Flags of the 11 BRICS member nations highlighting India's 2026 presidency and global cooperation

ब्रिक्स 2026: नई दिल्ली में होगा 18वां शिखर सम्मेलन, भारत कर रहा अगुवाई

ब्रिक्स 2026: ग्लोबल साउथ की आवाज बना 11 देशों का महा-समूह, नई दिल्ली में 18वें शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा भारत”

 नई दिल्ली : संतोष सेठ की रिपोर्ट :  THE POLITICS AGAIN

चार देशों (BRIC) के एक छोटे समूह से शुरू हुई ब्रिक्स की यात्रा आज 11 पूर्ण सदस्य देशों वाले एक विशाल जियोपॉलिटिकल ब्लॉक में तब्दील हो चुकी है।

वैश्विक कूटनीति और अर्थव्यवस्था के इस सबसे महत्वपूर्ण मंच के केंद्र में इस वर्ष भारत है। भारत 2026 में चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और 12-13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की भव्य मेजबानी करेगा।

भारत की अध्यक्षता की थीम और फोकस

वर्ष 2026 के लिए भारत की अध्यक्षता का मार्गदर्शक विषय “सुदृढ़शीलता, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण” रखा गया है।

भारत का मुख्य उद्देश्य ब्रिक्स को एक रचनात्मक, समाधान-केंद्रित और परिणामोन्मुख मंच बनाना है, जो विशेष रूप से ‘ग्लोबल साउथ’ (विकासशील देशों) की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करे।

इससे पहले भारत 2012, 2016 और 2021 में भी इस समूह का सफल नेतृत्व कर चुका है।

अब 11 देशों का शक्तिशाली मंच है ब्रिक्स

जनवरी 2024 और 2025 में हुए ऐतिहासिक विस्तार के बाद, ब्रिक्स में अब 11 देश शामिल हैं— ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और नया सदस्य इंडोनेशिया।

  • यह समूह अब विश्व की 49.5 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करता है।

  • वैश्विक जीडीपी (GDP) में इसकी हिस्सेदारी 40 प्रतिशत है।

  • विश्व व्यापार का 26 प्रतिशत हिस्सा इन देशों के पास है। इसके अतिरिक्त, 2025 में ‘पार्टनर कंट्री’ ढांचे के तहत 10 अन्य देशों (जैसे मलेशिया, वियतनाम, कजाकिस्तान आदि) को भी जोड़ा गया है।

भारत की अध्यक्षता में 2026 के प्रमुख इनिशिएटिव और फैसले

भारत ने अपनी मौजूदा अध्यक्षता के दौरान 25 शहरों में 350 से अधिक बैठकें आयोजित की हैं, जिनसे कई महत्वपूर्ण परिणाम निकलकर सामने आए हैं:

  • ब्रिक्स एग्रिन (BRICS AGRIN): सदस्य देशों के बीच बीज, जर्मप्लाज्म और कृषि-इनपुट के क्षेत्र में किसान-केंद्रित सहयोग ढांचा स्थापित किया गया है। डिजिटल कृषि पर आईआईटी (IIT) दिल्ली प्रारंभिक समन्वय करेगा।

  • मेंटल हेल्थ और स्वस्थ जीवनशैली: मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए भारत के ‘निम्हान्स’ (NIMHANS) को समन्वय केंद्र नामित किया गया है।

  • ब्रिक्स एमएसएमई (MSME) पोर्टल: छोटे और मध्यम उद्योगों को बाजार और फाइनेंस तक पहुंच देने के लिए एक साझा डिजिटल इकोसिस्टम तैयार किया गया है।

  • स्टार्टअप इनोवेशन फंड: ब्रिक्स देशों में शुरुआती स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता देने के लिए नए फंड की शुरुआत की गई है।

  • लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन: क्रॉस-सेक्टर परिवहन को मजबूत करने और अवैध व्यापार पर लगाम लगाने के लिए सीमा शुल्क मामलों में प्रशासनिक सहायता के समझौते को मंजूरी दी गई है।

ऐसे समय में जब दुनिया भू-राजनीतिक अनिश्चितता, आर्थिक असंगठन और जलवायु परिवर्तन से जूझ रही है,

भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स 2026 एक अधिक समावेशी, नियम-आधारित और न्यायसंगत वैश्विक व्यवस्था (Global Governance) की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ा रहा है।