हिमाचल : लगातार एक सप्ताह बरसेंगे बादल, अनहोनी की आशंका से सिहरे लोग

“हिमाचल प्रदेश में 5 से 9 जुलाई  के दौरान निचले पहाड़ी-मैदानी इलाकों, मध्य पहाड़ी और आसपास के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है”

शिमला 04 / 07 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

माैसम विभाग ने पहले तीन जिलों में  6 जुलाई के लिए रेड अलर्ट किया गया था। फिर 10 जिलों और  अब फिर से संशोधित कर तीन जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। बारिश की अधिकतम तीव्रता 6 और 7 जुलाई को होगी।

6 जुलाई की दोपहर से 7 जुलाई की दोपहर तक निचले पहाड़ी/मैदानी इलाकों और आसपास के मध्य पहाड़ी इलाकों में बहुत भारी से बेहद भारी बारिश की भी संभावना है। वहीं  राज्य में शुक्रवार सुबह 10:00 बजे तक 280 सड़कें वाहनों की आवाजाही के लिए बाधित थीं।

इसके अतिरिक्त 332 बिजली ट्रांसफार्मर व 784 जल आपूर्ति स्कीमें भी प्रभावित हैं। सबसे अधिक156 सड़कें मंडी जिले में ठप हैं। सिरमाैर 49, कुल्लू 36 व शिमला में 19 सड़कें प्रभावित हैं।

इन जिलों के लिए अलर्ट

माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के कई भागों में 4, 9 व 10 जुलाई को भारी बारिश का येलो अलर्ट है। जबकि 5, 7 व 8 जुलाई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं बीते 24 घंटों के दाैरान अगाहर में  71.4, घाघस 38.6, सराहन 36.5, शिमला 36.4, नगरोटा सूरियां 31.4, कंडाघाट 31.0, नेरी 29.5, करसोग 27.4, मुरारी देवी 24.4, कांगड़ा 22.7 व पालमपुर में 21.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

  • 5 जुलाई: कांगड़ा, मंडी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश, चंबा, सिरमौर, शिमला और कुल्लू में भारी वर्षा होने की संभावना है।(ऑरेंज अलर्ट)
  • 6 जुलाई: कांगड़ा, सिरमौर में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी से लेकर अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है।(रेड अलर्ट)
  • 7 जुलाई: ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, मंडी, सिरमौर, सोलन, शिमला और कुल्लू जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
  • 8 जुलाई: ऊना, बिलासपुर, मंडी, शिमला और सिरमौर, हमीरपुर, कांगड़ा, चंबा, सोलन और कुल्लू जिलों में भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट

30 जून की रात को बरसी आफत से मंडी जिले में ही अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 55 लापता हैं। लापता लोगों की तलाश, राहत व बचाव कार्य में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और प्रशासन की टीमें जुटी हैं। सराज घाटी की करीब 80 हजार आबादी सोमवार रात को आई भारी आपदा से जूझ रही है।

वहीं इस मानसून सीजन में 26 जून से 4 जुलाई तक प्रदेश में बादल फटने, बाढ़ व भूस्खलन से 69 लोगों की जान गई। 110 लोग घायल हुए हैं।  विभिन्न विभागों को अब तक 49,582.21 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है। सड़क हादसों में 26 लोगों की माैत हुई है।

लोगों को दिशा-निर्देशों का पालन करने की दी गई सलाह। भारी बारिश का रेड व ऑरेंज अलर्ट जारी होने के बाद विभाग ने स्थानीय लोगों, पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। 

  • कमजोर क्षेत्रों और उन क्षेत्रों में जाने से बचें जहां अक्सर जलभराव की समस्या होती है।
  • जलाशयों के पास जाने से बचें।
  • ट्रैकिंग से बचें।
  • बाहरी गतिविधियों को सीमित करें और अनावश्यक यात्रा न करें।
  • कमजोर संरचनाओं से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
  • मौसम की जानकारी से अपडेट रहें।
  • राज्य सरकार के अधिकारियों की किसी भी ट्रैफिक सलाह का पालन करें। राज्य सरकार के सलाह/दिशानिर्देशों का पालन करें।

 नदियों-नालों से दूर रहने की सलाह: डीसी मंडी

6 जुलाई को रेड अलर्ट को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने नागरिकों से अत्यंत सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि लोग अनावश्यक रूप से नदियों, नालों, और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के समीप न जाएं। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत नजदीकी प्रशासनिक अधिकारी या कंट्रोल रूम से संपर्क करें।

उन्होंने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से आग्रह किया है कि वे यात्रा से पहले मौसम की जानकारी अवश्य लें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। जिला प्रशासन हर स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट है।