“उत्तर प्रदेश पुलिस ने शनिवार को स्थानीय मौलवी और इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के प्रमुख तौकीर रज़ा खान को गिरफ़्तार कर लिया। मौलाना को पुलिस ने जेल भेज दिया है”
बरेली 27 / 09 / 2025 द पॉलिटिक्स अगेन डिजिटल डेस्क
बरेली हिंसा मामले में मौलाना तौकीर रजा को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने तौकीर रजा समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बरेली पुलिस ने टोटल दस FIR दर्ज की है। जिनमें सात FIR में तौकीर राजा का नाम है।
मौके से तमंचे, पेट्रोल की बॉटल, लाठी-डंडे बरामद
पुलिस ने बताया कि शनिवार को तौकीर रजा आठ लोगों को जेल भेजा गया है। कुल 39 लोग हिरासत में लिए गए थे। बाकियों के खिलाफ कागजी कार्रवाई की जा रही है। मौके से तमंचे, पेट्रोल की बॉटल, लाठी-डंडे बरामद किए गए हैं।
बरेली में शुक्रवार की नमाज़ के बाद हुई थी हिंसा
पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि तौकीर रज़ा खान ने ‘आई लव मुहम्मद’ अभियान के समर्थन में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था, जिसके कारण बरेली में शुक्रवार की नमाज़ के बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हुई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, रज़ा ने शुक्रवार रात एक वीडियो बयान जारी कर झड़पों के आधिकारिक बयान को चुनौती दी और दावा किया कि उन्हें अपने अनुयायियों को संबोधित करने से रोका गया और नज़रबंद कर दिया गया।
वीडियो में रज़ा को शुक्रवार की झड़पों में घायल हुए प्रदर्शनकारियों को बधाई देते हुए देखा जा सकता है। उन्होंने कहा, “मैं इस कार्यक्रम में शामिल सभी युवाओं की सराहना करता हूं। जो घायल हुए हैं, वे भी बधाई के पात्र हैं।
सीएम योगी ने उपद्रवियों को चेताया
वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक दिन पहले बरेली में पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच हुई झड़प को लेकर कड़ा रुख अख्तार करते हुए शनिवार को कहा कि दंगाइयों को ऐसा सबक सिखाएंगे कि आने वाली पीढ़ी दंगा करना भूल जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने सख्त संदेश दिया है कि कानून-व्यवस्था में खलल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हिंसा में 22 पुलिसकर्मी घायल
बता दें कि बरेली में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद एक मस्जिद के बाहर इकट्ठा हुए स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। जिले में धारा 163 लागू है।
पुलिस ने बताया कि घटना के दौरान 22 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और घटनास्थल से कारतूसों वाली पिस्तौल, पेट्रोल की बोतलें और डंडे बरामद किए गए हैं। पुलिस ने आगे कहा कि भीड़ ने बैरिकेड्स तोड़ने और हिंसा भड़काने की कोशिश की थी।
सीसीटीवी फुटेज, मैनुअल इंटेलिजेंस और अन्य जांच तकनीकों का इस्तेमाल करके, अधिकारी हिंसा में शामिल सभी लोगों की पहचान कर रहे हैं।
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