केंद्र सरकार की 'भव्य' योजना: 33,660 करोड़ से बनेंगे 100 औद्योगिक पार्क
भारत को ‘ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब’ बनाने की तैयारी: सरकार ने जारी किए ‘भव्य’ योजना के दिशा-निर्देश, 33,660 करोड़ से बनेंगे 100 विश्वस्तरीय औद्योगिक पार्क”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
भारत को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत मैन्युफैक्चरिंग हब (विनिर्माण केंद्र) बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है।
सरकार ने देशभर में विश्वस्तरीय औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए अपनी महत्वाकांक्षी ‘भव्य’ (Bhavya) योजना के क्रियान्वयन के विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, इस योजना का मुख्य उद्देश्य निवेश के लिए पूरी तरह से तैयार आधुनिक औद्योगिक पार्कों का जाल बिछाना है, जिससे देश के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई रफ्तार मिल सके।
यह पूरी योजना ‘मेक इन इंडिया’, ‘पीएम गति शक्ति’ और भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने के सरकार के विजन के अनुरूप तैयार की गई है।
6 वर्षों में 100 औद्योगिक पार्क, 33,660 करोड़ का बजट
सरकार ने ‘भव्य’ योजना के तहत वित्त वर्ष 2026-27 से लेकर 2031-32 तक (कुल छह वर्षों में) देशभर में 100 औद्योगिक पार्क विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
इस विशाल प्रोजेक्ट के लिए करीब 33,660 करोड़ रुपये का भारी-भरकम वित्तीय प्रावधान किया गया है।
योजना के पहले चरण में 50 औद्योगिक पार्कों को विकसित किया जाएगा। इन पार्कों का चयन एक चुनौती आधारित प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया (Challenge-based Competitive Process) के जरिए होगा।
जारी किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार, योजना के तहत ग्रीनफील्ड (Greenfield) और पात्रता पूरी करने वाले ब्राउनफील्ड (Brownfield) दोनों ही प्रकार के औद्योगिक पार्क विकसित किए जा सकेंगे।
जमीन के लिए तय की गई न्यूनतम सीमा
सरकार ने पार्कों के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की न्यूनतम सीमा भी स्पष्ट कर दी है। गैर-पहाड़ी और बड़े राज्यों में एक पार्क के लिए कम से कम 100 एकड़ जमीन का होना अनिवार्य होगा।
वहीं, पहाड़ी राज्यों, पूर्वोत्तर राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और छोटे राज्यों की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यह सीमा 25 एकड़ रखी गई है।
इसके अलावा, निवेश और जरूरत के आधार पर 1000 एकड़ तक के विशाल पार्कों के निर्माण पर भी विचार किया जा सकेगा।
प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल गवर्नेंस की मिलेगी सुविधा
इन आधुनिक औद्योगिक पार्कों में निवेशकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी। इनमें प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर (Plug-and-Play Infrastructure), मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी, निर्बाध बिजली और पानी की आपूर्ति, श्रमिकों के लिए एक मजबूत सहायक ढांचा, पूरी तरह से डिजिटल गवर्नेंस सिस्टम और टिकाऊ विकास से जुड़ी आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी।
‘SPV’ के जरिए होगा परियोजनाओं का संचालन
इन परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए कंपनी अधिनियम 2013 के तहत एक ‘विशेष प्रयोजन वाहन’ (Special Purpose Vehicle – SPV) का गठन किया जाएगा।
यही एसपीवी इन परियोजनाओं की योजना बनाने, उनके सुचारू संचालन, प्रबंधन, निवेशकों को आवश्यक सुविधाएं देने और दीर्घकालिक रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी संभालेगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि इस योजना को लॉजिस्टिक्स, कौशल विकास (Skill Development), नवीकरणीय ऊर्जा और औद्योगिक विकास से जुड़ी केंद्र व राज्य सरकार की अन्य मौजूदा योजनाओं के साथ एकीकृत किया जाएगा, ताकि इसका अधिकतम लाभ उठाया जा सके।
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