बंगाल में PM विश्वकर्मा योजना पकड़ेगी रफ्तार, MSME मंत्रालय की अहम बैठक
पश्चिम बंगाल में ‘PM विश्वकर्मा योजना’ को मिलेगी रफ्तार : MSME मंत्रालय और राज्य सरकार के बीच अहम बैठक, 7.79 लाख कारीगरों को फायदा “
कोलकाता/नई दिल्ली : द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल में ‘पीएम विश्वकर्मा योजना’ (PM Vishwakarma Yojana) के कार्यान्वयन ने अब रफ्तार पकड़ ली है।
पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 22 मई, 2026 को भारत सरकार के एमएसएमई (MSME) मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एवं विकास आयुक्त डॉ. रजनीश ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल से एक अहम मुलाकात की।
इस उच्चस्तरीय बैठक में राज्य में योजना को तेजी से लागू करने और एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) को मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा की गई।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा 17 सितंबर, 2023 को शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी योजना को पश्चिम बंगाल में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए हाल ही में राज्य सरकार ने ‘राज्य निगरानी समिति’ और ‘जिला कार्यान्वयन समितियों’ के गठन की अधिसूचना जारी की है।
कारीगरों के सशक्तिकरण और कौशल विकास पर जोर
मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल के साथ हुई बैठक में योजना के कार्यान्वयन में तेजी लाने, लाभार्थियों की सटीक पहचान करने, कौशल विकास को सुदृढ़ करने और पारंपरिक शिल्पकारों तक इसकी व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने पर मंथन हुआ।
मुख्य सचिव ने एमएसएमई विकास के लिए केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग की सराहना की और राज्य की ओर से पूर्ण प्रतिबद्धता दोहराई।
इसके बाद, पश्चिम बंगाल के एमएसएमई एवं वस्त्र विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश पांडेय, राज्य के अन्य अधिकारियों और बैंकरों के साथ भी एक विस्तृत बैठक की गई, जिसमें योजना की पूरी रूपरेखा समझाई गई।
पश्चिम बंगाल में योजना की अपार संभावनाएं: डॉ. रजनीश ने इस बात पर प्रकाश डाला कि पश्चिम बंगाल की पारंपरिक शिल्प और कारीगर समुदायों की समृद्ध विरासत को देखते हुए यहां इस योजना की अपार संभावनाएं हैं।
आंकड़े: वर्तमान में पश्चिम बंगाल में पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत 7.79 लाख कारीगर और शिल्पकार पंजीकृत हो चुके हैं।
उद्देश्य: इन कारीगरों को आधुनिक उपकरण, औपचारिक वित्तीय सहायता (लोन) और बेहतर बाजार के अवसर उपलब्ध कराकर सशक्त बनाना।
कोलकाता को मिला नया तोहफा: “ट्रांसफॉर्मर परीक्षण सुविधा” का उद्घाटन
इस दौरे के दौरान 21 मई, 2026 को डॉ. रजनीश ने कोलकाता स्थित एमएसएमई परीक्षण केंद्र में एक अत्याधुनिक “ट्रांसफॉर्मर परीक्षण सुविधा” (Transformer Testing Facility) का उद्घाटन भी किया।
इस नई सुविधा के प्रमुख लाभ
एमएसएमई उद्योगों को फायदा: ट्रांसफॉर्मर निर्माण में लगे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को अब अपने ही क्षेत्र में विश्वसनीय और मानकीकृत परीक्षण सुविधाएं मिल सकेंगी।
समय और लागत की बचत: इस सुविधा के शुरू होने से दूर स्थित प्रयोगशालाओं पर निर्भरता कम होगी, जिससे परीक्षण प्रक्रिया में लगने वाले समय और लागत दोनों में भारी कमी आएगी।
क्या-क्या होगा टेस्ट: यहां स्टेप-अप और स्टेप-डाउन सहित विभिन्न क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मरों का किफायती और प्रतिस्पर्धी लागत पर परीक्षण किया जा सकेगा।
दौरे के अंत में डॉ. रजनीश ने पश्चिम बंगाल के विभिन्न एमएसएमई संघों के साथ भी संवाद किया और उन्हें मंत्रालय के प्रमुख कार्यक्रमों व भविष्य की विकास नीतियों से अवगत कराया।
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