Breaking News

भारत-अमेरिका के बीच ऐतिहासिक ट्रेड डील, 50% से घटकर 18% हुआ टैरिफ; जानें क्या सस्ता, क्या महंगा

“मोदी-ट्रंप की जुगलबंदी का दिखा असर: भारत अगले 5 साल में अमेरिका से खरीदेगा 500 अरब डॉलर का सामान, टेक्सटाइल और जेम्स-ज ज्वेलरी पर जीरो टैरिफ से निर्यातकों की बल्ले-बल्ले”

नई दिल्ली/वॉशिंगटन | The Politics Again Desk संतोष सेठ की रिपोर्ट 

भारत और अमेरिका के रिश्तों में शनिवार को एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। दोनों देशों ने आधिकारिक तौर पर अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Deal) की रूपरेखा पर सहमति बनने की घोषणा कर दी है।

इस समझौते का सबसे बड़ा असर भारतीय निर्यातकों पर पड़ेगा, जिन्हें अब अमेरिका में अपने सामान पर 50% की जगह केवल 18% टैरिफ देना होगा।

यह समझौता न केवल आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह 13 फरवरी, 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुरू की गई व्यापक रणनीतिक साझेदारी का परिणाम है।

क्यों अहम है यह समझौता? (The Big Picture)

अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य (Export Destination) है। पिछले साल अगस्त में, जब भारत ने रूस से तेल खरीदना जारी रखा, तो अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई करते हुए भारतीय सामानों पर 25% का अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया था।

कुल मिलाकर यह टैरिफ 50% तक पहुंच गया था, जिससे भारतीय निर्यातकों की कमर टूट रही थी।

ताज़ा समझौते के तहत:

  • अमेरिका ने झुकाया सिर: अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर टैरिफ को घटाकर 18% कर दिया है।

  • भारत ने खोले दरवाजे: भारत ने अमेरिकी इंडस्ट्रियल सामानों, मेवे (बादाम-अखरोट), और शराब-स्पिरिट पर टैरिफ कम या खत्म करने का फैसला किया है।

भारत को क्या मिला? (What India Gains)

इस डील को भारतीय एमएसएमई (MSME) और लेबर-इंटेंसिव सेक्टर्स के लिए ‘बूस्टर डोज़’ माना जा रहा है।

  1. टेक्सटाइल और लेदर को संजीवनी: टैरिफ में भारी कटौती से भारत के कपड़ा, परिधान, चमड़ा, और जूता उद्योग को अमेरिकी बाजार में चीन और बांग्लादेश से मुकाबला करने में मदद मिलेगी।

  2. जीरो टैरिफ (Zero Tariff) वाले उत्पाद: भारत से निर्यात होने वाली जेनेरिक दवाइयां, रत्न, हीरे और विमान के कलपुर्जों पर अब अमेरिका में कोई टैक्स नहीं लगेगा।

  3. वाहन कलपुर्जे: राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर जो टैरिफ लगाए गए थे, उनमें भारतीय ऑटो कंपोनेंट्स को विशेष छूट (Quota) दी गई है।

वाणिज्य मंत्रालय के अनुमान के मुताबिक, इससे महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार पैदा होंगे।

अमेरिका को क्या मिला? (What US Gains)

भारत ने अमेरिका को खुश करने के लिए अगले 5 सालों में 500 अरब डॉलर का सामान खरीदने की योजना बनाई है। इसमें शामिल हैं:

  • ऊर्जा उत्पाद (तेल और गैस)
  • नागरिक विमान और उनके पार्ट्स
  • कोकिंग कोयला
  • हाई-टेक उत्पाद

साथ ही, दोनों देश टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में, विशेषकर ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) और डेटा सेंटर के उपकरणों के व्यापार में, भारी निवेश और सहयोग करेंगे।

किसानों और डेयरी के लिए ‘लक्ष्मण रेखा’ (Protection for Farmers)

इस समझौते की सबसे खास बात यह है कि भारत ने अपने किसानों और डेयरी सेक्टर के हितों से कोई समझौता नहीं किया है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि “संवेदनशील कृषि उत्पादों” को पूरी सुरक्षा दी गई है।

ये अमेरिकी उत्पाद भारत नहीं आएंगे (No Entry List):

  • डेयरी: दूध, पनीर, बटर, घी, और चीज़।
  • अनाज: गेहूं, चावल, मक्का, बाजरा, और आटा।
  • सब्जियां: आलू, प्याज, टमाटर, और फ्रोजन सब्जियां।
  • मसाले: काली मिर्च, हल्दी, धनिया, जीरा, और लाल मिर्च।

इसका मतलब है कि अमूल (Amul) जैसे भारतीय ब्रांड्स और स्थानीय किसानों को अमेरिकी कंपनियों से कोई खतरा नहीं होगा।

आम आदमी पर असर: क्या सस्ता, क्या महंगा?

  • सस्ता होगा: अगर आप अमेरिकी ब्रांड के बादाम (Almonds), पिस्ता, बेरीज, या विस्की/वाइन के शौकीन हैं, तो इनकी कीमतें कम हो सकती हैं। सोयाबीन तेल के दाम घटने से खाने का तेल भी सस्ता हो सकता है।

  • महंगा: फिलहाल किसी चीज के महंगे होने के संकेत नहीं हैं, क्योंकि यह डील मुख्य रूप से टैरिफ घटाने पर केंद्रित है।

भविष्य की राह

संयुक्त बयान के अनुसार, दोनों देश अब उन “गैर-शुल्क बाधाओं” (Non-Tariff Barriers) को दूर करने पर काम करेंगे जो करीब 191 अरब डॉलर के व्यापार को प्रभावित करती हैं।

एमएसएमई, किसानों और मछुआरों के लिए यह समझौता अरबों डॉलर के नए बाजार के दरवाजे खोलने जा रहा है।

Santosh SETH

Recent Posts

जौनपुर लोक अदालत में 59218 मामलों का निस्तारण, 22 करोड़ का समझौता

जौनपुर : राष्ट्रीय लोक अदालत में 59,218 मुकदमों का रिकॉर्ड निस्तारण, 22.57 करोड़ रुपये का…

12 hours ago

ब्रिक्स 2026: ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने छुए जगद्गुरु के पैर, वीडियो वायरल

ब्रिक्स 2026: ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने किए जगद्गुरु सतीशाचार्य जी महाराज के चरण स्पर्श,…

12 hours ago

ब्रिक्स 2026: मोदी, पुतिन और जिनपिंग की तस्वीर, नए ‘वर्ल्ड ऑर्डर’ का संकेत

ब्रिक्स समिट 2026: मोदी, पुतिन और जिनपिंग की एक तस्वीर में दिखा नया 'वर्ल्ड ऑर्डर',…

13 hours ago

ब्रिक्स समिट का पहला दिन: साझा घोषणापत्र जारी, आतंकवाद पर कड़ा प्रहार

ब्रिक्स समिट 2026 (पहला दिन): साझा घोषणापत्र जारी, आतंकवाद पर कड़ा प्रहार और मोदी-जिनपिंग वार्ता…

13 hours ago

ब्रिक्स बैठक: साझा मुद्रा का जिक्र नहीं, स्थानीय मुद्रा और UPI पर जोर

ब्रिक्स बैठक: साझा मुद्रा या 'डी-डॉलराइजेशन' का जिक्र नहीं, स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और UPI…

18 hours ago

ब्रिक्स 2026: जिनपिंग का मध्य पूर्व में शांति का आह्वान, टैरिफ का विरोध

ब्रिक्स 2026: शी जिनपिंग का मध्य पूर्व में शांतिदूत बनने का आह्वान, मनमाने टैरिफ और…

18 hours ago