अमरावती में बनने वाले केंद्रीय सरकारी कार्यालय परिसर (CGGPOA) का प्रतीकात्मक लेआउट
अमरावती बनेगी हाईटेक: मोदी सरकार ने ₹1,299 करोड़ के ‘CGGPOA’ मेगा प्रोजेक्ट को दी मंजूरी; एक ही छत के नीचे आएंगे सभी केंद्रीय कार्यालय”
नई दिल्ली/अमरावती: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती को विश्वस्तरीय शहरी केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए केंद्र सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है।
‘The Politics Again’ की नेशनल और इंफ्रास्ट्रक्चर डेस्क के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (CCEA) ने अमरावती में केंद्रीय सरकारी जनरल पूल ऑफिस अकोमोडेशन (CGGPOA) के निर्माण को हरी झंडी दे दी है।
इस ऐतिहासिक पहल का मुख्य उद्देश्य आंध्र प्रदेश में कार्यरत विभिन्न केंद्रीय सरकारी कार्यालयों को एक ही छत के नीचे लाना है, जिससे अंतर-विभागीय समन्वय बेहतर होगा और राज्य के नागरिकों को मिलने वाली केंद्रीय सेवाओं की दक्षता में बड़ा सुधार होगा।
📊 प्रोजेक्ट ‘CGGPOA’ की तकनीकी बारीकियां
यह महाविशाल सरकारी परिसर 5.53 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैला होगा, जिसका कुल निर्मित क्षेत्र (Built-up Area) 23,25,000 वर्ग फुट (2,16,032 वर्ग मीटर) है। इस परिसर को दो आधुनिक ब्लॉक्स में विभाजित किया गया है:
| विशेषता (Specifications) | ब्लॉक 1 (प्लॉट सी-9) | ब्लॉक 2 (प्लॉट सी-8) |
| कुल मंजिलें | भूतल (Ground) + 13 मंजिलें | भूतल (Ground) + 10 मंजिलें |
| मंजिलों का विभाजन | 3 मंजिलें पोडियम पार्किंग, 10 मंजिलें कार्यालय | 3 मंजिलें पोडियम पार्किंग, 7 मंजिलें कार्यालय |
| कर्मचारी क्षमता | दोनों ब्लॉक्स को मिलाकर लगभग 8,000 अधिकारियों और कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था। | |
| पार्किंग क्षमता | दोनों ब्लॉक्स में कुल मिलाकर 1,800 समतुल्य कार पार्किंग (ECS) स्थान। |
🌿 पर्यावरण के अनुकूल: न्यूनतम ‘GRIHA 4-स्टार’ रेटिंग डिजाइन
अमरावती के इस नए ग्रीनफील्ड शहर में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है:
हरित भवन मानक: इस परिसर का डिजाइन भारत के उच्चतम हरित भवन (Green Building) मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
ऊर्जा और जल संरक्षण: इसमें ऊर्जा दक्षता में वृद्धि, जल संरक्षण और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सामग्रियों के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
GRIHA 4-Star: इस पूरे परिसर को न्यूनतम GRIHA 4-स्टार रेटिंग प्राप्त करने के लिए डिजाइन और पंजीकृत किया जाएगा। साथ ही, यह ऊर्जा संरक्षण और सतत भवन संहिता (ECSBC) 2024 के नवीनतम नियमों का पालन करेगा।
🏢 परिसर में मिलने वाली आधुनिक और नागरिक सुविधाएं
कर्मचारियों और आगंतुकों की सहूलियत के लिए इस परिसर के भीतर ही एक मिनी-टाउनशिप जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिनमें शामिल हैं:
एटीएम (ATM) सुविधा से युक्त बैंक और एक आधुनिक डाकघर (Post Office)।
कामकाजी महिलाओं के लिए शिशुगृह (Crèche), मनोरंजन कक्ष (Recreation Room) और महिला कक्ष।
100 लोगों की क्षमता वाला एक हाईटेक कॉन्फ्रेंस रूम और 500 लोगों की क्षमता वाला एक विशाल मल्टीपर्पज हॉल।
कर्मचारियों और आगंतुकों के लिए 4 आधुनिक कैंटीन।
दिव्यांगजन अनुकूल: पूरे परिसर को बाधा-मुक्त (Barrier-Free) निर्मित वातावरण के रूप में तैयार किया जा रहा है ताकि दिव्यांगजनों के लिए सुरक्षा और सुगमता सुनिश्चित हो सके।
💰 बजट, क्रियान्वयन और रोजगार के अवसर
परियोजना की लागत: इस मेगा प्रोजेक्ट के निर्माण में कुल 1,299.08 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी, जिसे भारत सरकार बजटीय सहायता (लेखा मद संख्या 4059) के माध्यम से पूरा करेगी।
कौन बनाएगा?: इस परियोजना का क्रियान्वयन आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) के माध्यम से किया जाएगा। इसकी निविदा-पूर्व (Pre-tender) प्रक्रिया और दस्तावेज तैयार करने का काम शुरू हो चुका है।
लाखों को रोजगार: इस प्रोजेक्ट से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होगा। निर्माण चरण के दौरान प्रति वर्ष लगभग 7,00,000 मानव-दिवस (Man-days) और संचालन (Operational) चरण में प्रति वर्ष लगभग 50,000 मानव-दिवस रोजगार मिलने का अनुमान है।
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