यहाँ जानिए आठ ऐसी सच्ची कहानियां ! जब दरिंदगी पर उतारू हुई महिलाये

“शिलांग में इंदौर के शख्स राजा रघुवंशी की हत्या उसकी ही पत्नी सोनम रघुवंशी ने कराई थी। मेघालय पुलिस के खुलासे के बाद एक बार फिर पति पत्नी के रिश्ते कलंकित हुए है। आईये यहाँ जानते है उन आठ चर्चित हत्या के मामले को जिनमें महिला आरोपियों ने दरिंदगी दिखाते हुए चौंकाने वाली घटनाओं को अंजाम दिया”

नई दिल्ली 09 / 06 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

सोनम रघुवंशी से पहले भी ऐसे ही चौंकाने वाले मामले सामने आ चुके हैं, जहां अपनों से ही रिश्तों का गला घोंट दिया है। हम आपको ऐसी ही कुछ घटनाएं बता रहे हैं, जहां पत्नी या प्रेमिका ने ही अपने साथी का कत्ल कर दिया या करवा दिया। आइए जानते हैं विस्तार से. …..

केस नंबर – 1 ( पति के शव के 15 टुकड़े किए, ड्रम में रखकर सीमेंट से चिनाई करा दी )

इस साल मार्च में उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई थी। यहां एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति को बेरहमी से मार डाला था। इतना ही नहीं सबूत छिपाने के लिए महिला ने पति के शव के 15 टुकड़े किए और फिर इन्हें ड्रम में रखकर उसके ऊपर सीमेंट से चिनाई करा दी थी।

घटना के बाद महिला अपने प्रेमी के साथ शिमला घूमने चली गई थी। वहां से लौटने के बाद महिला ने ही खुद इस हत्याकांड का खुलासा किया। पुलिस ने मामले में महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया था।

दरअसल, मेरठ में लंदन से लौटे सौरभ कुमार (29) की तीन मार्च की रात पत्नी मुस्कान रस्तोगी ने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। आरोपियों ने शव के 15 टुकड़े ड्रम में रखकर ऊपर से चिनाई कर दी।

मुस्कान अपनी पांच साल की बेटी को मायके में छोड़कर प्रेमी के साथ चार मार्च की शाम को हिमाचल घूमने चली गई। वापस लौटकर मुस्कान ने अपने पिता को सौरभ की हत्या करने की जानकारी दी।

केस नंबर – 2  ( पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर शादी के 14 दिन बाद पति को मरवा डाला )

इसी साल मार्च में औरैया जिले में शातिर दिमाग के चलते हाइड्रा चालक की नई नवेली पत्नी प्रगति और उसके प्रेमी अनुराग ने इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना को अंजाम दे डाला। उसने शादी के 14 दिन बाद पति दिलीप को मरवा डाला। उसका प्रेमी बेरोजगार था, लेकिन वह प्रेमी के साथ ही रहना चाहती थी।

घरवाले राजी नहीं थे। ऐसे में प्रेमी के साथ जीवन बिताने में परेशानी न हो। इसके लिए प्रगति ने रसूखदार लड़के हाइड्रा चालक दिलीप से शादी की। उसका इरादा था कि पति की हत्या कर उसकी संपत्ति लेकर प्रेमी के साथ खुशी से जिंदगी जिएगी।

वह सोच रही थी कि शादी के कुछ ही दिन बाद जब वह विधवा हो जाएगी तो दूसरी शादी अपने प्रेमी से कर लेगी। विधवा होने के नाते परिजन भी इसमें सहयोग करेंगे, लेकिन सुपारी की रकम के लेनदेन को लेकर पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।

केस नंबर -3 ( पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर गला दबाकर की पति की हत्या, फिर सांप से डसवाया )

इसी साल अप्रैल में मेरठ के बहसूमा में शहर के सौरभ हत्याकांड जैसा ही एक और मामला सामने आया है। यहां पत्नी ने पति की प्रेमी संग मिलकर न सिर्फ हत्या की, बल्कि पकड़ी न जा सके इसके लिए सांप के काटने की कहानी गढ़ दी। पुलिस ने जांच-पड़ताल के बाद  पूरे मामले का खुलासा कर दिया।

अकरबपुर सादात गांव के अमित कश्यप उर्फ मिक्की (25) की मौत वाइपर सांप के काटने से नहीं हुई थी। अमित की हत्या उसकी पत्नी रविता ने प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर की थी। दोनों आरोपियों ने गला दबाकर पहले हत्या की और फिर वारदात को हादसा दर्शाने के लिए जहरीला सांप उसके बिस्तर पर छोड़ दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत की पुष्टि के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया। 

 

केस नंबर – 4 ( अमरोहा में महिला ने प्रेमी के साथ मिलकर पूरे परिवार को उतारा मौत के घाट )

अमरोहा के बावनखेड़ी गांव में गांव के लोगों ने जो देखा, वह किसी सदमे से कम नहीं था। यहां एक ही परिवार के सात सदस्यों की बेरहमी से कत्ल कर दिया गया था। इस परिवार की सिर्फ एक महिला शबनम जिंदा बची थी, जिसने गांववालों को बुलाया तो हैवानियत देखकर हर किसी के बदन में सिहरन दौड़ गई। 

पुलिस ने जब इस मामले में जांच की तो पता चला कि हत्या से पहले सभी मृतकों को कोई नशीला पदार्थ दिया गया था जिसके कारण सभी बेहोश हो गये थे। ऐसे में पुलिस का सीधा शक शबनम पर गया क्योंकि उसने सोने से पहले रात में सभी के लिए चाय बनाई थी।

बाद में जब इस घटना की परतें खुलती हैं तो सामने आता है कि हत्या किसी और ने नहीं बल्कि शबनम ने ही अपने प्रेमी के साथ मिलकर की थी। शबनम ने अपने परिवार के सात सदस्यों को कुल्हाड़ी से वार कर मौत के घाट उतार दिया था। जिन लोगों की हत्या की गई, उनमें एक 8 महीने का बच्चा भी शामिल था।

शबनम ने प्रेमी सलीम के साथ मिलकर अपने पिता मास्टर शौकत, मां हाशमी, भाई अनीस और राशिद, भाभी अंजुम, भतीजे अर्श और फुफेरी बहन राबिया का कुल्हाड़ी से वार कर कत्ल कर दिया था। इस घटना को अब 17 साल गुजर चुके हैं।

लेकिन अब यहां गांववाले अपनी बेटियों का नाम इस घटना को अंजाम देने वाली शबनम के नाम पर नहीं रखते। शबनम और सलीम को फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। शबनम का डेथ वारंट जारी होना बाकी है। 

केस नंबर – 5 ( प्रेमी के साथ मिलकर दोस्त के किए 300 टुकड़े )

मुंबई स्थित एक प्रोडक्शन हाउस में काम करने वाले नीरज ग्रोवर की मई 2008 में लाश मिली थी। नीरज की लाश के कई टुकड़े कर दिए गए थे और उन टुकड़ों को तीन कूड़ा रखने वाले थैलों में भरकर उनमें आग लगा दी गई थी।

इस मामले में नीरज की महिला मित्र मारिया सुसाइराज ने पुलिस के पास उनके गुमशुदा होने की शिकायत की थी। इसके बाद कई हफ्तों तक नीरज की कोई खबर नहीं मिली। पूरे शहर में पोस्टर चिपकवाए गए, लेकिन पुलिस को सफलता नहीं मिली।

हालांकि, जब पुलिस ने अपनी जांच आगे बढ़ाई और नीरज के मोबाइल लोकेशन के जरिए उसे खोजने की कोशिश की तो पूरा मामला खुलकर सामने आ गया। बाद में मारिया की बिल्डिंग के सिक्योरिटी गार्ड से पूछताछ हुई तो सामने आया कि 7 मई 2008 की रात को मारिया और उनके बॉयफ्रेंड एमएल जेरोम कुछ बैग्स में भारी सामान ले जाते दिखे थे। पुलिस ने इस जानकारी के आधार पर मारिया सुसाइराज को गिरफ्तार किया। 

मारिया ने गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले की पोल खोल दी। सामने आया कि नीरज की हत्या मारिया के प्रेमी लेफ्टिनेंट एमएल जेरोम ने की थी। दरअसल, जेरोम को शक था कि नीरज और मारिया के बीच अवैध संबंध थे। मारिया खुद अभिनय की दुनिया में काम तलाशने के लिए कुछ समय से ग्रोवर के अपार्टमेंट भी जा रही थी।

इस बीच 7 मई 2008 की रात जब मारिया ने नीरज को मिलने के लिए बुलाया तो अचानक उनके फ्लैट पर जेरोम भी पहुंच गया। इसके बाद जेरोम ने कथित तौर पर गुस्से में आकर नीरज की हत्या कर दी। इतना ही नहीं जेरोम और मारिया ने इस घटना के बाद जिस कमरे में लाश पड़ी थी, वहीं कई बार शारीरिक संबंध भी बनाए। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों ने इसके बाद जुर्म को छिपाने के लिए बाद में एक शॉपिंग मॉल से पॉलीबैग और धारदार चाकू खरीदे। बाद में दोनों ने ग्रोवर की लाश के 300 टुकड़े किए और इन्हें पॉलीबैग में भरा। दोनों ने इन पॉलीबैग्स को एक सुनसान जगह पहुंचाने के बाद इनमें आग लगा दी।

केस नंबर -6 ( दो बहनें बनी  मासूमों की सीरियल किलर )

रेणुका शिंदे और सीमा गावित को 1990 से 1996 के बीच कोल्हापुर जिले और उसके आसपास के इलाके में 13 बच्चों का अपहरण करने और उनमें से 9 की हत्या करने के लिए दोषी ठहराया गया था। बताया जाता है कि  बच्चों के अपहरण और हत्या में दोनों की मां अंजनाबाई भी शामिल थी। हालांकि, मुकदमा शुरू होने से पहले ही साल 1997 में मां की मौत हो गई थी। 

हालांकि, यह कहानी इतनी भी सीधी नहीं थी। भीड़भाड़ वाले इलाकों में चोरी, चेन स्नेचिंग, पर्स छीनने की घटनाओं को अंजाम देने वाली रेणुका और सीमा देखते ही देखते सीरियल किलर बन गईं। दोनों बहनें कथित तौर पर कई वर्षों तक अपनी मां के साथ मिलकर मासूम बच्चों की किडनैपिंग कर उनसे अपराध करवाती थीं।

मकसद पूरा हो जाने पर उनकी बेरहमी से हत्या कर देती थीं। मां-बेटियों की इस तिकड़ी ने 1990 से 1996 के बीच 35 से ज्यादा बच्चों को किडनैप किया। इनमें ज्यादातर नवजात या 12 साल से कम उम्र के बच्चे थे। इन लोगों के खिलाफ 100 से ज्यादा केस दर्ज हुए थे। 

पकड़े जाने तक तीनों महिलाएं पुख्ता तौर पर 15 बच्चों की किडनैपिंग और 9 बच्चों की हत्या को अंजाम दे चुकी थीं। मां अंजनीबाई गावित की पकड़े जाने के एक साल बाद ही मौत हो गई। उनके पकड़े जाने के बाद एक बड़ा खुलासा यह हुआ कि अपना राज न खुल जाए, इस डर से बच्चो की हत्या कर देती थीं।

एक मौके पर तो तीनों ने 18 महीने के बच्चे की बस स्टैंड पर लोहे की रॉड पर सिर पटक-पटककर हत्या कर दी थी। इतना ही नहीं इसके बाद तीनों ने वड़ा पाव खाकर पार्टी की। एक और चौंकाने वाले घटनाक्रम में तीनों ने ढाई साल की बच्ची को मारकर उसका शव बैग में भरा।

इसके बाद तीनों बैग लेकर सिनेमा हॉल पहुंचीं और पूरी फिल्म देखी। लौटते समय उन्होंने बच्ची का शव रास्ते में फेंक दिया। पकड़े जाने के बाद दोनों ने बच्चों के शरीर पर डिजाइनर घाव बनाने की बात भी कबूली।

पकड़े जाने के बाद दोनों बहनों को साल 2001 में कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी। दोनों ने मामले में राष्ट्रपति के पास दया याचिका लगाई थी। हालांकि, राष्ट्रपति ने इसे खारिज कर दिया। बाद में दोनों महिलाएं सजा कम कराने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंची थीं, जहां उनकी फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया गया।

केस नंबर – 7 ( सास-ससुर और पति समेत छह लोगों को मार डाला )

केरल के कोझिकोड़ इलाके में एक जगह है कूड़थई। यहां रहने वाला थॉमस परिवार क्षेत्र के काफी संपन्न परिवारों में से था। 2002 में इस परिवार के रॉय थॉमस की शादी जॉली जोसेफ नाम की महिला से की गई थी।

यूं तो जॉली घरेलू कामों में अच्छी थी, लेकिन पहले शादी के लिए पढ़ाई को लेकर बोले गए झूठ और फिर उन फर्जी डिग्रियों और नौकरी के लिए और झूठों के मायाजाल ने जॉली को चौतरफा घेरना शुरू कर दिया। इन झूठों को छिपाने के लिए ही उसने एक-एक कर के सवाल पूछने वाले परिवार वालों को मारना शुरू कर दिया।

यहीं से शुरू हुआ था मौतों का एक ऐसा खेल, जो अगले 14 साल तक चला। इस दौरान परिवार और इससे जुड़े छह लोगों की हत्या हुई। हत्या के लिए कोई चाकू या बंदूक नहीं, बल्कि साइनाइड का इस्तेमाल हुआ, जो कि सबसे खतरनाक जहर का काम करता है। 

मर्डर को छिपाने के लिए जॉली को ज्यादा मेहनत भी नहीं करनी पड़ी। उसने सभी को विश्वास में लेते हुए इन मौतों को प्राकृतिक बताते हुए उनका अंतिम संस्कार कराना भी जारी रखा। हालांकि, घटनाक्रम कुछ ऐसा हुआ कि एक के बाद एक जॉली जोसेफ के झूठ की परतें खुलने लगीं और फिर खुलासा हुआ उसके द्वारा की गई हत्याओं का।

जॉली जोसेफ पर जिन-जिन लोगों की हत्या करने का आरोप तय हुआ, उनमें सास अनम्मा (2002), ससुर टॉम थॉमस (2008), पति रॉय थॉमस (2011), सास के भाई मैथ्यू मंजाड़ियल (2014), पति के चचेरे भाई साजू थॉमस की दो साल की बेटी (2014) और साजू की पत्नी सिली सरखरियास (2016) की मौत का मामला शामिल है। इन सभी हत्याओं में एक चीज कॉमन थी। सभी हत्याओं में सायनाइड का इस्तेमाल किया गया था।  

केस नंबर – 8 ( जहर देकर प्रेमिका ने प्रेमी को मार डाला )

भारत के सबसे चर्चित हत्याकांड के हालिया मामलों में शेरोन राज हत्याकांड का नाम शामिल है। दरअसल, यहां तिरुवनंतपुरम में जिला अदालत ने एक 24 वर्षीय युवती को अपने बॉयफ्रेंड की हत्या के मामले में फांसी की सजा सुनाई। युवती ने अक्तूबर 2022 में अपने बॉयफ्रेंड शेरोन राज को आयुर्वेदिक टॉनिक में जहर मिलाकर दिया था, जिसे पीकर उसकी मौत हो गई थी।

दरअसल, युवती ग्रीष्मा की शादी कहीं और तय हो गई थी।  इसलिए उसने प्रेमी से पीछा छुड़ाने के लिए उसकी जान ले ली। उसके चाचा निर्मला कुमारण नायर को हत्या में साथ देने और सबूत मिटाने का दोषी पाया गया गया, उसे 3 साल की सजा सुनाई गई। जबकि युवती की मां को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।

इस मामले में अभियोजन पक्ष की तरफ से दिए गए सबूतों और गवाहों ने मामले की परतें खोलकर रख दीं। बताया गया कि ग्रीष्मा की शादी नागरकोइल के रहने वाले आर्मी के एक जवान से तय हो गई थी। इस वजह से वह अपने प्रेमी शेरोन राज को रिश्ता तोड़ने के लिए कह रही थी, लेकिन शेरोन रिश्ता खत्म नहीं करना चाहता था।

14 अक्तूबर 2022 को ग्रीष्मा ने शेरोन राज को कन्याकुमारी के रामवर्मनचिराई स्थित अपने घर बुलाया। वहां ग्रीष्मा ने शेरोन को आयुर्वेदिक टॉनिक में पैराक्वाट (खतरनाक हर्बीसाइड) मिलाकर जहर दे दिया। जैसे ही शेरोन ग्रीष्मा के घर से निकला तो उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और वो लगातार उल्टी करने लगा। घर वालों से उसे तुरंत हॉस्पिटल में भर्ती करवाया।

23 साल के शेरोन की 11 दिन बाद 25 अक्टूबर को अस्पताल में मौत हो गई। इस घटना में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। इसके मुताबिक, ग्रीष्मा ने पहले भी कई बार शेरोन को मारने की कोशिश की थी।