फरवरी 2026: भारत बना ग्लोबल पावर सेंटर! ब्राजील-फ्रांस के राष्ट्रपतियों का दौरा और 114 राफेल की ‘मेक इन इंडिया’ डील पर मुहर
“वर्ष 2026 का फरवरी महीना भारतीय कूटनीति और रक्षा इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है”
नई दिल्ली: THE POLITICS AGAIN : संतोष सेठ की रिपोर्ट
एक तरफ जहां दुनिया के दो बड़े दिग्गज नेता—ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लुला दा सिल्वा और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों—भारत आ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ मोदी सरकार ने वायुसेना को ‘अजेय’ बनाने के लिए 114 राफेल विमानों की खरीद को हरी झंडी दे दी है।
नई दिल्ली: वैश्विक कूटनीति का नया अखाड़ा
भारतीय विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि ब्राजील के राष्ट्रपति लुला 18 से 22 फरवरी 2026 तक भारत की राजकीय यात्रा पर रहेंगे।
वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों 17 से 19 फरवरी तक भारत में होंगे। यह दुर्लभ संयोग है जब दो वैश्विक महाशक्तियां एक साथ भारत की धरती पर होंगी।
एआई इम्पैक्ट समिट (AI Impact Summit): इस यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण 19-20 फरवरी को नई दिल्ली में होने वाला ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ है।
-
ग्लोबल मंच: इसमें 40 से 50 देशों के नेता और तकनीक विशेषज्ञ शामिल होंगे।
-
मुख्य अतिथि: राष्ट्रपति मैक्रों (19 फरवरी) और राष्ट्रपति लुला (19-20 फरवरी) इस समिट में हिस्सा लेंगे।
-
उद्देश्य: भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के नैतिक उपयोग और नीति निर्माण में ‘विश्व गुरु’ के रूप में स्थापित करना।
राफेल 2.0: 114 विमान, 90 भारत में बनेंगे
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने 114 राफेल लड़ाकू विमानों (MRFA) की खरीद को मंजूरी दी है।
-
मेक इन इंडिया का दम: योजना के मुताबिक, 114 में से 90 विमानों का निर्माण भारत में ही होगा।
-
स्वदेशी टच: इन विमानों में 50% सामग्री स्वदेशी होगी और भारत को अपनी जरूरत के हिसाब से हथियार (जैसे अस्त्र मिसाइल) जोड़ने का अधिकार होगा।
-
जरूरत क्यों? वायुसेना के पास 42 स्क्वाड्रन होने चाहिए, लेकिन अभी संख्या काफी कम है। 36 पुराने और 114 नए राफेल मिलकर इस कमी को काफी हद तक दूर करेंगे।
मैक्रों और लुला के साथ द्विपक्षीय वार्ता
-
ब्राजील (लुला): 21 फरवरी को पीएम मोदी के साथ बैठक होगी। फोकस बायोफ्यूल, रक्षा, और ग्लोबल साउथ के मुद्दों पर रहेगा।
-
फ्रांस (मैक्रों): 2047 के रोडमैप पर चर्चा होगी। मुंबई में ‘भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष’ का आगाज होगा। रक्षा और अंतरिक्ष में साझेदारी और गहरी होगी।
विदेश मंत्रालय: चीन और आतंकवाद पर कड़ा रुख
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में भारत की स्थिति स्पष्ट की:
-
आतंकवाद: संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में लाल किला विस्फोट में ‘जैश-ए-मोहम्मद’ का नाम आना भारत की चिंताओं की पुष्टि करता है।
-
चीन: ब्रिक्स बैठक के दौरान सीमा पर शांति और सुरक्षा परिषद में भारत की दावेदारी पर सकारात्मक चर्चा हुई।
-
अमेरिका: व्यापार समझौते के ढांचे को अंतिम रूप दिया जा रहा है। ट्रंप के कथित वीडियो पर भारत ने कहा कि सच्चाई परखने के बाद ही प्रतिक्रिया दी जाएगी।











