JAUNPUR

जौनपुर चकबंदी विभाग की बड़ी सफलता: 55 साल पुराने विवादों का निपटारा

चकबंदी विभाग की बड़ी उपलब्धि: पौहा गांव में 55 साल तो बेलछा में 46 साल पुरानी चकबंदी प्रक्रिया हुई पूरी, DM ने थपथपाई अधिकारियों की पीठ

जौनपुर कलेक्ट्रेट सभागार: द पॉलिटिक्स अगेन : सुनील कुमार की रिपोर्ट 

जनपद में किसानों और ग्रामीणों के लिए नासूर बन चुके दशकों पुराने चकबंदी विवादों के निपटारे में प्रशासन ने बड़ी सफलता हासिल की है।

जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में चकबंदी विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई।

बैठक में सामने आया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों और जिलाधिकारी के सतत पर्यवेक्षण के चलते जिले के कई गांवों में दशकों से लंबित चकबंदी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है।

इस ऐतिहासिक कार्य के लिए जिलाधिकारी ने अधिकारियों की जमकर सराहना की।

दशकों पुराने विवादों का हुआ निस्तारण

समीक्षा बैठक के दौरान बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी (SOC) शैलेश कुमार ने प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि विभाग ने वर्षों से लंबित पड़ी चकबंदी प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया है। जिन गांवों में सफलता मिली है, उनके आंकड़े हैरान करने वाले और बेहद राहत भरे हैं:

  • पौहा गांव: यहां पिछले 55 वर्षों से चकबंदी प्रक्रिया लंबित थी, जिसे अब पूरी तरह से संपन्न कर लिया गया है।

  • बेलछा ग्राम: इस गांव में 46 वर्षों से अटकी हुई चकबंदी प्रक्रिया को सुलझा लिया गया है।

  • मैदास पट्टी: यहां 45 वर्षों से चले आ रहे चकबंदी के मामलों को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

  • सिंहौली: इस गांव में 41 वर्षों से लंबित प्रक्रिया का निस्तारण किया गया।

  • कैलावर: यहां 29 वर्ष पुरानी चकबंदी प्रक्रिया को पूर्ण किया गया है।

  • हरिबल्लभपुर: इस गांव में अपेक्षाकृत नई, डेढ़ वर्ष पुरानी चकबंदी प्रक्रिया को भी सफलतापूर्वक निपटा लिया गया है।

DM ने की अधिकारियों की प्रशंसा, आगे के लिए दिए सख्त निर्देश

इतने लंबे समय से चले आ रहे विवादों और प्रक्रियाओं के सफलतापूर्वक पूर्ण होने पर जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने कार्य में लगे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह प्रशासन और किसानों दोनों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

इसके साथ ही, जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि इसी ऊर्जा और निरंतर प्रयास के साथ उन अन्य ग्रामों में भी चकबंदी का कार्य शीघ्र अति शीघ्र पूरा कराया जाए, जो अभी भी चकबंदी प्रक्रिया के अंतर्गत लंबित हैं। कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में उप संचालक चकबंदी (DDC), बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी शैलेश कुमार सहित चकबंदी विभाग के अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

Santosh SETH

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