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ED Raide: बंगाल चुनाव से पहले पार्थ चटर्जी के घर ED का छापा

बंगाल चुनाव से पहले ED का बड़ा ‘एक्शन’: पार्थ चटर्जी के घर और ‘मिडलमैन’ प्रसन्ना रॉय के दफ्तर पर रेड 

कोलकाता: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव (23 और 29 अप्रैल) से ठीक पहले शिक्षक भर्ती घोटाले (SSC Recruitment Scam) की आंच एक बार फिर तेज हो गई है।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले (PMLA) में शनिवार सुबह पूर्व शिक्षा मंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व कद्दावर नेता पार्थ चटर्जी से जुड़े ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की है।

भारी केंद्रीय बलों के साथ ईडी की टीमों ने कोलकाता में दो अलग-अलग जगहों पर सघन तलाशी अभियान चलाया है।

3 समन को किया नजरअंदाज, तो घर पहुंची ED

जानकारी के मुताबिक, ईडी की एक टीम शनिवार सुबह-सुबह पार्थ चटर्जी के नाकतला स्थित आवास पर पहुंची।

जांच एजेंसी ने बताया कि स्कूल सर्विस कमीशन (SSC) भर्ती घोटाले में पूछताछ के लिए पार्थ चटर्जी को तीन बार समन भेजा गया था, लेकिन वह हर बार ‘बीमारी’ का हवाला देकर पेश होने से बचते रहे।

चटर्जी ने ईडी से कहा था कि जरूरत पड़ने पर उनसे वीडियो कॉल के जरिए या घर पर ही पूछताछ की जा सकती है।

इसी वजह से चुनाव से पहले सीधे पूछताछ और सबूत जुटाने के लिए ईडी की टीम उनके घर आ धमकी।

मिडलमैन प्रसन्ना रॉय के ठिकानों पर भी छापा

पार्थ चटर्जी के घर के अलावा, शनिवार सुबह करीब 11 बजे ईडी की एक अन्य टीम ने न्यू टाउन इलाके में प्रसन्ना कुमार रॉय के दफ्तर पर भी छापा मारा।

प्रसन्ना रॉय इस पूरे शिक्षक भर्ती घोटाले में ‘मिडलमैन’ (बिचौलिए) की भूमिका में मुख्य आरोपी हैं और फिलहाल जेल में बंद हैं।

जांच एजेंसी पैसों के लेन-देन (मनी ट्रेल) की कड़ियों को जोड़ने के लिए यह तलाशी अभियान चला रही है।

मंत्री सुजीत बोस के बेटे से भी पूछताछ

भर्ती घोटाले की इस व्यापक जांच के दायरे में कई और रसूखदार नाम भी आ रहे हैं। शनिवार को ही इस मामले में राज्य के अग्निशमन मंत्री और TMC नेता सुजीत बोस के बेटे समुद्र बोस भी पूछताछ के लिए साल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स (CGO Complex) में ईडी के सामने पेश हुए।

2022 में हुई थी गिरफ्तारी, 2025 में मिली जमानत

गौरतलब है कि ईडी ने जुलाई 2022 में प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले में पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उनके घर से करोड़ों का कैश मिला था।

लंबी कानूनी लड़ाई के बाद, हाल ही में फरवरी-मार्च 2025 में सुप्रीम कोर्ट से उन्हें सशर्त जमानत मिली थी।

हालांकि, उनके खिलाफ प्राथमिक शिक्षक, SSC असिस्टेंट टीचर और ग्रुप C व D स्टाफ की भर्ती को लेकर ईडी के कई मामले अभी भी लंबित हैं।

चुनाव के ऐन वक्त पर हुई इस छापेमारी ने बंगाल के राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है।

Santosh SETH

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