फैक्ट चेक – एथेनॉल पेट्रोल (E20) पर भ्रामक दावों की खुली पोल
एथेनॉल पेट्रोल (E20) पर सोशल मीडिया में फैले झूठ की खुली पोल, सरकार ने बताई ‘वायरल दावों’ की सच्चाई “
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
देश में ‘एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल’ (Ethanol Blended Petrol – EBP) को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया पर कई तरह के भ्रामक दावे, पुरानी तस्वीरें और सनसनीखेज वीडियो वायरल हो रहे हैं।
इन अफवाहों का उद्देश्य आम जनता और वाहन चालकों के मन में E20 पेट्रोल को लेकर अनावश्यक डर पैदा करना है।
‘The Politics Again’ की इस रिपोर्ट में जानिए सरकार और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा इन अफवाहों पर दिए गए स्पष्टीकरण की पूरी सच्चाई।
पूरी तरह सुरक्षित और वैज्ञानिक है एथेनॉल मिश्रण
पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत का एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम पूरी तरह से वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित है और सरकार इसकी कड़ी निगरानी करती है।
2003 में शुरू किए गए इस कार्यक्रम के तहत 2023 से पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण (E20) लागू किया गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि E20 पेट्रोल की शुरुआत के बाद से अब तक इंजन की खराबी या वाहन के ब्रेकडाउन की कोई व्यापक समस्या सामने नहीं आई है।
सोशल मीडिया के इन 4 बड़े दावों का हुआ पर्दाफाश:
- दावा 1: गन्ने का रस सीधे पेट्रोल में मिलाया जा रहा है
- सच्चाई: सोशल मीडिया पर वायरल यह दावा पूरी तरह निराधार है। एथेनॉल भले ही गन्ने के रस, गुड़ या मक्के से बनता है, लेकिन इसे सीधे पेट्रोल में नहीं मिलाया जाता।
- यह कई जटिल औद्योगिक प्रक्रियाओं (जैसे- फ़र्मेंटेशन और डिस्टलेशन) से गुजरता है। सख्त गुणवत्ता परीक्षण के बाद ही इसे पेट्रोल में मिलाया जाता है।
- दावा 2: पेट्रोल टैंक के पास चींटियां आ रही हैं
- सच्चाई: हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें फ्यूल टैंक के पास चींटियां दिखाई गईं। भारत पेट्रोलियम (BPCL) ने इसे सिरे से खारिज करते हुए बताया कि डिस्टलेशन प्रक्रिया के दौरान एथेनॉल से सारी शर्करा (Sugar) निकाल दी जाती है।
- उलटे, ईंधन वाले एथेनॉल में ‘डिनेचुरेंट्स’ मिलाए जाते हैं जो कीटों को दूर भगाते हैं। इसलिए E20 पेट्रोल से चींटियों के आकर्षित होने का दावा अवैज्ञानिक है।
- दावा 3: एथेनॉल ईंधन से नमी/पानी सोखने का खतरा है
- सच्चाई: किसी भी ईंधन टैंक में पानी जाना नुकसानदेह है। लेकिन आज के सभी आधुनिक वाहनों को इस तरह से डिज़ाइन किया जाता है कि उनके ईंधन टैंक में बाहर से पानी प्रवेश न कर सके। इसके लिए विशेष सुरक्षा उपाय पहले से मौजूद होते हैं।
- दावा 4: E20 पेट्रोल डालने से वाहन बीमा (Insurance) रद्द हो जाएगा
- सच्चाई: बीमा कंपनियों और संबंधित हितधारकों ने इस दावे को पूरी तरह गलत और भ्रामक पाया है। E20 ईंधन के उपयोग से वाहन बीमा की वैधता पर कोई असर नहीं पड़ता।
देश और किसानों को हो रहा है बड़ा फायदा
एथेनॉल मिश्रण कोई नया या केवल भारत का प्रयोग नहीं है। अमेरिका और जापान जैसे विकसित देश इसे सफलतापूर्वक अपना चुके हैं, जबकि ब्राजील तो E27 (27% एथेनॉल) का उपयोग करता है।
इस कार्यक्रम ने न केवल भारत के कार्बन उत्सर्जन को कम किया है, बल्कि कच्चे तेल के आयात में कमी लाकर देश के 1.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा भी बचाई है।
इसके अतिरिक्त, एथेनॉल के लिए कृषि उत्पादों की मांग बढ़ने से देश के किसानों की आय में सीधा इजाफा हुआ है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है।











