दिल्ली : मेयर पद पर दो साल बाद भारतीय जनता पार्टी की हुई वापसी, नए मेयर बने राजा इकबाल सिंह

“दिल्ली के मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बाजी मार ली है। भाजपा के राजा इकबाल दिल्ली के नए मेयर बन गए हैं। दो साल बाद MCD की सत्ता में BJP की वापसी हुई है”

नई दिल्ली 26 / 04 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

केंद्रशासित प्रदेश दिल्ली के मेयर पद पर दो साल बाद भारतीय जनता पार्टी की वापसी हो गई है। भाजपा के राजा इकबाल सिंह दिल्ली के नए मेयर बन गए हैं। बता दें कि शुक्रवार 25 अप्रैल को दिल्ली में मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव के लिए वोटिंग हुई है।

मेयर के पद पर राजा इकबाल सिंह विजयी हुए। वहीं, डिप्टी मेयर के पद पर भी भाजपा के जय भगवान यादव की जीत हो गई है। राजा इकबाल सिंह का दावा है कि भाजपा भ्रष्टाचार को खत्म करेगी और बीते दो वर्षों से रुके हुए सभी कार्यों को पूरा करेगी। 

दरअसल, आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के मेयर चुनाव का बहिष्कार किया था। AAP ने भाजपा पर तथाकथित ट्रिपल इंजन पाव के दम पर नगर निगम चुनावों का तमाशा बनाने सत्ता हथियान का आरोप लगाया है। इसके बाद चुनाव में कुल 142 वोट पड़े थे।  शुक्रवार को चुनाव के लिए हुई वोटिंग में राजा इकबाल सिंह को 133 वोट मिले। उनके खिलाफ चुनाव लड़ रहे कांग्रेस के मनदीप सिंह को केवल 8 वोट प्राप्त हुए। वहीं, एक वोट इनवेलिड हो गया।

दिल्ली MCD में डिप्टी मेयर के पद पर भी भाजपा की जीत हो गई थी। चुनाव में भाजपा के जय भगवान यादव निर्विरोध डिप्टी मेयर चुने गए हैं। दरअसल, कांग्रेस की उम्मीदवार अरीबा खान ने अपना नाम वापस ले लिया। सरदार राजा इकबाल सिंह भाजपा के नेता हैं और वह अब तक दिल्ली एमसीडी के नेता विपक्ष संभाल रहे थे।

वह इससे पहले नॉर्थ एमसीडी के मेयर का पद भी संभाल चुके हैं। राजा इकबाल सिंह दिल्ली के जीटीबी नगर से पार्षद रह चुके हैं। वह 2020 के सितंबर महीने तक निगम के सिविल लाइंस जोन के प्रमुख भी रहे थे। बता दें कि राजा इकबाल सिंह अकाली दल को छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे।

दिल्ली में हर साल बदलता है मेयर

दिल्ली में साल 2022 के दिसंबर में हुए MCD चुनाव में आम आदमी पार्टी ने जीत हासिल की थी। इसके बाद AAP की शैली ओबेरॉय मेयर चुनी गई थीं। दिल्ली में हर वित्तीय वर्ष के खत्म होने के बाद एक नया मेयर आता है।

मेयर के पद पर 5 साल में रोटेशन के आधार पर कार्यकाल बांटा जाता है। पहला साल महिलाओं के लिए, दूसरा साल ओपन, तीसरा साल आरक्षित श्रेणी के लिए और बाकी के दो साल ओपन कैटेगरी के लिए निर्धारित किया गया है।

Santosh SETH

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