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BRICS 2026 में रूस के साथ S-500 एयर डिफेंस सिस्टम पर महाडील !

पुतिन का लगातार दूसरे साल भारत दौरा: BRICS 2026 में S-500 एयर डिफेंस सिस्टम की महाडील से उड़ी दुश्मनों की नींद!

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : सन्तोष सेठ की रिपोर्ट 

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन लगातार दूसरे साल भारत की यात्रा पर आने वाले हैं। इस साल भारत की मेजबानी में होने जा रहे ‘ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026’ (BRICS Summit 2026) में उनका आना लगभग तय माना जा रहा है।

इससे पहले दिसंबर 2025 में भी पुतिन भारत दौरे पर आए थे। यह कूटनीतिक दौरा केवल भारत-रूस की मजबूत रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक नहीं है, बल्कि एक ऐसी खतरनाक डिफेंस डील की सुगबुगाहट लेकर आ रहा है, जिसने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है।

S-500 एयर डिफेंस सिस्टम: ‘मेक इन इंडिया’ के तहत होगा निर्माण?

रक्षा विशेषज्ञों और रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूस अब भारत को सिर्फ S-400 ही नहीं, बल्कि उससे कई गुना अधिक शक्तिशाली और एडवांस S-500 एयर डिफेंस सिस्टम देने की तैयारी में है।

सबसे बड़ा धमाका यह है कि रूस भारत के साथ मिलकर ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत S-500 का संयुक्त उत्पादन (Joint Production) भी शुरू करना चाहता है।

यदि यह डील अंतिम रूप लेती है, तो भारत दुनिया के सबसे उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम बनाने वाले देशों की कतार में अग्रिम पंक्ति पर खड़ा हो जाएगा।

क्यों इतना खतरनाक है S-500? (S-500 बनाम S-400)

S-500 को आधुनिक युद्ध क्षेत्र का ‘गेम चेंजर’ माना जा रहा है। पाकिस्तान और चीन जैसे देशों की घबराहट का मुख्य कारण इसके बेजोड़ आंकड़े हैं:

  • रेंज (Range): S-500 की मारक क्षमता 600 किलोमीटर तक है, जबकि S-400 की सीमा 400 किलोमीटर है।

  • रिस्पांस टाइम (Response Time): S-500 मात्र 3 से 4 सेकंड में दुश्मन के हमले का जवाब देता है, जबकि S-400 को लगभग 10 सेकंड लगते हैं।

  • मारक ऊंचाई (Height Capability): S-500 अंतरिक्ष में 200 किलोमीटर की ऊंचाई तक जा सकता है।

  • ट्रैकिंग पावर (Tracking Power): यह सिस्टम एक साथ 100 टारगेट ट्रैक कर सकता है, जबकि S-400 की क्षमता 80 टारगेट की है।

  • प्रहार क्षमता (Capability): S-500 हाइपरसोनिक मिसाइलों, बैलिस्टिक मिसाइलों और स्पेस टारगेट को भी तबाह कर सकता है। वहीं, S-400 मुख्य रूप से एयरक्राफ्ट, ड्रोन और क्रूज मिसाइलों को मार गिराने तक सीमित है।

भारत बन रहा है ग्लोबल पावर

पुतिन के लगातार भारत आने से यह स्पष्ट हो गया है कि आज भी रूस, भारत को अपना सबसे भरोसेमंद और अहम ‘स्ट्रेटेजिक पार्टनर’ मानता है।

ब्रिक्स जैसे बड़े वैश्विक मंच पर भारत की यह मजबूती दर्शाती है कि भारत अब दुनिया में महज़ एक ‘फॉलोअर’ नहीं, बल्कि ‘ग्लोबल पावर’ के रूप में उभर चुका है।

S-500 डील से भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा अभेद्य हो जाएगी और दुश्मनों के खिलाफ देश की प्रतिरोधक क्षमता (Deterrence) अपने सर्वोच्च स्तर पर पहुंच जाएगी।

Santosh SETH

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