निजी कोचिंग संस्थानों पर सरकार सख्त: फीस, सुरक्षा के लिए नए नियम
निजी कोचिंग संस्थानों पर कसी नकेल: मनमानी फीस और भ्रामक विज्ञापनों पर रोक, राज्यसभा में शिक्षा राज्य मंत्री ने दी जानकारी”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
देश भर में तेजी से कुकुरमुत्ते की तरह खुल रहे अनियमित निजी कोचिंग केंद्रों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें सख्त हो गई हैं।
छात्रों से अत्यधिक फीस वसूलने, आग लगने जैसी दुर्घटनाओं, मानसिक स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही और भ्रामक विज्ञापनों की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं।
शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि शिक्षा मंत्रालय और केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने कोचिंग संस्थानों के विनियमन (Regulation) के लिए व्यापक दिशानिर्देश लागू किए हैं, जिन्हें कई राज्यों ने अपने यहां अपना भी लिया है।
शिक्षा मंत्रालय के कड़े दिशानिर्देश
छात्रों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को सर्वोपरि रखते हुए, शिक्षा मंत्रालय ने 16 जनवरी 2024 को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए थे। इन दिशानिर्देशों के तहत कोचिंग संस्थानों के लिए निम्नलिखित नियम अनिवार्य किए गए हैं:
- वेबसाइट अनिवार्य: हर कोचिंग सेंटर की अपनी वेबसाइट होनी चाहिए, जिस पर शिक्षकों की योग्यता, कोर्स की अवधि और फीस का पूरा विवरण हो।
- पारदर्शी नीतियां: संस्थानों को ‘सुगम निकास नीति’ (Easy Exit Policy) और ‘फीस वापसी नीति’ (Refund Policy) स्पष्ट रूप से लागू करनी होगी।
- छात्रों के आंकड़े: वेबसाइट पर यह बताना अनिवार्य है कि संस्थान में कितने छात्र पढ़ रहे हैं और उनमें से कितने उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश पाने में सफल रहे।
- समानता और स्वास्थ्य: बैचों का वर्गीकरण (भेदभाव) न करना और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना अनिवार्य है। बुनियादी ढांचे (Infrastructure) में सुरक्षा मानकों का पालन करना भी आवश्यक है।
राज्यों ने लागू किए अपने कानून
चूंकि शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची (Concurrent List) का विषय है, इसलिए केंद्र के दिशानिर्देशों के आधार पर विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अपने-अपने कानून और नियम लागू कर दिए हैं।
| राज्य / केंद्र शासित प्रदेश | लागू नियम एवं अधिनियम | वर्ष |
| आंध्र प्रदेश | कोचिंग संस्थान (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम | 2026 |
| हिमाचल प्रदेश | निजी कोचिंग केंद्र (पंजीकरण एवं विनियमन) नियम | 2026 |
| पुदुचेरी, तमिलनाडु, अंडमान | कोचिंग केंद्रों के पंजीकरण एवं विनियमन के लिए दिशानिर्देश | 2026 |
| राजस्थान, झारखंड, असम | कोचिंग केंद्र (नियंत्रण एवं विनियमन) अधिनियम | 2025 |
| त्रिपुरा, नागालैंड | पंजीकरण एवं विनियमन दिशानिर्देश | 2025 |
| हरियाणा | निजी कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण एवं विनियमन अधिनियम | 2024 |
भ्रामक विज्ञापनों पर CCPA का हंटर
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के प्रावधानों का उपयोग करते हुए, केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने 13 नवंबर 2024 को कोचिंग क्षेत्र के लिए विशेष दिशानिर्देश जारी किए थे।
- टॉपर्स की तस्वीर पर नियम: कोई भी कोचिंग सेंटर किसी सफल छात्र (टॉपर) की लिखित सहमति के बिना विज्ञापन में उसके नाम, फोटो, वीडियो या प्रशंसापत्र (Testimonial) का इस्तेमाल नहीं कर सकता।
- झूठे दावों पर रोक: सेवाओं के प्रचार के लिए झूठे दावे करने और अनुचित व्यापारिक व्यवहार पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
- कड़ा जुर्माना: नियमों का उल्लंघन करने वाले और अनुचित अनुबंध (Unfair Contracts) करने वाले कोचिंग संस्थानों पर CCPA द्वारा भारी जुर्माना लगाया जाता है और उन्हें भ्रामक विज्ञापन तुरंत बंद करने का निर्देश दिया जाता है।











