Gaya Technology Center foundation
🏭 गया को 170 करोड़ की ऐतिहासिक सौगात: मंत्री जीतन राम मांझी और CM सम्राट चौधरी आज करेंगे ‘टेक्नोलॉजी सेंटर’ का शिलान्यास “
गया (बिहार): द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
मगध क्षेत्र के औद्योगिक विकास और युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए आज का दिन बेहद ऐतिहासिक होने जा रहा है।
केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री श्री जीतन राम मांझी और बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी आज (15 जून 2026) बिहार के गया जिले के खिजरसराय में एक अत्याधुनिक ‘प्रौद्योगिकी केंद्र’ (Technology Center) की नींव रखेंगे।
पारंपरिक भूमि पूजन के साथ इस भव्य समारोह का शुभारंभ होगा, जिसमें एमएसएमई मंत्रालय और बिहार सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
‘The Politics Again’ की इस विशेष रिपोर्ट में आइए जानते हैं इस महाप्रोजेक्ट की खासियत और इससे बिहार को होने वाले फायदे:
गया के खिजरसराय में बनने वाला यह प्रौद्योगिकी केंद्र ‘आत्मनिर्भर भारत’ का एक मजबूत स्तंभ बनेगा।
लागत: इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 170 करोड़ रुपये तय की गई है। इसमें सिविल निर्माण कार्यों के लिए लगभग 86 करोड़ रुपये और आधुनिक संयंत्र व मशीनरी के लिए 84 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
विशाल परिसर: राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई 20 एकड़ भूमि पर इसे विकसित किया जाएगा।
इसके 16,800 वर्ग मीटर के निर्मित क्षेत्र में प्रोडक्शन ब्लॉक, ट्रेनिंग ब्लॉक, हॉस्टल और स्टाफ के लिए आधुनिक आवास बनाए जाएंगे।
यह केंद्र सामान्य इंजीनियरिंग, भारी इंजीनियरिंग और वस्त्र परीक्षण (Textile Testing) की जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाया जा रहा है।
इस केंद्र से सीधे तौर पर गयाजी, औरंगाबाद, नवादा, नालंदा, जहानाबाद और मुंगेर जिलों के एमएसएमई (MSME) को बड़ा फायदा मिलेगा।
यह सेंटर स्थानीय उद्योगों को उन्नत विनिर्माण तकनीक और तकनीकी सलाहकार सेवाएं प्रदान करेगा, ताकि वे ग्लोबल मार्केट में मजबूती से प्रतिस्पर्धा कर सकें।
गया का यह प्रौद्योगिकी केंद्र युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलेगा।
स्किल डेवलपमेंट: यहां शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म इंडस्ट्री ओरिएंटेड कोर्सेज के जरिए हर साल 7,000 युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी।
उद्योगों को मदद: केंद्र सरकार हर साल 1000 से अधिक स्थानीय एमएसएमई को उपकरण निर्माण और व्यवसाय विकास में सहायता प्रदान करेगी।
यह सेंटर पूरी तरह से 21वीं सदी की जरूरतों के हिसाब से हाई-टेक होगा। यहां सीएनसी (CNC) मशीनिंग, कैड/कैम/सीएई (CAD/CAM/CAE), इंडस्ट्री 4.0 लैब, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), डेटा एनालिटिक्स और गुणवत्ता नियंत्रण की सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही डिजिटल मार्केटिंग और सप्लाई चेन मैनेजमेंट की भी ट्रेनिंग दी जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सेंटर ऐतिहासिक मगध क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई उड़ान देगा और दक्षिण बिहार में औद्योगिक विकास का बड़ा हब बनकर उभरेगा।
नोट: बिहार के विकास कार्यों, एमएसएमई मंत्रालय की नई पहलों और राज्य की हर अहम राजनीतिक खबर के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन’ (The Politics Again) पर।
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