चक्रवात अर्नब की तबाही और दोनों राज्यों (आंध्र-ओडिशा) में जारी राहत-बचाव कार्यों के मुख्य आंकड़े। (ग्राफिक्स: द पॉलिटिक्स अगेन)
चक्रवात ‘अर्नब’ की भारी तबाही: आंध्र प्रदेश में 5 की मौत, ओडिशा में 30 हजार सुरक्षित निकाले गए; CM नायडू ने केंद्र से मांगी मदद”
The Politics Again डेस्क: संतोष सेठ
भारत के पूर्वी तटों पर चक्रवात ‘अर्नब’ (Cyclone Arnab) ने भारी तबाही मचाई है। बुधवार तड़के आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद इस तूफान ने भारी नुकसान किया है।
आंध्र प्रदेश में पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। वहीं, पड़ोसी राज्य ओडिशा के दक्षिणी जिलों में मूसलाधार बारिश के चलते प्रशासन ने 30 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने नुकसान की जानकारी देते हुए बताया कि चक्रवात की चपेट में आने से राज्य में 5 लोगों की जान चली गई।
इनमें से 3 मौतें विशाखापत्तनम जिले में बिजली के खंभे और पेड़ गिरने से हुईं, जबकि अनाकापल्ली और भीमावरम में एक-एक व्यक्ति ने जान गंवाई।
मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जताते हुए प्रत्येक परिवार को 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि (मुआवजा) देने की घोषणा की है।
शुरुआती आकलन के मुताबिक, राज्य के तटीय इलाकों, विशेषकर कोनसीमा जिले में करीब 80 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और 220 से ज्यादा पेड़ सड़कों पर गिर गए हैं, जिनमें से 170 हटा दिए गए हैं। सड़कों और बिजली आपूर्ति को बहाल करने का काम तेजी से चल रहा है।
तबाही को देखते हुए मुख्यमंत्री नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर हालात का जायजा लेने के लिए एक केंद्रीय टीम भेजने की मांग की है।
साथ ही उन्होंने NDRF और अन्य केंद्रीय एजेंसियों की मदद आगे भी जारी रखने का अनुरोध किया है, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ और बारिश की स्थिति से निपटा जा सके।
चक्रवात के उग्र रूप के बीच एक बड़ी घटना सामने आई। आंध्र प्रदेश के अंतर्वेदी के पास समुद्र में सल्फर ले जा रहा एक मालवाहक जहाज रास्ता भटकने के कारण उथले पानी में फंस गया।
यह जहाज विशाखापत्तनम से रवाना हुआ था और इंजन में खराबी आने के चलते फंस गया। बंदरगाह अधिकारी और समुद्री एजेंसियां स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
चक्रवात अर्नब का असर ओडिशा में भी बड़े पैमाने पर दिख रहा है। भारी से बेहद भारी बारिश के कारण राज्य के दक्षिणी जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि अब तक 30 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित निकालकर आश्रय केंद्रों में पहुंचाया गया है।
सर्वाधिक प्रभावित जिले:
मलकानगिरी (सबसे ज्यादा अलर्ट), गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट और नबरंगपुर।
प्रशासनिक कदम
राज्य के 16 जिलों में स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं। लोगों की मदद के लिए 2,037 चक्रवात आश्रय केंद्र तैयार रखे गए हैं, जहां भोजन और पीने के पानी की व्यवस्था की गई है।
| राज्य / क्षेत्र (State) | नुकसान / जनहानि (Casualties/Damage) | राहत कार्य और अलर्ट (Relief & Alert) |
| आंध्र प्रदेश | 5 लोगों की मौत (विशाखापत्तनम में 3, अनाकापल्ली में 1, भीमावरम में 1)। 80 मकान क्षतिग्रस्त, 220 पेड़ गिरे। | मृतकों के परिवारों को 5 लाख रुपये मुआवजा। CM नायडू ने अमित शाह से केंद्रीय टीम की मांग की। |
| मालवाहक जहाज (अंतर्वेदी, आंध्र) | सल्फर से लदा जहाज इंजन खराब होने से समुद्र में फंसा। | मरीन एजेंसियां अलर्ट पर, नुकसान का आकलन जारी। |
| ओडिशा (दक्षिणी जिले) | भारी बारिश, मलकानगिरी में सर्वाधिक खतरा। | 30,000+ लोगों का रेस्क्यू। 16 जिलों में स्कूल बंद, 2,037 आश्रय केंद्र सक्रिय। |
पहड़िया मंडी मतगणना स्थल पर भाजपा का भारी हंगामा: बैरिकेडिंग तोड़ी, पुलिस से झड़प; 5वें…
आजमगढ़ में दर्दनाक ट्रेन हादसा: ताप्ती गंगा एक्सप्रेस की चपेट में आकर महिला और दो…
आजमगढ़ में दिल दहला देने वाली वारदात: पाव रोटी बेचने वाले मूक-बधिर युवक की गला…
वाराणसी शिक्षक MLC चुनाव: सपा के लाल बिहारी यादव की बंपर जीत, BJP प्रत्याशी को…
महाराष्ट्र MLC चुनाव: गडकरी-फडणवीस के गढ़ नागपुर में कांग्रेस की बड़ी जीत; पढ़ें पुणे और…
दिल्ली-एनसीआर में चक्रवात 'अर्नब' का असर: 2 दिन तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि…