हिमाचल बना नकली दवाओं का बड़ा बाजार, 20 दवाओं के सैंपल फेल, लाइसेंस रद्द करने के लिए जारी किए जाएंगे नोटिस

“हिमाचल में गैस्ट्रिक, अल्सर, निमोनिया, जीवाणु संक्रमण, डायरिया, गला दर्द, कब्ज, हार्ट का रक्त सुचारु करने, पीठ दर्द, थक्का रोधी, मानसिक रोग, मिर्गी, बुखार व रक्तचाप की दवाएं मानकों पर सही नहीं उतरी हैं”
मंडी 21 / 09 / 2024 नीतू कौशल की रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश की 20 समेत देश भर में बनीं 59 दवाओं के सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। हिमाचल में गैस्ट्रिक, अल्सर, निमोनिया, जीवाणु संक्रमण, डायरिया, गला दर्द, कब्ज, हार्ट का रक्त सुचारु करने, पीठ दर्द, थक्का रोधी, मानसिक रोग, मिर्गी, बुखार व रक्तचाप की दवाएं मानकों पर सही नहीं उतरी हैं।
राज्य ड्रग नियंत्रक मनीष कपूर ने अगस्त के ड्रग अलर्ट में सैंपल फेल होने की पुष्टि करते हुए बताया कि जिन दवा उद्योगों के सैंपल फेल हुए हैं, उन्हें लाइसेंस रद्द करने के लिए नोटिस जारी किए जाएंगे।
बाजार से दवाओं का स्टॉक भी वापस मंगाया जाएगा। विभाग स्वयं भी सैंपलों की जांच करेगा। हिमाचल के सोलन जिले के 14, ऊना का एक व सिरमौर के पांच दवा उद्योगों के सैंपल फेल हुए हैं।
सिरमौर के मोगीनंद में स्थित गेनोसिस फार्मास्युटिक कंपनी की गैस्ट्रिक की दवा, कालाअंब स्थित डिजिट विजन कंपनी की अल्सर की दवा पेटोमेड, बद्दी स्थित ऐलक्सा कंपनी की निमोनिया की दवा मोक्सीकाईड सीवी, सिरमौर स्थित एमजी लाइफ साइंस की जीवाणु संक्रमण की दवा अमाक्सिसाइक्लिन, झाड़माजरी के स्कोटोडिल कंपनी की इंसुलिन बढ़ाने वाली दवा मेटफामिन, परवाणू की लिजन हेल्थकेयर की डायरिया की दवा रिक्सिम, मलकूमाजरा की मेक्स स्टार कंपनी की गले की दर्द की दवा फैक्सोफेनाडाइन दवा के दो सैंपल फेल हुए हैं।











