मणिपुर में नई सरकार! युमनाम खेमचंद सिंह चुने गए भाजपा विधायक दल के नेता।
“पूर्वोत्तर के अहम राज्य मणिपुर में करीब एक साल से जारी राजनीतिक अनिश्चितता के बादल अब छंट गए हैं।
नई दिल्ली/इंफाल: “The Politics Again” संतोष सेठ की रिपोर्ट
12 फरवरी को राज्य में राष्ट्रपति शासन समाप्त होने से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सरकार गठन की प्रक्रिया पूरी कर ली है।
भाजपा विधायक दल की बैठक में युमनाम खेमचंद सिंह को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुन लिया गया है, जिससे उनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है।
दिल्ली में हुआ फैसला, तरुण चुघ रहे पर्यवेक्षक
मणिपुर में नई सरकार के गठन की कवायद सोमवार को ही तेज हो गई थी, जब भाजपा के सभी विधायक दिल्ली पहुंचे थे।
बैठकों के कई दौर के बाद विधायक दल की औपचारिक बैठक हुई। इस दौरान भाजपा संसदीय बोर्ड द्वारा नियुक्त केंद्रीय पर्यवेक्षक और राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने युमनाम खेमचंद सिंह के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सभी ने स्वीकार किया।
चुघ ने उन्हें पटका पहनाकर स्वागत किया। इस मौके पर भाजपा के पूर्वोत्तर प्रभारी संबित पात्रा भी मौजूद रहे।
12 फरवरी को खत्म हो रही है ‘डेडलाइन’
मणिपुर में पिछले साल 13 फरवरी को तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे और जातीय हिंसा के चलते राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था।
60 सदस्यीय विधानसभा को निलंबित रखा गया था, जिसका कार्यकाल 2027 तक है। अब चूंकि 12 फरवरी को राष्ट्रपति शासन की अवधि समाप्त हो रही है, उससे पहले ही विधानसभा को फिर से सक्रिय (Revive) कर नई सरकार का शपथ ग्रहण कराया जाएगा।
शांति बहाली है सबसे बड़ी चुनौती
पिछले साल 14 दिसंबर को भी नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में एक अहम बैठक हुई थी, जिसमें पूर्व सीएम बीरेन सिंह और संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष शामिल थे।
अब नए नेतृत्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती राज्य में स्थायी शांति बहाल करना और जातीय समूहों के बीच विश्वास पैदा करना होगा।
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