस्लिम भावनाओं का ध्रुवीकरण करने का प्रयास बताते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी टीएमसी पर कड़ा हमला बोला है।
बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख और पश्चिम बंगाल में भाजपा के सह-प्रभारी अमित मालवीय ने इस घटना को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने ‘एक्स’ हैंडल पर एक तीखा पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी “आग से खेल रही हैं”।
West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee is playing with fire.
Reports emerging from Beldanga in Murshidabad have triggered serious concern, with Mamata Banerjee using ‘suspended’ TMC MLA Humayun Kabir to polarise Muslim sentiment for political gain.
According to local… pic.twitter.com/6Sx8V3BjY0
— Amit Malviya (@amitmalviya) December 6, 2025
संवेदनशील इलाका, पुलिस पर भी सहयोग का आरोप
मालवीय ने दावा किया कि कबीर के मुस्लिम समर्थकों के समूह को निर्माण के लिए ईंटें ले जाते हुए देखा गया है, जिसे वे बाबरी मस्जिद के रूप में बनाने का दावा कर रहे हैं।
बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल पुलिस हुमायूं कबीर का समर्थन कर रही है और इस ‘विवादास्पद’ गतिविधि के लिए उन्हें सुरक्षा भी प्रदान की गई है।
उन्होंने बेलडांगा की संवेदनशीलता पर भी ध्यान दिलाया। मालवीय के अनुसार, बेलडांगा राज्य के सबसे सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में से एक है, जहां झड़पों का लंबा इतिहास रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी तरह की संगठित अशांति से NH-12 की नाकाबंदी हो सकती है, जो उत्तर बंगाल को राज्य के शेष हिस्सों से जोड़ती है।
‘होरी मच्छ न छुई पानी’: बंगाल बीजेपी का कटाक्ष
इस बीच, बंगाल बीजेपी ने भी टीएमसी पर निशाना साधने के लिए एक बंगाली कहावत का इस्तेमाल किया। बंगाल बीजेपी ने ट्वीट कर कहा: ‘होरी मच्छ न छुई पानी’ (बिना अपने हाथ गंदे किए काम करना)।
बीजेपी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद को इस विवाद से आधिकारिक तौर पर दूर रखते हुए, हुमायूं कबीर के जरिए पश्चिम बंगाल में मुसलमानों का ध्रुवीकरण करने का फैसला किया है।
पार्टी ने सवाल उठाया कि टीएमसी ने कबीर को तब क्यों नहीं निलंबित किया जब उन्होंने हिंदुओं को यह कहकर धमकाया था कि मुर्शिदाबाद में मुसलमान 70% हैं और हिंदू केवल 30% हैं।
बीजेपी के अनुसार, यह तथाकथित मस्जिद परियोजना “एक धार्मिक प्रयास नहीं बल्कि एक राजनीतिक प्रयास है,” जिसका उद्देश्य आगामी चुनावों को देखते हुए भावनाओं को भड़काना और टीएमसी के वोट बैंक को मजबूत करना है। इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य के राजनीतिक माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया है।
मालवीय के मुख्य आरोप:
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आग से खेलना: उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी “आग से खेल रही हैं”।
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ध्रुवीकरण के लिए इस्तेमाल: मालवीय का दावा है कि ममता बनर्जी ने राजनीतिक लाभ के लिए मुस्लिम भावनाओं को ध्रुवीकृत करने के लिए ‘निलंबित’ टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर का इस्तेमाल किया है।
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पुलिस का समर्थन: उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल पुलिस हुमायूं कबीर का समर्थन कर रही है और इस गतिविधि के लिए सुरक्षा प्रदान की है।
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संवेदनशील क्षेत्र: मालवीय ने बेलडांगा को राज्य के सबसे सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में से एक बताया, जहां अशांति से NH-12 की नाकाबंदी हो सकती है, जिसके कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर परिणाम होंगे।
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राजनीतिक प्रयास: उन्होंने कहा कि यह तथाकथित मस्जिद परियोजना एक धार्मिक प्रयास नहीं, बल्कि वोट बैंक को मजबूत करने के लिए बनाया गया एक राजनीतिक प्रयास है।
🐦 बंगाल बीजेपी का निशाना
बंगाल बीजेपी ने भी ट्वीट के माध्यम से टीएमसी और ममता बनर्जी पर निशाना साधा:
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कहावत का उपयोग: उन्होंने बंगाली कहावत “होरी मच्छ न छुई पानी” का उपयोग किया, जिसका अर्थ है “अपने हाथ गंदे किए बिना कुछ करना”।
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आरोप: बीजेपी का आरोप है कि ममता बनर्जी ने खुद को दूर रखते हुए हुमायूं कबीर के जरिए मुसलमानों का ध्रुवीकरण करने का फैसला किया है।
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हुमायूं के पुराने बयान: बीजेपी ने यह भी सवाल उठाया कि जब हुमायूं कबीर ने हिंदुओं को धमकाते हुए यह कहा था कि मुर्शिदाबाद में मुसलमान 70% और हिंदू केवल 30% हैं, तो टीएमसी ने उन्हें पहले निलंबित क्यों नहीं किया।











