FCRA बिल को JPC के पास भेज सकती है सरकार, जानिए अपडेट
FCRA बिल को JPC के पास भेज सकती है सरकार, विदेशी फंडिंग की निगरानी पर विपक्ष की चिंताओं के बीच बड़ा कदम”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
‘फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल, 2026’ (FCRA) को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है।
सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार इस अहम बिल को विस्तृत जांच और समीक्षा के लिए संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेज सकती है।
विपक्षी दलों द्वारा बिल के मौजूदा प्रावधानों पर जताई गई लगातार चिंताओं के बाद सरकार इस कदम पर विचार कर रही है।
क्या है FCRA बिल का मुख्य मकसद?
इस प्रस्तावित कानून का मुख्य उद्देश्य विदेशी फंडिंग (Foreign Funding) प्राप्त करने वाले संगठनों (NGOs) पर निगरानी को सख्त करना है।
- संपत्ति का प्रबंधन: इसके तहत एक ऐसी मजबूत अथॉरिटी का गठन किया जाएगा, जो विदेशी योगदान और संपत्तियों की निगरानी, प्रबंधन और निपटान का काम करेगी।
- लाइसेंस रद्द होने पर कार्रवाई: यह अथॉरिटी उन एनजीओ (NGO) की संपत्तियों को अपने नियंत्रण में ले सकेगी, जिनका FCRA लाइसेंस नियमों के उल्लंघन के कारण रद्द हो गया है।
12 अगस्त को संसद में चर्चा की संभावना
भले ही FCRA बिल को अभी तक लोकसभा के आधिकारिक एजेंडे में पारित करने के लिए शामिल नहीं किया गया है, लेकिन इसके 12 अगस्त को पटल पर रखे जाने की संभावना है।
आपको बता दें कि इस प्रस्तावित कानून को 25 मार्च को लोकसभा में पेश किया गया था। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि JPC के पास भेजे जाने की खबरों के बीच 12 अगस्त को इस पर चर्चा होती है या नहीं।
मिजोरम के मुख्यमंत्री और अमित शाह की मुलाकात
हाल ही में मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस बिल के संदर्भ में मुलाकात की थी।
लालदुहोमा ने संसद भवन परिसर में पत्रकारों को बताया, “हमने नए FCRA बिल को लेकर अपनी चिंताओं से गृह मंत्री को अवगत कराया है।
उन्होंने हमें आश्वासन दिया है कि यह कानून पिछली तारीख (Retrospective effect) से लागू नहीं होगा।”
उन्होंने यह भी बताया कि 7 अगस्त की चर्चा के बाद, गृह मंत्री ने 12 अगस्त को संसद में इस बिल पर चर्चा होने की बात कही थी।
अमेरिका को भारत की दो टूक
FCRA बिल को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बयानबाजी हुई है। हाल ही में भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने अमेरिका को सख्त नसीहत देते हुए स्पष्ट किया था कि ‘FCRA बिल भारत का पूर्णतः आंतरिक मामला है और इस पर अंतिम निर्णय भारतीय संसद ही लेगी।’











