बिहार में नई सरकार का एक्शन: गया, सीतामढ़ी समेत कई जेलों में अहले सुबह छापेमारी, मचा हड़कंप | The Politics Again
बिहार में नई सरकार का बड़ा एक्शन: गया, सीतामढ़ी और नालंदा समेत कई जिलों की जेलों में अहले सुबह छापेमारी, मचा हड़कंप
पटना: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
बिहार में नई सरकार के गठन के साथ ही पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से ‘एक्शन मोड’ में आ गया है।
शुक्रवार अहले सुबह (तड़के) राज्य के कई जिलों की जेलों में एक साथ सघन छापेमारी अभियान चलाया गया।
जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) की अगुवाई में भारी पुलिस बल ने गया, सीतामढ़ी, नालंदा, समस्तीपुर, भोजपुर, मुजफ्फरपुर और पूर्वी चंपारण समेत कई जेलों में दबिश दी।
पुलिस टीमों ने जेल के अंदर एक-एक वार्ड से लेकर शौचालयों तक की बारीकी से तलाशी ली। अचानक हुई इस कार्रवाई से सभी जेलों में कैदियों और जेल प्रशासन के बीच हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने इसे एक नियमित ‘सुरक्षा जांच अभियान’ बताया है।
गया की दो जेलों में रात 2 बजे से एक्शन
छापेमारी की शुरुआत सबसे पहले गया जिले से हुई। यहां रात के करीब दो बजे ही जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने सेंट्रल जेल और शेरघाटी उपकारा (सब-जेल) में धावा बोल दिया।
पुलिस ने हर वार्ड का कोना-कोना छाना, लेकिन जांच के दौरान कोई भी आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए भविष्य में भी ऐसे औचक अभियान जारी रहेंगे।
सीतामढ़ी मंडल कारा: 8 पन्नों का संदिग्ध दस्तावेज और कोडवर्ड बरामद
शुक्रवार सुबह सीतामढ़ी मंडल कारा (जेल) में भी भारी पुलिस बल के साथ छापेमारी की गई। यह औचक कार्रवाई जिलाधिकारी रिची पांडेय और पुलिस अधीक्षक (SP) अमित रंजन के नेतृत्व में की गई।
लगभग तीन घंटे तक चली इस सघन तलाशी के दौरान पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली। एक वार्ड से 8 पन्नों का संदिग्ध दस्तावेज बरामद किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, इन दस्तावेजों में कई मोबाइल नंबर और ‘आपत्तिजनक कोडवर्ड’ लिखे हुए हैं, जिसकी पुलिस अब गहराई से जांच कर रही है।
बिहारशरीफ (नालंदा) मंडल कारा में 100 से अधिक जवानों ने की तलाशी
नालंदा जिला प्रशासन और पुलिस की टीम ने भी शुक्रवार अहले सुबह बिहारशरीफ मंडल कारा में औचक छापेमारी की।
जिलाधिकारी कुंदन कुमार और पुलिस अधीक्षक भारत सोनी के निर्देश पर शुरू हुई इस बड़ी कार्रवाई में 100 से अधिक पुलिस जवानों को लगाया गया था।
घंटों चली इस सघन तलाशी के दौरान जेल के भीतर से कोई भी आपत्तिजनक या प्रतिबंधित सामान बरामद नहीं हुआ है।
सभी जिलों में जेलों के अंदर औसतन दो से तीन घंटे तक यह तलाशी अभियान चलाया गया। नई सरकार के इस कड़े कदम को जेलों के अंदर से चलने वाले आपराधिक नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
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