हिमाचल प्रदेश समाचार -मंडी के नागरिक अस्पताल जाेगिंद्रनगर में बढे पीलिया के मरीज, कोटली सब डिविजन में भी बढ़ रहे है मामले

“व्यापारमंडल के शिष्टमंडल ने प्रधान भास्कर गुप्ता के नेतृत्व में उप मंडल अधिकारी जोगिंद्रनगर को ज्ञापन सौंपकर मामले की जानकारी दिया”

“जोगिंद्रनगर (मंडी)। नागरिक अस्पताल जाेगिंद्रनगर में पीलिया के मरीज बढ़ने से हालात दिन प्रतिदिन बिगड़ते जा रहे हैं। सीमित संसाधनों के चलते व्यवस्था चरमरा गई है। आरक्षित सभी रोगी वार्डों में वायरल फीवर, उल्टी, दस्त और डायरिया के मरीजों के दाखिले बढ़ जाने से अब आपातकालीन वार्ड में भी एक बिस्तर पर तीन-तीन मरीज उपचार करवाने को मजबूर हो गए हैं”

MANDI 24/07/2024 REPORTING BY SANTOSH SETH 

वहीं अस्पताल में ग्लूकोज की किल्लत का सामना भी मरीजों को करना पड़ रहा है। जोगिंद्रनगर अस्पताल में हालात ऐसे हैं कि ओपीडी में उपचार हासिल करने से पहले पर्ची बनाने और फिर टेस्ट करवाने के लिए भी मरीजों के पसीने छूट रहे हैं। मंगलवार को नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में फैली इस अव्यवस्था पर कुछ तीमारदारों का आक्रोश देखने को मिला।

स्वास्थ्य विभाग के अथक प्रयासों के बाद भी मरीजों को स्वास्थ्य क्षेत्र की सभी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सरकारी प्रयोगशाला में टेस्ट को लेकर उमड़ रही मरीजों की भीड़ के चलते यहां पर मशीनरी भी हांफ रही है। घंटों इंतजार के बाद रोगी बिना टेस्ट भी लौट रहे हैं। निजी प्रयोगशालाओं की बात करें तो यहां पर भी धक्का-मुक्की जैसे हालात बने हुए हैं।

तीमारदार अपने गंभीर मरीजों के साथ जब उपचार और टेस्ट करवाने के लिए पहुंच रहे तो उन्हें फर्श पर अपनी बारी का इंतजार करते हुए कई परेशानियां भी झेलनी पड़ रही है। दशकों बाद नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में ऐसे हालात देखने को मिल रहे हैं।

अस्पताल में मरीजों की भीड़ देखकर मरीज और तीमारदार निजी अस्पतालों का रुख करने को मजबूर हो रहे हैं। नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में एनएस डीएनएस, विटामिन सी की टैबलेट, दस एमएल की सीरिंज, आईबी सेट नहीं मिल रहे हैं। यह सब मरीजों को बाजार से ही खरीदकर लाने पड़ रहे हैं।

कोटली सब डिविजन में भी बढ़ रहे है मामले

जोगिंद्रनगर उपमंडल के बाद अब कोटली सब डिविजन में भी पीलिया के मामले बढऩा शुरू हो गए हैं। कोटली के आसपास की दो बावड़ी व एक अन्य प्राकतिक जल स्त्रोतों के पानी के सैंपल भी फेल हो गए हैं। सिविल अस्पताल कोटली में रोज चार से पांच मामले पीलिया के सामने आ रहे हैं। जबकि इसके अलावा निजी अस्पताल व चिकित्सकों के पास अलग से पीलिया रोगी पहुंच रहे हैं। जिससे पूरे क्षेत्र में लोगों में पीलिया का एक डर सा फैल रहा है।

इसमें अधिकतर रोगी 20 वर्ष से कम उम्र के बच्चे और महिलाएं है। कोटली अस्पताल की लैब में ही पिछले कुछ दिनों में 60 के लगभग पीलिया के केस पाजिटिव आए हैं। जबकि प्राइवेट लैब को मिला कर यह आंकड़ा और अधिक है।बता दें कि कोटली स्वास्थ्य विभाग ने कुछ पानी के सैंपल भी भरे थे। जिनमें 4 में से तीन सैंपल फैल हो गए हैं।

कोटली से आगे बलाहर बावड़ी जहां से कोटली बाजार के लगभग सभी दुकानदार और गांव वाले पीने का पानी भरते हैं, उसका भी सैंपल फेल हुआ है। इसके साथ एक जरल नामक स्थान पर एक पेयजल योजना है, वहां का सैंपल भी फेल हुआ है। वहां पर न तो कोई नोटिस लगाया गया है न ही कोई सूचना। वहां से सभी लोग अभी भी पानी पीने के लिए ले जा रहे है।

इस बारे में प्रशासन ने मीटिंग कर एडवाइजरी तो जारी की है, पर उसका असर होता कहीं नजर नहीं आ रहा है और पीलिया के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस एडवाइजरी का प्रचार प्रसार भी नहीं कर सका है। जिससे लोगों को सही जानकारी नहीं मिल पा रही है।

वहीं पीलिया के मामलों को उल्टा विभाग द्वारा छुपाने का प्रयास किया जा रहा है। व्यापारमंडल जोगिंद्रनगर के एक शिष्टमंडल ने प्रधान भास्कर गुप्ता के नेतृत्व में उप मंडल अधिकारी जोगिंद्रनगर को एक ज्ञापन सौंपकर जोगिंद्रनगर में दूषित पेयजल की जांच करने और पीलिया के प्रकोप के चलते अतिरिक्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने की मांग की है।

ज्ञापन में कहा गया की पिछले कुछ दिनों में जोगिंद्रनगर में दूषित पेयजल आपूर्ति के कारण पीलिया का प्रकोप बढ़ा है जोकि चिंता का विषय है। मांग की गई कि दूषित पेयजल स्त्रोत की जांच की जाए। पेयजल की शुद्धता के लिए उचित मापदंड अपनाए जाएं तथा पीलिया ग्रस्त लोगों को उचित स्वास्थ्य सुविधा जैसे मेडिकल टीम, दवाइयां तथा आवश्यक चिकित्सीय उपकरण उपलब्ध करवाए जाएं।

शिष्टमंडल में अक्षय सूद, शशि धरवाल, विशाल शर्मा, राजिंदर ठाकुर, सतवीर शर्मा व पंकज सूद आदि शामिल रहे। उल्लेखनीय है कि व्यापार मंडल जोगिंद्रनगर द्वारा प्रतिदिन दो बार सिविल अस्पताल जोगिंदर नगर में दाखिल रोगियों को बोतल बंद पानी आंबटित किया जा रहा है।

“अस्पताल में उपचार को पहुंच रहे मरीजों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए कृतसंकल्प है। पीलिया मरीजों को उपचार दिलाने के लिए चिकित्सकों की एक विशेष टीम निगरानी कर रही है। आपातकालीन वार्ड के सीमित संसाधनों के चलते गंभीर मरीजों को उपचार दिलाने के लिए कई बार दाखिले भी क्षमता से अधिक करने पड़ रहे हैं।
-डॉ. रोशन लाल कौंडल, एसएमओ, नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर

Santosh Kumar

Recent Posts

पीएम मोदी ने किया अंतर्राष्ट्रीय जलवायु सम्मेलन का उद्घाटन

पीएम मोदी ने किया "पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन का भविष्य" सम्मेलन का उद्घाटन, बोले- 'भारत…

11 hours ago

पीएम मोदी ने 20वें रोजगार मेले में 51,000 युवाओं को बांटे नियुक्ति पत्र

पीएम मोदी ने 20वें रोजगार मेले में 51,000 युवाओं को बांटे नियुक्ति पत्र, कहा- 'विकसित…

11 hours ago

मध्य प्रदेश/दमोह : पति ने कुल्हाड़ी से पत्नी और 3 बच्चों को काटा

दमोह: शक और घरेलू विवाद में हैवान बना पति, कुल्हाड़ी से पत्नी और तीन मासूम…

11 hours ago

डूसू चुनाव परिणाम: ABVP ने जीते 3 पद, निर्दलीय दीपांशु बने उपाध्यक्ष

डूसू चुनाव परिणाम: ABVP का दबदबा, अध्यक्ष सहित तीन पदों पर कब्जा; निर्दलीय दीपांशु शौकीन…

12 hours ago

पाकिस्तान: महंगाई के खिलाफ गधा-गाड़ी से सिंध असेंबली पहुंचे विधायक

पाकिस्तान में महंगाई का 'पेट्रोल बम': गधा-गाड़ी से सिंध असेंबली पहुंचे PTI विधायक, सरकार के…

12 hours ago

राष्ट्रपति ने 5 राज्यों के उच्च न्यायालयों में 14 नए जज किए नियुक्त

न्यायपालिका में 14 नए जजों की नियुक्ति: राष्ट्रपति ने दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड और कर्नाटक…

12 hours ago