CJP workers protesting and breaching police barricades at Jantar Mantar, Delhi.

दिल्ली: जंतर-मंतर पर बिना अनुमति प्रदर्शन करने पर CJP नेताओं पर FIR

दिल्ली: बिना अनुमति जंतर-मंतर पर घुसे CJP कार्यकर्ता, पुलिस ने सौरभ दास और आशुतोष रंका समेत कई नेताओं पर दर्ज की FIR”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : श्रीमती शिल्पा की रिपोर्ट 

राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर बिना अनुमति के प्रवेश करने और प्रदर्शन करने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी – CJP) के नेताओं सौरभ दास, आशुतोष रंका और अन्य सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है।

यह कार्रवाई तब हुई जब सीजेपी कार्यकर्ता भारी सुरक्षा घेरे और बैरिकेड्स को तोड़कर जंतर-मंतर क्षेत्र में घुस गए।

वे मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे थे। गौरतलब है कि जंतर-मंतर को हाल ही में आधिकारिक प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा (डिनोटिफाइ) दिया गया है।

हिरासत में लिए गए नेता, थाने के बाहर बढ़ाई गई सुरक्षा

प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन करने पर मंगलवार सुबह पुलिस ने सौरभ दास, आशुतोष रंका और कई अन्य सदस्यों को हिरासत में ले लिया।

  • थाने में गहमागहमी: संगठन का दावा है कि उनके लगभग 11 सदस्यों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस इन प्रदर्शनकारियों को द्वारका जिले के जाफरपुर कलां पुलिस स्टेशन ले गई।

  • कड़ी सुरक्षा: वहां अन्य सीजेपी कार्यकर्ताओं के इकट्ठा होने के बाद पुलिस स्टेशन के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।

सीजेपी की प्रतिक्रिया और नए प्रदर्शन स्थल

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने पुलिस की इस कार्रवाई को ‘जंतर-मंतर को वापस पाना’ करार दिया है।

उनका दावा है कि प्रदर्शन स्थल को डिनोटिफाइ किए जाने से उनका आंदोलन कमजोर नहीं पड़ेगा।

इससे पहले शनिवार को भी दिपके, दास और रंका को हिरासत में लिया गया था और एक साल तक शांति भंग न करने की शर्त पर रविवार को रिहा किया गया था।

दिल्ली में प्रदर्शन के नए नियम और विवाद:

  • नए प्रदर्शन स्थल: दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने 11 अक्तूबर को एक आदेश जारी कर रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और सीबीडी ग्राउंड को प्रदर्शनों के लिए नए आधिकारिक स्थल घोषित किया है।

  • सीजेपी का आरोप: संगठन का कहना है कि डिनोटिफाइ करने की घोषणा ठीक उसी दिन की गई, जिस दिन उनके प्रतिनिधियों ने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी।

  • विवाद का मुख्य कारण: सीजेपी का तर्क है कि प्रदर्शन स्थलों को राजनीतिक केंद्र से दूर शिफ्ट करने से जन असंतोष की दृश्यता कम हो जाएगी।

मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर सीईसी के खिलाफ विभिन्न संगठनों के विरोध प्रदर्शनों के आह्वान के कारण नई दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था फिलहाल बेहद कड़ी है।

📊 जंतर-मंतर प्रदर्शन विवाद (एक नज़र में)

महत्वपूर्ण बिंदु (Key Highlights) विस्तृत जानकारी (Details)
📍 घटनास्थल जंतर-मंतर, नई दिल्ली (अब प्रदर्शन स्थल के रूप में डिनोटिफाइड)।
👥 किन पर हुई FIR? सीजेपी (CJP) नेता सौरभ दास, आशुतोष रंका और अन्य कार्यकर्ता।
🎯 विरोध का मुख्य कारण मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग।
🚔 पुलिस कार्रवाई करीब 11 लोगों को हिरासत में लेकर जाफरपुर कलां पुलिस स्टेशन भेजा गया।
📢 नए आधिकारिक प्रदर्शन स्थल रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और सीबीडी ग्राउंड (11 अक्तूबर का आदेश)।
⚠️ संगठन का दावा सरकार राजनीतिक केंद्र से प्रदर्शनकारियों को दूर कर असंतोष की दृश्यता कम करना चाहती है।