Uttar Pradesh

पूर्व विधायक विजय मिश्रा और उनके पूरे परिवार को जेल

ज्ञानपुर के पूर्व विधायक विजय मिश्रा के पूरे कुनबे को 10 साल की जेल; संपत्ति हड़पने के मामले में पत्नी-बेटे को भी सजा, बहू को 4 साल

भदोही/प्रयागराज: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

समाजवादी पार्टी (सपा) और निषाद पार्टी से ज्ञानपुर विधानसभा सीट के पूर्व विधायक रहे बाहुबली विजय मिश्रा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।

भदोही जिले की एमपी-एमएलए (MP-MLA) अदालत ने संपत्ति हड़पने के एक पुराने मामले में शुक्रवार को बड़ा और अहम फैसला सुनाते हुए पूर्व विधायक के पूरे कुनबे को सजा सुना दी है।

कोर्ट ने पूर्व विधायक विजय मिश्रा, उनकी पत्नी रामलली और बेटे विष्णु मिश्रा को 10-10 साल कैद की सख्त सजा सुनाई है।

कोर्ट ने इस मामले में बृहस्पतिवार को ही सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था।

पत्नी और बहू को पहली बार हुई सजा

इस फैसले की सबसे बड़ी बात यह है कि विजय मिश्रा के साथ-साथ उनके घर की महिलाओं पर भी कानूनी शिकंजा कस गया है।

अदालत ने मामले में उनकी बहू रूपा मिश्रा को भी दोषी करार देते हुए 4 साल कैद की सजा सुनाई है। यह पहला मौका है जब पूर्व विधायक की पत्नी और बहू को किसी आपराधिक मामले में अदालत द्वारा सजा दी गई है।

क्या है संपत्ति हड़पने का यह पूरा मामला?

यह मामला पारिवारिक विवाद और बाहुबल के इस्तेमाल से जुड़ा है:

  • पूर्व विधायक विजय मिश्रा के ही एक रिश्तेदार कृष्णमोहन तिवारी ने गोपीगंज कोतवाली में विजय मिश्रा, उनकी पत्नी और बेटे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।

  • आरोप: कृष्णमोहन तिवारी ने आरोप लगाया था कि विजय मिश्रा ने साल 2001 से ही भदोही स्थित उनके पैतृक घर पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा था। इसके अलावा, उनकी ‘माइनिंग फर्म’ (Mining Firm) पर भी जबरन नियंत्रण कर लिया गया था।

  • चार्जशीट: पुलिस ने मामले की गहन विवेचना शुरू की और साल 2023 में जब चार्जशीट दाखिल की गई, तो उसमें तीनों आरोपियों के साथ-साथ बहू रूपा मिश्रा का नाम भी शामिल किया गया। कोर्ट ने लंबी सुनवाई के बाद अब चारों को दोषी पाया है।

24 घंटे के भीतर दूसरा बड़ा झटका, उम्रकैद भी मिली

विजय मिश्रा के लिए यह हफ्ता राजनीतिक और कानूनी तौर पर बेहद भारी साबित हुआ है। इस सजा से ठीक एक दिन पहले (बुधवार को) प्रयागराज की एमपी-एमएलए कोर्ट ने भी एक अन्य गंभीर मामले में उन्हें आजीवन कारावास (Life Imprisonment) की सजा सुनाई थी।

लगातार दो अदालतों से मिली इन कड़ी सजाओं ने पूर्व विधायक के रसूख को पूरी तरह से खत्म कर दिया है।

Santosh SETH

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