Census 2027 India phase 1
📊 जनगणना 2027: 23 राज्यों में पहला चरण हुआ पूरा, हिमाचल में घर-घर जाकर गणना शुरू; जानें आपके राज्य का क्या है हाल?
नई दिल्ली:द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
देश भर में ‘जनगणना 2027’ (Census 2027) के पहले चरण यानी ‘मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना’ का कार्य तेजी से चल रहा है।
इस बार की जनगणना ऐतिहासिक है क्योंकि यह पहली बार मोबाइल ऐप और डिजिटल टूल्स के जरिए की जा रही है।
अब तक देश के 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पहले चरण का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
‘The Politics Again’ की इस विशेष रिपोर्ट में आइए विस्तार से जानते हैं कि किन राज्यों में काम पूरा हो गया है, कहां स्व-गणना (Self-Enumeration) जारी है और कहां प्रगणक (Enumerator) घर-घर पहुंच रहे हैं:
हिमाचल प्रदेश: यहां ‘स्व-गणना’ की समयसीमा पूरी होने के बाद आज से प्रगणकों (Enumerators) द्वारा घर-घर जाकर आंकड़े जुटाने का काम (फील्ड वर्क) शुरू हो गया है। यह प्रक्रिया 15 जुलाई 2026 तक चलेगी।
केरल और नागालैंड: इन दोनों राज्यों में ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) की सुविधा शुरू हो गई है, जो 30 जून 2026 तक खुली रहेगी।
यहां के निवासी आधिकारिक पोर्टल (se.census.gov.in) पर जाकर खुद अपनी जानकारी भर सकते हैं। इसके बाद यहां 1 जुलाई से 30 जुलाई तक घर-घर जाकर गणना होगी।
वर्तमान में गुजरात, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पुडुचेरी और उत्तर प्रदेश में प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर क्षेत्रीय कार्य (Field Work) किया जा रहा है।
सरकार ने अपील की है कि जिन निवासियों ने ऑनलाइन ‘स्व-गणना’ पूरी कर ली है, वे अपनी स्व-गणना पहचान संख्या (SE ID) को सुरक्षित रखें और प्रगणक के घर आने पर उनके साथ साझा करें, ताकि प्रक्रिया जल्दी पूरी हो सके।
हाल ही में (16 मई से 14 जून के बीच) महाराष्ट्र, मेघालय, राजस्थान, झारखंड और दिल्ली नगर निगम (MCD) क्षेत्र में मकान सूचीकरण का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। पंजाब में भी 13 जून को यह कार्य संपन्न हो गया।
अब तक इन 23 राज्यों/UTs में काम हो चुका है पूरा: अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव, दिल्ली (MCD सहित), गोवा, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मेघालय, मिजोरम, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तेलंगाना और उत्तराखंड।
भारत के इतिहास में पहली बार आंकड़े जुटाने के लिए कागजों के बजाय एक ‘डेडिकेटेड मोबाइल ऐप’ का इस्तेमाल हो रहा है।
33 सवालों की सूची: मकान सूचीकरण चरण के दौरान परिवार से उनकी आवासीय स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं (Amenities) और स्वामित्व वाली संपत्तियों से जुड़े कुल 33 अधिसूचित प्रश्न पूछे जा रहे हैं।
गोपनीयता की गारंटी: ‘जनगणना अधिनियम, 1948’ के तहत एकत्र की गई हर एक जानकारी पूर्णतः गोपनीय (Confidential) रखी जाती है और इसका उपयोग केवल विकास योजनाओं और सांख्यिकीय कार्यों के लिए होता है।
सरकार ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस राष्ट्रीय कार्य में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं और प्रगणकों को सही जानकारी देकर पूरा सहयोग करें।
नोट: देशभर की जनगणना से जुड़े अपडेट्स, सरकारी योजनाओं और राष्ट्रीय स्तर की हर महत्वपूर्ण खबर के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन’ (The Politics Again) पर।
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