Haj Yatra 2026 Rules: GPS Smartwatch Mandatory, Makkah Building Kitchens Closed | The Politics Again
हज यात्रा 2026 के लिए बड़े बदलाव : मक्का में खुद नहीं बना सकेंगे खाना, हर यात्री को मिलेगी ‘स्मार्टवॉच’; पढ़ें नए नियम
लखनऊ/जौनपुर : द पॉलिटिक्स अगेन : वरुण यादव की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति और हज कमेटी ऑफ इंडिया ने हज-2026 की यात्रा को लेकर नए और बेहद महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बताया कि इस बार हज यात्रा में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई बड़े बदलाव किए गए हैं।
अब यात्रियों को मक्का में खुद खाना बनाने की अनुमति नहीं होगी, साथ ही उन्हें जीपीएस (GPS) से लैस एक स्मार्टवॉच भी दी जाएगी।
हज यात्रा पर जाने वाले सभी यात्रियों के लिए निम्नलिखित नए नियम और व्यवस्थाएं लागू की गई हैं:
1. यात्रियों की सुरक्षा के लिए मिलेगी ‘स्मार्टवॉच’ (GPS Tracker)
इस बार प्रत्येक हज यात्री को उड़ान स्थल पर एक विशेष स्मार्टवॉच दी जाएगी, जिसे कलाई पर पहनना अनिवार्य होगा।
यह स्मार्टवॉच भारत में काम नहीं करेगी, बल्कि सऊदी अरब पहुंचते ही स्वतः (Auto) एक्टिवेट हो जाएगी।
इसमें यात्री का पूरा विवरण दर्ज होगा और यह सीधे कंट्रोल रूम के जीपीएस से कनेक्टेड रहेगी।
यदि कोई यात्री भीड़ में बिछड़ जाता है या किसी परेशानी में है, तो वॉच का बटन दबाते ही कंट्रोल रूम को सिग्नल मिल जाएगा और उसकी लोकेशन ट्रेस कर ली जाएगी। यात्रियों को इसे हमेशा चार्ज रखना होगा।
2. कैटरिंग व्यवस्था: मक्का की बिल्डिंग में किचन खत्म
हज 2026 में मक्का की बिल्डिंग में खुद खाना पकाने (किचन) की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। अब हज कमेटी ऑफ इंडिया की तरफ से सभी यात्रियों को कैटरिंग के जरिए एक समान (Common Food) खान-पान उपलब्ध कराया जाएगा।
तीसरी और अंतिम किस्त (15 मार्च 2026 तक घोषित) में कैटरिंग का पैसा शामिल नहीं होगा, जिसे बाद में जमा करना होगा।
3. फ्लाइट और पासपोर्ट से जुड़े कड़े नियम
सभी यात्रियों को उड़ान की तारीख आवंटित की जा चुकी है। यात्रियों को उड़ान से 2 दिन पहले निर्धारित स्थल पर पहुंचकर अपनी बुकिंग कंफर्म करानी होगी (यह काम रिश्तेदार भी कर सकते हैं)।
उड़ान से ठीक 24 घंटे पहले यात्री का उड़ान स्थल पर पहुंचना अनिवार्य है, जहां उन्हें यात्रा प्रपत्र दिए जाएंगे।
यात्री का पासपोर्ट बिल्कुल सही होना चाहिए। ‘डैमेज’ (कटे-फटे) पासपोर्ट पर यात्रा रोक दी जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी यात्री की होगी।
4. मोबाइल में ये दो ऐप डाउनलोड करना अनिवार्य
हर हज यात्री को अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ‘हज सुविधा एप’ (Haj Suvidha App) और ‘नुसुक एप’ (Nusuk App) डाउनलोड करना अनिवार्य है।
नुसुक ऐप के बिना मदीना में ‘रियाजुल जन्नाह’ (Riyazul Jannah) में प्रवेश के लिए पंजीकरण संभव नहीं होगा।
जिन लोगों ने फॉर्म में अपना नंबर न देकर किसी एजेंट या रिश्तेदार का नंबर दिया है, वे तुरंत अपना नंबर अपडेट करा लें, अन्यथा यात्रा में भारी परेशानी होगी।
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