बंगाल: बारुईपुर रेप-मर्डर के आरोपी प्रभास मंडल की पुलिस एनकाउंटर में मौत
पश्चिम बंगाल: बारुईपुर रेप-मर्डर का मुख्य आरोपी प्रभास मंडल एनकाउंटर में ढेर, पुलिस का हथियार छीनकर भागने की कर रहा था कोशिश”
कोलकाता : THE POLITICS AGAIN डेस्क (क्राइम रिपोर्ट): संतोष सेठ की रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल (West Bengal) के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर (Baruipur) में एक 12 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ हुए निर्मम रेप और मर्डर केस में बड़ा पुलिस एक्शन हुआ है।
पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड के मुख्य आरोपी प्रभास मंडल को एक एनकाउंटर (Police Encounter) में मार गिराया है। यह कार्रवाई तब हुई जब आरोपी को वारदात वाली जगह पर ले जाया गया था।
कैसे हुआ एनकाउंटर? (बंदूक छीनकर की थी फायरिंग)
बारुईपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह घटना मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात करीब 12:45 बजे की है।
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जांच टीम पूरी वारदात को बारीकी से समझने (Scene Recreation) के लिए आरोपी प्रभास मंडल को बारुईपुर के सूर्ज्यपुर (Surjyapur) इलाके स्थित उसी क्राइम सीन पर ले गई थी।
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इसी दौरान आरोपी प्रभास मंडल ने अचानक एक पुलिसकर्मी की राइफल छीन ली और मौके से भागने की कोशिश की।
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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ने पुलिस टीम पर गोलियां भी चलाईं।
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इसके बाद पुलिस ने भी आत्मरक्षा (Self-defense) में जवाबी फायरिंग की। इस फायरिंग में आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत बारुईपुर स्टेट जनरल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
क्या है पूरा बारुईपुर कांड?
यह पूरी घटना बीते 4 जुलाई 2026 को शुरू हुई, जब बारुईपुर से 12 साल की एक बच्ची अचानक लापता हो गई।
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5 जुलाई (रविवार) को सूर्ज्यपुर हाट इलाके में एक तालाब से बोरी में बंद बच्ची का शव बरामद हुआ।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई कि बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न (Sexual Assault) किया गया था और उसे जिंदा ही तालाब में फेंक दिया गया था, जिससे डूबने से उसकी मौत हो गई।
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पुलिस जांच और इलाके के सीसीटीवी फुटेज में मुख्य आरोपी प्रभास मंडल को पीड़ित बच्ची के साथ साफ तौर पर देखा गया था, जिसके आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में पुलिस ने कुल तीन लोगों को अरेस्ट किया था।
उग्र भीड़ ने की थी एक निर्दोष की हत्या
बच्ची का शव मिलने के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव फैल गया था। आक्रोशित स्थानीय लोगों ने बारुईपुर-जयनगर मार्ग को जाम कर दिया, टायर जलाए और पुलिस के कई वाहनों में तोड़फोड़ की थी। रेलवे ट्रैक भी जाम कर दिया गया था।
गुस्साई भीड़ ने बच्ची की मौत में शामिल होने के शक में एक युवक को पीट-पीटकर मार डाला था। बाद में पुलिस जांच में पता चला कि भीड़ का शिकार हुआ वह व्यक्ति पूरी तरह से निर्दोष था।
CM शुभेंदु अधिकारी ने दिया था न्याय का भरोसा
इस घटना ने पूरे राज्य की राजनीति को गरमा दिया था। एनकाउंटर से ठीक पहले, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) मंगलवार को बारुईपुर पहुंचे थे।
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उन्होंने पीड़ित बच्ची के माता-पिता से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का भरोसा दिया था।
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मुख्यमंत्री ने इस गंभीर मामले की त्वरित जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन भी किया है।
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इसके अलावा, सीएम ने डीजीपी (DGP) से 72 घंटे के भीतर पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है और चेतावनी दी है कि पुलिस की ओर से 1% भी लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, इलाके में शांति बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।











