क्या रूस की साइबेरिया लैब से लीक हुआ ‘प्लेग’? दुनिया में दहशत
रूस की साइबेरिया लैब में टेक्नीशियन की मौत से दुनिया में दहशत; क्या टेस्ट ट्यूब टूटने से लीक हुआ ‘प्लेग’ बैक्टीरिया?
मॉस्को/वाशिंगटन: द पॉलिटिक्स अगेन : मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार
कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी की उत्पत्ति आज भी एक रहस्य है। यह वायरस प्राकृतिक था या चीन की वुहान लैब से लीक हुआ था, इस पर बहस अभी थमी भी नहीं थी कि रूस से आई एक खबर ने दुनियाभर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों और सरकारों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
साइबेरिया की एक उच्च सुरक्षा वाली लैब में काम करने वाली 28 वर्षीय लैब टेक्नीशियन दर्या शिपिलोवा (Daria Shipilova) की अचानक मौत ने एक नए वैश्विक खतरे और कई गंभीर सवालों को जन्म दे दिया है।
सीएनएन (CNN) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह महिला जिस ‘एंटी-प्लेग इंस्टीट्यूट’ में काम करती थी, वहां प्लेग (Plague) जैसी बेहद गंभीर और संक्रामक बीमारियों पर उच्च स्तरीय रिसर्च होता है।
क्या हुआ था साइबेरिया की लैब में?
बीते दिनों दर्या शिपिलोवा को अज्ञात कारणों से निमोनिया (Pneumonia) की गंभीर बीमारी हुई, जिसके बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
उनकी मौत के बाद स्थानीय प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मच गया। ऐहतियात के तौर पर अस्पताल के एक बड़े हिस्से को फौरन क्वारंटीन (Quarantine) कर दिया गया और कई विभागों में नए मरीजों की भर्ती व छुट्टी रोक दी गई।
चिंता का सबसे बड़ा कारण तब सामने आया, जब एक वरिष्ठ रूसी अधिकारी ने महिला की मौत की संभावित वजह ‘प्लेग’ को बताया।
टेस्ट ट्यूब टूटने का विवाद और ‘लीक’ का डर
इस पूरे मामले ने तब तूल पकड़ा जब स्वतंत्र रूसी समाचार संगठन ‘ल्यूदी बैकाल’ ने एक चौंकाने वाली रिपोर्ट प्रकाशित की।
रिपोर्ट में दावा किया गया कि 25 सितंबर को लैब में काम करते समय शिपिलोवा के हाथ से प्लेग पैदा करने वाला बैक्टीरिया (Yersinia pestis) रखने वाली एक टेस्ट ट्यूब (Test Tube) टूट गई थी।
इसके बाद ही यह आशंका गहरी हो गई कि क्या रूस की लैब से कोई जानलेवा बैक्टीरिया लीक हो गया है?
हालांकि, रूस की केंद्रीय स्वास्थ्य एजेंसी ‘रोस्पोट्रेबनादजोर’ (Rospotrebnadzor) ने टेस्ट ट्यूब टूटने के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।
एजेंसी का कहना है कि संस्थान में कोई लैब दुर्घटना (Lab Accident) नहीं हुई थी और महिला के सैंपल में ऐसा कोई सूक्ष्मजीव (Microorganism) नहीं मिला है जिसका सीधा संबंध उसके लैब के काम से हो।
अमेरिका और WHO अलर्ट पर
रूस की इस घटना पर अमेरिकी सरकार भी पैनी नजर बनाए हुए है। अमेरिकी विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने चिंता जताते हुए कहा कि रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) स्थिति की निगरानी कर रहा है।
अमेरिका ने रूस से अपील की है कि वह इस मामले की सटीक जानकारी जल्द और खुले तौर पर दुनिया के साथ साझा करे।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, प्लेग एक बेहद गंभीर बीमारी है और इससे मौत का खतरा काफी अधिक होता है।
न्यूमोनिक प्लेग (Pneumonic Plague) सीधे फेफड़ों पर हमला करता है और संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने (Droplets) से यह आसानी से दूसरों में फैल सकता है। हालांकि, सही समय पर एंटीबायोटिक दवाओं से इसका इलाज संभव है।
फिलहाल गनीमत यह है कि घटना को 10 दिन से अधिक समय बीत चुका है और संस्थान के अन्य कर्मचारियों में संक्रमण का कोई नया मामला सामने नहीं आया है।
गैर-आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, करीब 200 लोगों को एहतियातन क्वारंटीन में रखा गया है और उनकी मेडिकल निगरानी की जा रही है।
रूस लैब हादसा और प्लेग का खतरा: एक नजर में
| विषय / बिंदु | महत्वपूर्ण जानकारी |
| घटना का स्थान | एंटी-प्लेग इंस्टीट्यूट, साइबेरिया (रूस) |
| मृतक की पहचान | दर्या शिपिलोवा (28 वर्ष), लैब टेक्नीशियन |
| संभावित बीमारी | न्यूमोनिक प्लेग / गंभीर निमोनिया |
| विवाद का कारण | 25 सितंबर को लैब में टेस्ट ट्यूब टूटने (लीक) की आशंका |
| रूसी एजेंसी का दावा | लैब में कोई दुर्घटना नहीं हुई, मौत का कारण “अज्ञात” है। |
| संक्रमण का खतरा | यर्सिनिया पेस्टिस (Yersinia pestis) बैक्टीरिया से फैलता है। |
| लक्षण (CDC के अनुसार) | बुखार, सिरदर्द, फेफड़ों में निमोनिया, सांस लेने में परेशानी, खून की खांसी। |
| वर्तमान स्थिति | लगभग 200 लोग क्वारंटीन में, 10 दिनों में कोई नया केस नहीं। |
| अमेरिकी प्रतिक्रिया | अमेरिका स्थिति पर नज़र रखे हुए है, रूस से पारदर्शी जानकारी की मांग। |











