Indian government bans bulk purchase of petrol and diesel at retail fuel pumps, sets 200-litre limit

सरकार का बड़ा फैसला: पेट्रोल-डीजल की बल्क खरीद पर रोक

सरकार का सख्त कदम: आम पेट्रोल पंपों से पेट्रोल-डीजल की ‘बल्क खरीद’ पर 90 दिनों की रोक, 200 लीटर की लिमिट तय ‘ 

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

केंद्र सरकार ने देश में ईंधन की आपूर्ति और कीमतों को संतुलित रखने के लिए एक बहुत बड़ा और सख्त कदम उठाया है।

सरकार ने इंडस्ट्रियल (औद्योगिक), कमर्शियल (वाणिज्यिक) और इंस्टीट्यूशनल (संस्थागत) यूजर्स के लिए आम रिटेल फ्यूल पंपों (पेट्रोल पंपों) से बड़ी मात्रा (Bulk) में पेट्रोल और डीजल खरीदने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह प्रतिबंध अगले 90 दिनों (3 महीने) तक लागू रहेगा। ‘The Politics Again’ की इस विशेष रिपोर्ट में आइए समझते हैं कि आखिर सरकार को यह अचानक और सख्त कदम क्यों उठाना पड़ा:

📉 क्या है इस रोक की असली वजह? (कीमतों का खेल)

सरकार द्वारा यह प्रतिबंध देश के कुछ हिस्सों में रिटेल आउटलेट्स पर डीजल की मांग में आई “असामान्य बढ़ोतरी” के बाद लगाया गया है। इस असामान्य उछाल का मुख्य कारण रिटेल और बल्क कीमतों के बीच का भारी अंतर है:

  • कीमतों में भारी अंतर: वर्तमान में दिल्ली के आम पेट्रोल पंपों पर डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर है, जबकि बल्क बिक्री (थोक) की कीमत 134.50 रुपये प्रति लीटर है।

  • मुनाफे की होड़: इस बड़े अंतर के कारण टेलीकॉम टावर, बिजली उत्पादन और अन्य औद्योगिक कार्यों के लिए डीजल का इस्तेमाल करने वाले ‘बल्क यूजर्स’ थोक केंद्रों के बजाय सस्ते रिटेल पंपों का रुख कर रहे थे।

सरकारी तेल कंपनियां आम जनता को कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से राहत देने के लिए रिटेल कीमतों को नियंत्रित कर रही हैं, लेकिन कमर्शियल यूजर्स इसी का फायदा उठाकर आम पंपों से तेल खरीद रहे थे।

🌍 भू-राजनीतिक तनाव और ग्लोबल सप्लाई चेन

फरवरी के अंत से पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।

सरकार ने अपने नोटिफिकेशन में स्पष्ट किया है कि दुनिया के कुछ हिस्सों को प्रभावित करने वाली मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति (Geopolitical Situation) ने अंतरराष्ट्रीय पेट्रोलियम सप्लाई चेन, शिपिंग लॉजिस्टिक्स और पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता पर काफी बुरा असर डाला है।

इसी संकट को देखते हुए ईंधन का विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने के लिए यह फैसला लिया गया है।

🚫 नए नियम: अब 200 लीटर से ज्यादा नहीं मिलेगा तेल

इस आदेश के बाद पेट्रोल पंपों पर ईंधन की बिक्री के लिए कड़े नियम लागू कर दिए गए हैं:

  • 200 लीटर की सीमा: अब प्रति ग्राहक या प्रति वाहन प्रतिदिन अधिकतम 200 लीटर ईंधन खरीद की सीमा तय कर दी गई है।

  • कंटेनर के नियम: रिटेल आउटलेट्स पर डीजल की बिक्री अब केवल वाहनों के फ्यूल टैंक या पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन (PESO) द्वारा मान्यता प्राप्त सुरक्षित कंटेनरों तक ही सीमित कर दी गई है।

  • बल्क बिक्री केंद्रों से लें तेल: सरकार ने साफ निर्देश दिया है कि औद्योगिक और कमर्शियल खरीदार अपनी जरूरत का तेल केवल बल्क बिक्री केंद्रों से ही खरीदें।

⚖️ नियम तोड़ने पर होगी सख्त सजा

नोटिफिकेशन में कड़ी चेतावनी देते हुए कहा गया है कि इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ (Essential Commodities Act) के कड़े प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह विशेष आदेश के जरिए किसी विशेष क्षेत्र, ग्राहक या लेन-देन की श्रेणी को इन नियमों से छूट दे सकती है।