Union Minister Dr. Jitendra Singh addressing civil servants during a 15-day refresher course in New Delhi

AI और क्वांटम तकनीक से बदल रही शासन प्रणाली – डॉ. जितेंद्र सिंह

कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्वांटम तकनीक से बदल रही शासन प्रणाली, सिविल सेवकों के लिए निरंतर सीखना जरूरी: डॉ. जितेंद्र सिंह”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : श्रीमती शिल्पा की रिपोर्ट

प्रधानमंत्री कार्यालय में कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष विभाग के केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बुधवार को कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), क्वांटम तकनीक, साइबर सुरक्षा और डिजिटल उपकरण देश की शासन प्रणाली को तेजी से बदल रहे हैं।

उन्होंने लोक सेवा अधिकारियों (Civil Servants) को सलाह दी कि तेजी से विकसित हो रही इस प्रौद्योगिकी के दौर में प्रासंगिक बने रहने के लिए निरंतर सीखना और खुद को अपडेट रखना बेहद आवश्यक है।

अधिकारियों के लिए 15 दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स

डॉ. जितेंद्र सिंह संयुक्त सचिवों, निदेशकों और उप सचिवों के लिए आयोजित एक 15 दिवसीय ‘रिफ्रेशर कोर्स’ के प्रतिभागियों को संबोधित कर रहे थे।

  • दोतरफा संवाद: उन्होंने जोर देकर कहा कि इस कोर्स को केवल ‘व्याख्यान’ (Lecture) का मंच नहीं माना जाना चाहिए।

  • पर्याप्त पेशेवर अनुभव प्राप्त कर चुके इन वरिष्ठ अधिकारियों को चर्चाओं में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए और इसे दोतरफा संवाद का अवसर बनाना चाहिए।

  • उभरती तकनीकों का उपयोग: अधिकारियों पर सरकार के प्रमुख कार्यक्रमों को लागू करने के लिए डिजिटल उपकरणों और नई तकनीकों का प्रभावी ढंग से उपयोग करने की जिम्मेदारी है, वह भी सरकार की संस्थागत गरिमा को बनाए रखते हुए।

प्रभावी संचार है जिम्मेदार शासन की कुंजी

केंद्रीय मंत्री ने रिफ्रेशर कोर्स के पाठ्यक्रम (जैसे- नीति विश्लेषण, डिजिटल परिवर्तन, नगरपालिका वित्त, सार्वजनिक स्वास्थ्य, और साइबर सुरक्षा) का उल्लेख करते हुए ‘सरकारी संचार’ में ‘सार्वजनिक संचार’ को भी शामिल करने का सुझाव दिया। उन्होंने अधिकारियों के लिए संचार के चार प्रमुख स्तरों की पहचान की:

  1. सरकारी पदाधिकारियों और सहकर्मियों के साथ संचार।

  2. राजनीतिक पदाधिकारियों (नेताओं) के साथ संचार।

  3. मीडिया के साथ संचार।

  4. आम जनता के साथ संचार।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच विभिन्न हितधारकों के साथ प्रभावी ढंग से संवाद करने की क्षमता विकसित करना अब अधिकारियों के लिए और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।

लेटरल एंट्री और संस्थागत एकीकरण पर जोर

शासन में नई प्रतिभाओं, नए विचारों और कार्य संस्कृति को लाने के महत्व पर बात करते हुए डॉ. सिंह ने ‘लेटरल एंट्री’ (Lateral Entry) का भी जिक्र किया।

उन्होंने बताया कि अब तक इस प्रक्रिया के माध्यम से लगभग 63 अधिकारियों की भर्ती की जा चुकी है।

इसके साथ ही, उन्होंने भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (IIPA) की पहुंच का विस्तार करते हुए इसे केंद्र, राज्य सरकारों, सार्वजनिक संस्थानों, निर्वाचित निकायों और यहां तक कि कॉर्पोरेट क्षेत्र के साथ एकीकृत करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

‘विकसित भारत 2047’ के निर्माता हैं सिविल सेवक

प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए मंत्री ने प्रतिभागियों से शिक्षकों और पाठ्यक्रम पर स्पष्ट व गुमनाम फीडबैक देने की अपील की।

अपने संबोधन के अंत में डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परिकल्पित ‘विकसित भारत 2047’ (Viksit Bharat@2047) के निर्माता के रूप में सिविल सेवकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।