“चंडीगढ़ में किसान आंदोलन शुरू हो गया है। सेक्टर-34 के मेला ग्राउंड किसानों ने रविवार को पक्का मोर्चा लगा लिया”
पुलिस प्रशासन ने किसानों को केवल चार दिन की अनुमति दी है लेकिन वे पूरी तैयारी के साथ तीन महीने का राशन-पानी लेकर आए हैं।
ऐसे में पुलिस-प्रशासन के साथ आम जनता की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। फिलहाल पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। किसानों को ग्राउंड से बाहर रैली व प्रदर्शन की अनुमति नहीं है।
ट्रैफिक एडवाइजरी जारी
आंदोलन को देखते हुए पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी कर दी है। सेक्टर-34 की ओर जाने वाले कई रूट डायवर्ट किए गए हैं। ऐसे में अगर आपको सेक्टर-34 की ओर जाना है तो परिवर्तित रूट देख लें।
भारी पुलिस फोर्स तैनात
किसानों को मेला ग्राउंड में ही रोकने के लिए पुलिस ने ग्राउंड के चारों ओर बैरिकेडिंग करने के साथ अन्य इंतजाम किए हैं। माैके पर भारी पुलिस बल तैनात है।
यहां करीब 200 पुलिस जवानों समेत रैपिड फोर्स को तैनात कर किया गया है। पुलिस की वर्दी समेत विभिन्न जांच एजेंसियों के जवान भी सिविल ड्रेस में किसानों के बीच मौजूद हैं और उनकी हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। अगर किसान प्रशासन के आदेशों की अवहेलना करते हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पांच सितंबर से पहले खाली करना होगा मेला ग्राउंड
पंजाब का विधानसभा सत्र 4 सितंबर तक ही चलना है। प्रशासन के आदेशानुसार, किसानों को 5 सितंबर की सुबह होने से पहले सेक्टर-34 के मेला ग्राउंड को खाली करना होगा लेकिन किसानों ने सरकार ही नहीं बल्कि यूटी प्रशासन व पुलिस के साथ भी आर-पार की लड़ाई करने का एलान कर दिया है।
किसानों का कहना है कि अब तो उनका पक्का मोर्चा इस ग्राउंड से तभी उठेगा जब पंजाब सरकार उनकी सारी मांगें मान लेगी।
अगर किसानों को पंजाब सरकार की ओर से उनकी मांगों को लेकर बातचीत के लिए बुलाया जाता है तो इसके लिए भी केवल 5-7 किसानों का शिष्टमंडल ही सरकार के साथ बातचीत के लिए जा सकेगा और उसकी जिम्मेदारी पुलिस की होगी।
किसान बोले-चंडीगढ़ में पक्का मोर्चा हमारी पहली जीत
किसान नेताओं ने कहा कि पहले चंडीगढ़ पंजाब का ही हिस्सा था और यहां से हजारों किसानों को उजाड़कर इस शहर को बसाया गया था लेकिन आज जब किसानों ने चंडीगढ़ में अपनी ही जमीन पर धरना देने के लिए पंजाब सीएम आवास के पास या फिर सेक्टर-17 में जगह मांगी तो चंडीगढ़ प्रशासन ने जगह देने से इंकार कर दिया।
प्रशासन ने कहा कि अगर पक्का मोर्चा लगाना है तो चंडीगढ़ के बजाय मोहाली शहर में लगाएं लेकिन किसान अपनी बात पर अड़े रहे और उन्हें अब सेक्टर-34 के मेला ग्राउंड में जगह दी गई है जो किसानों की पहली जीत है।
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