EPFO ने शुरू की ‘विश्वास 2026’ योजना, PF विवादों का होगा निपटारा
EPFO ने शुरू की ‘विश्वास 2026’ योजना: PF विवादों और जुर्माने के एकमुश्त निपटारे का मिलेगा सुनहरा मौका”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
केंद्र सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने नियोक्ताओं (Employers) को बड़ी राहत दी है।
ईपीएफओ ने लंबे समय से लंबित पीएफ विवादों और जुर्माने के सौहार्दपूर्ण निपटारे के लिए “विश्वास, 2026” नामक एकमुश्त विवाद समाधान पहल की शुरुआत की है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 (धारा 14बी) और सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 (धारा 128) के तहत लगाए गए जुर्माने और क्षतिपूर्ति से संबंधित मामलों का तेजी से निपटारा करना है।
योजना की अवधि और उद्देश्य
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प्रभावी तिथि: यह योजना ईपीएफ योजना, 2026 के भाग के रूप में 29 जून 2026 को अधिसूचित की गई है और उसी दिन से प्रभावी हो गई है।
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वैधता: यह अधिसूचना की तिथि से अगले छह महीने तक लागू रहेगी।
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उद्देश्य: इस योजना को स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देने, मुकदमों के बोझ को कम करने और कर्मचारियों के हितों की रक्षा करते हुए पुराने विवादों के शीघ्र समाधान के लिए लाया गया है।
किन मामलों का होगा निपटारा?
योजना के तहत एक पूर्णतः डिजिटल और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से इन चार श्रेणियों के मामलों का निपटारा किया जाएगा:
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वे मामले जिनमें जुर्माने/क्षतिपूर्ति के आदेशों को अदालत या न्यायिक मंच के समक्ष चुनौती दी गई हो।
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अंतिम आदेश जहां वसूली लंबित है या केवल आंशिक रूप से की गई है (वसूली प्रमाणपत्र/RRC मामलों सहित)।
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ऐसे मामले जिनमें नोटिस जारी हो चुके हैं, लेकिन अंतिम आदेश अभी पारित नहीं हुए हैं।
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ऐसे मामले जिनमें जुर्माने/क्षतिपूर्ति के नोटिस अभी जारी होने बाकी हैं।
काफी कम दरों पर होगी जुर्माने की गणना
‘विश्वास, 2026’ योजना के तहत, 14 जून 2024 से पूर्व की अवधि से संबंधित चूकों (Defaults) के लिए क्षतिपूर्ति/जुर्माने की दरें काफी कम कर दी गई हैं:
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2 महीने तक की चूक: 0.25 प्रतिशत प्रति माह
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2 से 4 महीने की चूक: 0.50 प्रतिशत प्रति माह
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4 महीने से अधिक की चूक: 1.00 प्रतिशत प्रति माह
योजना का लाभ लेने की शर्तें
नियोक्ताओं को इस छूट का लाभ उठाने के लिए कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी:
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आवेदन जमा करने से पहले धारा 7क्यू या धारा 127 के तहत देय संपूर्ण ब्याज का भुगतान करना अनिवार्य है।
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आवेदक को यह वचन (Undertaking) देना होगा कि इस योजना के तहत निपटाए गए विवाद को लेकर भविष्य में कोई अपील नहीं की जाएगी।
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अपवाद: धोखाधड़ी, गबन या रिकॉर्ड में जानबूझकर हेराफेरी करने वाले मामलों को इस योजना से बाहर रखा गया है।
कैसे करें आवेदन?
‘विश्वास, 2026’ के तहत सभी आवेदन EPFO नियोक्ता पोर्टल (Employer Portal) के माध्यम से ऑनलाइन जमा किए जाएंगे। इसके लिए डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र (DSC) या ई-हस्ताक्षर का उपयोग करना होगा।
योजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए ईपीएफओ ने सभी क्षेत्रीय और जिला कार्यालयों में समर्पित ‘विश्वास प्रकोष्ठ’ (Vishwas Cells) स्थापित किए हैं, ताकि आवेदनों का समय पर और तेजी से निपटारा किया जा सके।











