G RAM J Bill 2025 : मनरेगा खत्म?, विपक्ष का ‘संविधान सदन’ के बाहर डेरा
“भारतीय राजनीति के इतिहास में एक और ‘आधी रात’ का अध्याय जुड़ गया है। मोदी सरकार ने अपने महत्वाकांक्षी ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी VB-G RAM J विधेयक को राज्यसभा से ध्वनि मत से पारित करा लिया है”
नई दिल्ली 19 / 12 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट
“विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी राम जी बिल को राज्यसभा ने आधी रात के बाद ध्वनि मत से पारित कर दिया। इससे पहले लोकसभा इस विधेयक को मंजूरी दे चुकी थी”
1. क्या है G RAM J बिल?
यह कानून महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) का स्थान लेगा। इसके प्रमुख प्रावधान निम्नलिखित हैं:
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रोजगार की गारंटी: ग्रामीण परिवारों को सालाना 125 दिन का सुनिश्चित मजदूरी रोजगार।
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फंडिंग पैटर्न: केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 का अनुपात।
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विशेष राज्य: पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों के लिए केंद्र 90% और राज्य 10% फंड देंगे।
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उद्देश्य: अकुशल श्रम के माध्यम से ग्रामीण आजीविका को आधुनिक और स्थायी बनाना।
2. विपक्ष का ‘आधी रात’ वाला धरना और आरोप
बिल पास होने के तुरंत बाद कांग्रेस, TMC, और DMK के सांसदों ने ‘संविधान सदन’ के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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लोकतंत्र की हत्या: सागरिका घोष (TMC) ने आरोप लगाया कि मात्र 5 घंटे का नोटिस देकर इतना बड़ा बदलाव लाया गया। विपक्ष इसे ‘प्रवर समिति’ (Select Committee) को भेजने की मांग कर रहा था।
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गांधी जी का नाम हटाने पर बवाल: विपक्ष का सबसे बड़ा विरोध ‘मनरेगा’ से महात्मा गांधी का नाम हटाने और योजना के स्वरूप को बदलने को लेकर है।
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मल्लिकार्जुन खरगे की चेतावनी: कांग्रेस अध्यक्ष ने इसकी तुलना ‘तीन कृषि कानूनों’ से करते हुए कहा कि सरकार को इसे भी वापस लेना पड़ेगा।
3. सरकार का तर्क: ‘गरीब कल्याण’ की नई दिशा
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सदन में बिल का बचाव करते हुए कहा कि यह कानून मनरेगा की कमियों को दूर करेगा और रोजगार के अवसरों को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाएगा। सरकार के अनुसार, 125 दिन का रोजगार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देगा।











