रामपुर जेल से बाहर आते ही ED ने आजम खान को लिया हिरासत में
जेल से बाहर आते ही आजम खान पर ED का शिकंजा: रामपुर जेल के गेट से लिए गए हिरासत में; छलका दर्द- ‘मुसलमान होने की कीमत चुका रहा हूं’
The Politics Again डेस्क: संतोष सेठ
दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद शनिवार को 11 महीने बाद रामपुर जेल से रिहा हुए समाजवादी पार्टी (सपा) के कद्दावर नेता आजम खान को एक और बड़ा झटका लगा है।
जेल के गेट से बाहर निकलते ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने आजम खान को हिरासत में ले लिया। वहीं, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को घर जाने की इजाजत दे दी गई। इस घटनाक्रम ने यूपी की सियासत में एक नया उबाल ला दिया है।
जेल गेट पर ही ED से हुई तीखी बहस
जानकारी के मुताबिक, आजम खान की रिहाई से करीब 15 मिनट पहले ही ED की एक टीम भारी सुरक्षा बल (CRPF के 24 जवानों) के साथ रामपुर जेल के गेट पर पहुंच गई थी।
जैसे ही आजम खान अपने बेटे के साथ बाहर आए, ED के अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया और पूछताछ शुरू कर दी।
इस दौरान ED अधिकारियों और आजम खान के बीच तीखी बहस भी हुई, जिसके बाद अधिकारियों ने उन्हें अपनी गाड़ी में बैठा लिया।
हिरासत में भावुक हुए आजम, कहा- ‘यही हमारा अपराध है’
ED द्वारा हिरासत में लिए जाने के दौरान आजम खान बेहद भावुक नजर आए। मीडियाकर्मियों को देखकर उनका दर्द छलक पड़ा।
उन्होंने तल्ख लहजे में कहा, “अब कहने के लिए बचा ही क्या है? मुसलमान होने की यही कीमत चुकानी पड़ती है। एक मुसलमान ने यूनिवर्सिटी बनाई… बस यही गलती है। यही हमारा एकमात्र अपराध है।”
अब्दुल्ला आजम घर रवाना, आजम की रिहाई के सियासी मायने
पिता के हिरासत में लिए जाने के बाद अब्दुल्ला आजम अपने समर्थकों के साथ घर के लिए निकल गए।
गौरतलब है कि 29 अक्टूबर को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दो पैन कार्ड मामले में दोनों को सुनाई गई 10 साल की सजा पर रोक लगाते हुए जमानत दे दी थी।
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से ठीक पहले आजम खान का जेल से बाहर आना राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा था।
इसी सियासी अहमियत को देखते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी 9 दिन पहले (22 अक्टूबर) रामपुर जेल में जाकर आजम से मुलाकात की थी।
लेकिन अब ED की कार्रवाई ने सपा के चुनावी समीकरणों पर फिर से पानी फेर दिया है।
आजम खान की रिहाई और ED का एक्शन: घटनाक्रम एक नजर में
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घटनाक्रम (Event Details) |
प्रमुख बिंदु (Key Highlights) |
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रिहाई का स्थान व समय |
रामपुर जेल (11 महीने बाद बाहर आए) |
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रिहाई का आधार |
इलाहाबाद हाई कोर्ट से ‘दो पैन कार्ड’ मामले में मिली जमानत |
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जेल के गेट पर एक्शन |
ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने आजम खान को तुरंत हिरासत में लिया |
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सुरक्षा व्यवस्था |
जेल गेट पर CRPF के 24 जवानों की तैनाती |
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बेटे की स्थिति |
अब्दुल्ला आजम को घर जाने दिया गया |
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आजम खान का बयान |
“मुसलमान होने की कीमत चुकानी पड़ती है, यूनिवर्सिटी बनाना ही एकमात्र अपराध।” |
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सियासी अहमियत |
2027 यूपी विधानसभा चुनाव से पहले रिहाई (अखिलेश यादव से हालिया मुलाकात) |











