Gulf of Oman attack Indian sailors
💥 अमेरिका की सनक और 3 भारतीयों की मौत: ओमान की खाड़ी में US डकैती का पर्दाफाश, जयशंकर ने रुबियो को आधी रात किया फोन”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
पश्चिम एशिया आज उस ज्वालामुखी की तरह है जो बुरी तरह फट चुका है। चारों तरफ बारूद की गंध है और समंदर की लहरें खून से लाल हो रही हैं।
लेकिन इस युद्ध की आग में जब बेगुनाह भारतीयों की जान जाती है, तो दिल्ली का सिंहासन डोल जाता है।
ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman) में अमेरिका ने एक ऐसी ‘कायराना हरकत’ की है, जिसने भारत के सब्र का बांध तोड़ दिया है।
एक कमर्शियल जहाज पर अमेरिकी नौसेना के हमले में भारत के तीन जांबाज नाविकों की जान चली गई है।
अमेरिका ने सोचा था कि वह इस हमले का दोष ईरान पर मढ़कर झूठ बोलेगा और भारत चुपचाप मान लेगा। लेकिन जब भारत ने अपनी जांच से सच निकाला, तो अमेरिका की बोलती बंद हो गई।
‘The Politics Again’ की इस विशेष रिपोर्ट में आइए जानते हैं कि होर्मुज के समंदर में आखिर हुआ क्या था और कैसे भारत ने अमेरिका को उसी की भाषा में जवाब दिया:
ओमान की खाड़ी में तेल टैंकर ‘एम्प्टी सिट्टे बेलो’ (Empty Sitte Bello) शांति से अपने गंतव्य की ओर आगे बढ़ रहा था। इस जहाज पर कोई लड़ाकू विमान या मिसाइलें नहीं थीं; बल्कि इस पर 24 भारतीय नागरिक सवार थे।
अमेरिकी घेराबंदी: तभी अचानक अमेरिकी नौसेना (US Navy) के युद्धपोतों ने इस कमर्शियल जहाज को घेर लिया। बिना किसी चेतावनी और ठोस वजह के अमेरिका ने इस शांतिपूर्ण जहाज पर हमला कर दिया।
3 भारतीयों की मौत: गोलों की उस बरसात में जहाज दहल उठा। 21 भारतीयों ने किसी तरह अपनी जान बचाई, लेकिन तीन भारतीय नाविकों की इस अमेरिकी सनक में मौत हो गई।
इस हमले में जिन तीन भारतीयों ने अपनी जान गंवाई है, उनके नाम हैं:
आदित्य शर्मा (डेक कैडेट)
शिवंद चौरसिया (इंजन फिटर)
पटनाला सुरेश (चीफ इंजीनियर)
इन तीन मौतों की खबर जैसे ही भारत पहुंची, देश का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
हमला खुद किया, लेकिन दुनिया के सामने आकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने दावा कर दिया कि यह हमला ईरान के ड्रोंस (Iran Drones) ने किया है। अमेरिका चाहता था कि भारत इस बात पर ईरान से लड़ने लगे और अमेरिका पर्दे के पीछे बच निकले।
लेकिन ट्रंप शायद भूल गए कि सामने ‘मोदी का भारत’ है। भारत ने ट्रंप की बातों पर भरोसा करने के बजाय अपनी खुद की हाई लेवल जांच शुरू की।
सच का खुलासा: सैटेलाइट डेटा खंगाले गए और बचे हुए नाविकों के बयान लिए गए। भारत ने पूरी दुनिया के सामने ‘कंफर्म’ कर दिया कि हमला किसी ईरानी ड्रोन ने नहीं, बल्कि अमेरिकी नौसेना के जहाज से हुआ है। अमेरिका की चाल पकड़ी गई।
जब पानी सिर से ऊपर चला गया, तब हरकत में आए भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S. Jaishankar)।
उन्होंने ना केवल अमेरिकी राजदूत को दिल्ली में तलब किया, बल्कि आधी रात को सीधे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) को फोन लगाया।
सूत्रों के मुताबिक, यह बातचीत किसी सामान्य कूटनीतिक मुलाकात जैसी बिल्कुल नहीं थी। जयशंकर ने मार्को रुबियो को फोन पर बुरी तरह हड़काया और स्पष्ट संदेश दिया कि— “हमला तुमने किया है, और इसका हिसाब भी तुम ही दोगे।” इस कड़े रुख के बाद वाशिंगटन के गलियारों में सन्नाटा पसरा हुआ है।
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