हिमाचल समाचार – शुक्रवार को प्रदेश भर में पुलिस के पहरे में सम्पन्न हुई नमाज, चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा व्यवस्था रही मुस्तैद
“शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश के शिमला और मंडी में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने नमाज अदा की। विवाद के चलते मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पुलिस के कड़े पहरे के बीच नमाज पढ़ी। वही करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष समेत कई लोगों पर FIR दर्ज की गई है”
मंडी / शिमला 21 / 09 / 2024 नीतू कौशल की रिपोर्ट
मंडी जिला मुख्यालय के जेल रोड स्थित विवादित मस्जिद में शुक्रवार दोपहर एक बजे मुस्लिम समुदाय के चार लोगों ने नमाज अदा की। इस दौरान मस्जिद के आसपास क्यूआरटी के साथ विशेष पुलिस बल मौजूद रहा।
सुबह 12:30 बजे तक मस्जिद में ताला लगा रहा और क्यूआरटी, पुलिस के जवान निगरानी करते रहे। करीब पौने एक बजे मुस्लिम समुदाय के चार लोग आए और अंधेरे में बैठकर नमाज पढ़ी।
उल्लेखनीय है कि बिजली बोर्ड ने एक दिन पहले मस्जिद का बिजली कनेक्शन काट दिया था। इसके चलते नमाज स्थल पर अंधेरा रहा।
किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस दिन भर सतर्क रही और सकोडी चौक के अलावा तल्याहड़ में भी विशेष नाका लगाकर निगरानी रखी गई।
वहीं, मंगवाई मस्जिद में भी दोपहर 11 बजे से नमाज अदा करने वालों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई, जहां भी क्यूआरटी जवानों और विशेष पुलिस दल की तैनाती की गई थी। पुलिस अधीक्षक मंडी, साक्षी वर्मा ने बताया कि शुक्रवार को स्थिति को देखते हुए विशेष पुलिस तैनात की गई थी।
प्रदेशभर में मस्जिदों के निर्माण कार्य को लेकर पनपे विवाद के बीच शुक्रवार को पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से मटाहणी के पास बैरिकेड लगाए।
सोशल मीडिया के माध्यम से सूचना मिली थी कि हिंदू संगठन मटाहणी मस्जिद के पास विरोध प्रदर्शन करेंगे। पुलिस को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी सुरक्षा के लिए कहा था।
इसी के मद्देनजर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी और करणी सेना को राज्य चयन आयोग के कार्यालय के पास लगाए बैरिकेड से आगे ही नहीं जाने दिया। इस पर करणी सेना के सदस्यों ने पुलिस पर भड़ास निकाली।
संजौली में पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच मस्जिदों में पढ़ी गई नमाज
संजौली में मस्जिद के निर्माण को लेकर उपजे विवाद के चलते शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पुलिस के कड़े पहरे के बीच नमाज पढ़ी। धरना-प्रदर्शन के चलते सरकार ने मस्जिदों के आसपास भीड़ न जुटाने के निर्देश दिए हैं।
अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। नमाज पढ़ने वालों के पहचान पत्र जांचने के बाद ही मस्जिदों में प्रवेश करने दिया जा रहा है।
हिमाचल के बॉर्डर एरिया में भी चौकसी बढ़ाई गई है। चौबीस घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने मुस्लिम समुदाय के कॉलोनियों में भी पुलिस सुरक्षा बढ़ाई है।
प्रदेश भर में हिंदू संगठनों के द्वारा मस्जिदों के खिलाफ खोले गए मोर्चे के तहत शुक्रवार को हमीरपुर जिला के साथ लगते मटाहनी में मस्जिद को जाने वाले रास्ते पर पुलिस बल के द्वारा बैरिकेड लगाकर वाहनों की चेकिंग और उसमें जाने वाले व्यक्तियों की आधार कार्ड की चेकिंग के बाद ही आगे जाने की अनुमति प्रदान की गई।
गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर करणी सेना के द्वारा शुक्रवार को मुसलमानों के द्वारा जुम्मा नमाज़ के मौके पर वहां धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई थी जिसके तहत पुलिस ने कोई भी अप्रिय घटना ना हो इसके लिए सुबह से ही तैनाती की हुई थी।
एस ओ हमीरपुर ललित महंत तथा तहसीलदार हमीरपुर की अगवाई में भारी संख्या में पुलिस बल रोड पर तैनात किया गया था ताकि कोई भी अप्रिय घटना ना हो।
इस दौरान करनी सेना के सदस्यों को पुलिस ने बैरिकेड पर रोकाऔर आगे जाने नहीं दिया । इस दौरान पुलिस विभाग व करणी सेना के सदस्यों के बीच काफी देर तक बातचीत भी हुई लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से मना कर दिया।
करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष दीपक ने बताया कि मटाहनी के बाबा बालक नाथ मंदिर में उनकी बैठक प्रस्तावित की गई थी जिसको लेकर वह यहां आए थे। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा उन्हें कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया और पुलिस विभाग एक विशेष समुदाय को सुरक्षा प्रदान करने का काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा उन्हें रोकना गलत है और अगर रोकना चाहते हैं तो वह ऐसे लोगों को रोके जो बाहरी राज्यों से आकर प्रदेश का माहौल खराब कर रहे हैं।
प्रदेशाध्यक्ष करणी सेना एसएचओ हमीरपुर ललित महंत ने बताया कि पुलिस के द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से बैरिकेडिंग लगाई गई है। उन्होंने बताया कि गत दिन ही मुस्लिम समुदाय के लोगों के द्वारा पुलिस से सुरक्षा की मांग की गई थी।
क्योंकि सोशल मीडिया पर हिंदू जागरण मंच के द्वारा मस्जिद के बाहर प्रदर्शन करने की सूचना दी गई थी जिसके चलते उन्होंने पुलिस से सुरक्षा मांगी है।
उन्होंने बताया कि पुलिस कोई भी अप्रिय घटना ना हो इसके लिए पूरी तरह मुस्तादी से काम कर रही है और किसी भी व्यक्ति को बिना पहचान दिखाएं आगे जाने नहीं दिया जा रहा है ।
करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष समेत कई लोगों पर FIR दर्ज
उधर नेरवा में प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष मुकेश खुरांटा समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर की है। इसमें हिंदू जागरण मंच के पूर्व पदाधिकारी कमल गौतम को भी आरोपी बनाया गया है।
पुलिस के मुताबिक मुकेश खुरांटा के आह्वान पर नेरवा में वीरवार को सैकड़ों लोगों ने बाजार से डुंडी माता मंदिर तक रैली का आयोजन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की।
पुलिस का आरोप है कि डुंडी माता मंदिर के समीप प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए मुकेश खुरांटा और कमल गौतम ने मुस्लिम समुदाय की भावनाओं को आहत किया है।
इस दौरान उन्होंने मुस्लिम समुदाय का आर्थिक और सामाजिक आधार पर बहिष्कार करने को भी लोगों को उकसाया। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 126 (2), 189 (2) और दो समुदायों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने के लिए 196 (1) के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
एफआईआर में दोनों के अलावा सोनू, रोहितर सरकैक, सोमदत्त, रमन और प्रदीप समेत अन्य को नामजद किया गया है। गौर हो कि गुरुवार को नेरवा बाजार में मस्जिदों में होने वाले अवैध निर्माण के खिलाफ सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन किया था।
इस दौरान लोगों सरकार से अवैध निर्माण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और बाहरी राज्यों से गांवों में सामान बेचने के लिए आने वाले लोगों के पंजीकरण की मांग उठाई थी।
एसपी शिमला संजीव कुमार गांधी ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।











